पाक में राष्ट्रपति व मुख्य न्यायाधीश की ताकत कम करने की कवायद
इस्लामाबाद, 20 मई (आईएएनएस)। पाकिस्तान सरकार राष्ट्रपति और सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश की शक्तियों में कटौती करने के लिए संविधान में संशोधन की तैयारी कर रही है।
विडंबना यह है कि गठबंधन सरकार का नेतृत्व कर रही पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) को संशोधन विधेयक को संसद में पारित करवाने के लिए राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ के समर्थक दलों का सहारा लेना पड़ सकता है।
ऐसा इसलिए है क्योंकि पीपीपी अपने गठबंधन साझीदार पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) पर इसके लिए भरोसा नहीं कर सकती। पिछले सप्ताह पीएमएल-एन ने अपने नौ मंत्रियों को सरकार से वापस बुला लिया था। उच्चतम न्यायालय के न्यायधीशों की बहाली के मुद्दे पर गठबंधन में एक राय कायम नहीं हो सकी थी।
अनुच्छेद 6 में संशोधन के लिए 18वां संविधान संशोधन विधेयक अगले महीने बजट सत्र के दौरान लाया जाएगा। अनुच्छेद-6 के तहत राष्ट्रपति द्वारा कानूनों का अतिक्रमण करने पर राष्ट्रद्रोह का मुकदमा चलाया जा सकता है, लेकिन यह अनुच्छेद राष्ट्रपति को ऐसा आरोप लगने की स्थिति में सर्वोच्च न्यायालय की शरण में जाने की छूट देता है। संशोधन द्वारा राष्ट्रपति का यह अधिकार छीन लिया जाएगा।
प्रस्तावित संविधान संशोधन के बारे में पीपीपी के सह अध्यक्ष आसिफ अली जरदारी और कानून मंत्री फारुक एच. नायक के बीच कल शाम बातचीत हुई।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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