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    आतंकवाद के खिलाफ संयुक्त प्रयास जरूरी : प्रणब (लीड-3)

    By Staff
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    इस्लामाबाद, 20 मई (आईएएनएस)। भारत ने पाकिस्तान से कहा है कि आतंकवाद के समूल नाश के लिए वह भारत के साथ कंधे से कंधा मिलाए और एक सयुंक्त अभियान चलाए। साथ ही भारत ने यह भी स्पष्ट किया है कि दोनों देशों के बीच वार्ता का भविष्य आतंकवाद व हिंसा से मुक्त वातावरण पर ही निर्भर करेगा।

    इस्लामाबाद, 20 मई (आईएएनएस)। भारत ने पाकिस्तान से कहा है कि आतंकवाद के समूल नाश के लिए वह भारत के साथ कंधे से कंधा मिलाए और एक सयुंक्त अभियान चलाए। साथ ही भारत ने यह भी स्पष्ट किया है कि दोनों देशों के बीच वार्ता का भविष्य आतंकवाद व हिंसा से मुक्त वातावरण पर ही निर्भर करेगा।

    पाकिस्तानी विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी से वार्ता के लिए अपने दो दिवसीय पाक दौरे पर मुखर्जी आज इस्लामाबाद पहुंचे। यहां पहुंचते ही उन्होंने कहा, "मेरा हालिया दौरा पाकिस्तान के नए लोकतांत्रिक वातावरण में हो रहा है। लोकतंत्र बहाली के लिए हुए आम चुनावों की सफलता पर हम पाकिस्तान की जनता को बधाई देते हैं।"

    मुखर्जी ने आज यहां पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) के मुखिया नवाज शरीफ और पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के सह अध्यक्ष आसिफ अली जरदारी से अलग-अलग भेंट की।

    उन्होंने इन नेताओं से दोनों देशों के बीच चल रही शांति प्रक्रिया को आगे बढ़ाए जाने के रास्तों पर विचार-विमर्श किया। इस दौरान उन्होंने सीमापार आतंकवाद के बारे में भारत की चिता से भी दोनों नेताओं को अवगत कराया।

    सूत्रों के मुताबिक मुखर्जी ने इस वार्ता में आतंकवाद के मसले पर दोनों देशों के बीच खुफिया जानकारी के आदान-प्रदान की वकालत की। मुखर्जी के इस विचार का दोनों नेताओं ने स्वागत किया।

    मुखर्जी ने कहा, " मुझे विश्वास है कि शांति, स्थिरता और आर्थिक विकास से संबंधित मुद्दों को संबोधित करने के लिए मौजूदा वातावरण सहायक साबित होगा।" इससे पहले यहां पहुंचने पर मुखर्जी का शानदार स्वागत किया गया।

    मुखर्जी का बुधवार को पाकिस्तानी प्रधानमंत्री युसूफ रजा गिलानी से भी मिलने का कार्यक्रम है। बाद में वह राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ से भी भेंट करेंगे।

    मुखर्जी ने कहा कि दोनों देशों के बीच चल रही वार्ता में काफी प्रगति हुई है और हम उम्मीद करते हैं कि आगे जो वार्ता होगी उससे दोनों मुल्कों में शांति, स्थिरता, लोगों से संपर्क और त्वरित आर्थिक विकास की राह मजबूत होगी।

    उन्होंने कहा कि इस दौरान कई राजनीतिक, आर्थिक और क्षेत्रीय प्रस्ताव विचारार्थ है और उनके क्रियान्वयन पर विचार किया जाना है।

    मुखर्जी ने हालांकि इस दौरान बातचीत के सकारात्मक संकेत दिए लेकिन साथ ही उन्होंने सीमापार आतंकवाद के मुद्दे पर भारत की चिंता से भी पाकिस्तान को अवगत कराया। एक बयान में उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच वार्ता का भविष्य आतंकवाद व हिंसा से मुक्त वातावरण पर निर्भर करेगा।

    आतंकवाद के बढ़ते खतरे पर अपनी चिंता जताते हुए मुखर्जी ने पाकिस्तान की पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय बेनजीर भुट्टो की हत्या पर भी गहरी संवेदना जताई।

    उन्होंने कहा कि आतंकवाद के समूल नाश के लिए जरूरी है कि दोनों देश कंधे से कंधा मिलाकर काम करे। यही बेनजीर भुट्टो को सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

    इस बीच, भारतीय विदेश सचिव शिवशंकर मेनन और पाकिस्तानी विदेश सचिव सलमान बशीर के बीच समीक्षा वार्ता पूरी हो गई। दोनों ने समग्र बातचीत की प्रगति पर संतोष जताया।

    दोनों देशों के बीच हो रही इस बातचीत में आपसी विश्वास बहाली के लिए उठाए जाने वाले कदमों पर जोर दिया गया।

    बैठक के बाद एक संयुक्त बयान में दोनों देशों की ओर से कहा गया कि विदेश सचिवों की बैठक में पिछले साल हुई चौथे दौर की समग्र वार्ता की समीक्षा की गई और तय किया गया कि चार वर्ष पुरानी शांति प्रक्रिया को ही आगे बढ़ाया जाएगा।

    इस बैठक में दोनों देशों की ओर से शांति व सुरक्षा, विश्वास बहाली की स्थापना, जम्मू व कश्मीर, सियाचीन, सर क्रीक, वूलर बराज, आतंकवाद, आर्थिक व वाणिज्यिक सहयोग जैसे आठ मुद्दों पर चर्चा हुई।

    गौरतलब है कि पाकिस्तान में मार्च में नई लोकतांत्रिक सरकार के शपथग्रहण के बाद दोनों देशों के बीच यह पहली द्विपक्षीय बातचीत है। दोनों विदेश सचिवों की बातचीत बुधवार को होने वाली दोनों देशों के विदेश मंत्रियों की बातचीत के लिए पृष्ठभूमि तैयार करने के लिए थी।

    इसके अलावा दोनों देशों के बीच आवाजाही की सुविधा को और बढ़ाने के लिए बस सेवाओं के विस्तार पर पर भी बातचीत हुई।

    इस बीच सत्तारुढ़ गठबंधन का नेतृत्व कर रही पाकिस्तानी पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के सह अध्यक्ष आसिफ अली जरदारी ने कहा है कि भारत के साथ शांतिपूर्ण संबंधों का निर्माण ही पाकिस्तान की प्राथमिकता है।

    वहीं दूसरी ओर इस्लामाबाद में आज शुरू हुई भारत-पाकिस्तान शांति वार्ता के विरोध में भारत में जम्मू के कई इलाकों में प्रदर्शन किए गए। विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल और शिव सेना के कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन कर पाकिस्तानी नेताओं के साथ ही विदेश मंत्री प्रणब मुखर्जी के पुतले जलाए।

    इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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