रेलवे की तर्ज पर चलाए जाएं विकास कार्यक्रम : भारतीय अमेरिकी अर्थशास्त्री
नई दिल्ली, 20 मई (आईएएनएस)। भारी घाटे से उबर कर लाभ कमा रही भारतीय रेलवे को मार्गदर्शक बनाकर देश से गरीबी का उन्मूलन किया जा सकता है। इसके लिए रेलवे की तर्ज पर देश में विकास कार्यक्रमों को क्रियांवित करना होगा। यह कहना है 'मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नालॉजी' में अर्थशास्त्र के प्रोफेसर अभिजीत विनायक बनर्जी का।
भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) और 'एस्पेन इंस्टीट्यूट इंडिया' द्वारा आज यहां आयोजित एक कार्यक्रम में बनर्जी ने यह बात कही। 'क्या हम गरीबी से प्रभावी ढंग से लड़ रहे हैं' विषय पर आयोजित व्याख्यान में बनर्जी ने कहा कि आर्थिक शक्ति के रूप में उभरते भारत में गरीबी एक चुनौती है।
बनर्जी ने कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की ग्रामीण इलाकों तक पहुंच नहीं होने के कारण यह समस्या और भी गंभीर हो गई है। उन्होंने कई राज्यों में गरीबी उन्मूलन के लिए उचित कदम नहीं उठाए जाने पर चिंता व्यक्त की।
बनर्जी ने कहा कि गरीबी को खत्म करने के लिए सरकार के साथ-साथ गैर सरकारी संगठनों को भी आगे आना होगा। उन्होंने 'प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना' की सफलता के बारे में कहा कि सरकार की इस महत्वाकांक्षी परियोजना के कारण ही आज गांव पक्की सड़कों से जुड़ रहे हैं।
बनर्जी ने सुझाव दिया कि ग्रामीण स्तर पर शिक्षा के प्रसार के लिए पंचायतों में अभियान चलाया जाना चाहिए और साथ ही ग्रामीण इलाकों में अस्पताल की सुविधा मुहैया कराई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि इन सभी कदमों के अलावा समाज में जागरूकता फैलाने की भी जरूरत है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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