भारत-पाक वार्ता : प्रणब मुखर्जी करेंगे शीर्ष पाक नेताओं से मुलाकात (लीड-1)
इस्लामाबाद, 20 मई (आईएएनएस)। भारत और पाकिस्तान के बीच शांति प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए दोनों देशों के विदेश सचिवों के बीच चौथे दौर की वार्ता आज से प्रारंभ हो गई। माना जा रहा है कि शांति, सुरक्षा और जम्मू-कश्मीर विवाद सहित विभिन्न मुद्दों पर दोनों देश बातचीत करेंगे। विदेश मंत्री प्रणब मुखर्जी बुधवार को पाकिस्तान के विदेश मंत्री के साथ प्रस्तावित वार्ता से पहले पाकिस्तान के शीर्ष नेताओं से भी मुलाकात करेंगे।
विदेश मंत्री मुखर्जी मंगलवार की शाम यहां आएंगे और राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ, प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी, पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) के नेता नवाज शरीफ और पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के प्रमुख आसिफ अली जरदारी से अलग-अलग मुलाकात करेंगे।
पाकिस्तानी समाचार पत्र 'द नेशन' ने सूत्रों के हवाले से कहा, "मुखर्जी जानना चाहेंगे कि पाकिस्तान के साथ हो रही शांति वार्ता में आखिर अंतिम निर्णय किसका होगा? राष्ट्रपति मुशर्रफ का या फिर प्रधानमंत्री गिलानी का।" एक भारतीय अधिकारी ने बताया कि पीपीपी प्रमुख जरदारी से मुखर्जी की भेंट को महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि वह सत्तारुढ़ गठबंधन का नेतृत्व कर रहे दल के मुखिया हैं।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मोहम्मद सादिक ने कहा, "दोनों विदेश मंत्रियों के बीच होने वाली बैठकआपसी बातचीत के चौथे दौर के दौरान पूर्व की उपलब्धियों का आकलन करने में मदद करेगी। इससे विभिन्न मुद्दों पर आगे बातचीत का मार्ग प्रशस्त होगा।"
दोनों देशों के बीच हो रही इस बातचीत में आपसी विश्वास बहाली के लिए उठाए जाने वाले कदमों पर जोर दिया जाएगा। प्रेक्षकों का मानना है कि पाकिस्तान की नई लोकतांत्रिक सरकार अपने सबसे बड़े पड़ोसी देश के साथ संबंधों को मजबूत करना चाहती है।
गौरतलब है कि पाकिस्तान में मार्च में नई लोकतांत्रिक सरकार के शपथग्रहण के बाद दोनों देशों के बीच यह पहली द्विपक्षीय बातचीत है। दोनों देशों के विदेश सचिवों के बीच आज शुरू हुई बातचीत में एक दूसरे की जेलों में बंद मछुआरों की रिहाई, वीजा नियमों में छूट और विश्वविद्यालय के छात्रों की आवाजाही को आसान बनाने सहित आपसी विश्वास बहाली के विभिन्न मुद्दों पर जोर दिया जाएगा।
दोनों विदेश सचिवों की बातचीत अगले दिन होने वाली दोनों देशों के विदेश मंत्रियों की बातचीत के लिए पृष्ठभूमि तैयार करेगी। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मोहम्मद सादिक ने कहा, "दोनों मंत्रियों के बीच होने वाली बैठकें आपसी बातचीत के चौथे दौर के दौरान पूर्व की उपलब्धियों का आंकलन करने में मदद करेगी। इससे विभिन्न मुद्दों पर आगे बातचीत का मार्ग प्रशस्त होगा।"
इस बीच सत्तारुढ़ गठबंधन का नेतृत्व कर रही पाकिस्तानी पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के सह अध्यक्ष आसिफ अली जरदारी ने कहा है कि भारत के साथ शांतिपूर्ण संबंधों का निर्माण ही पाकिस्तान की प्राथमिकता है।
भारत के विदेश सचिव शिवशंकर मेनन और पाकिस्तानी विदेश सचिव सलमान बशीर के बीच यह बातचीत पाकिस्तान के विदेश विभाग के कार्यालय में शुरू हुई। वार्ता के लिए भारतीय प्रतिनिधिमंडल में पाकिस्तान में भारत के उच्चायुक्त सत्यब्रत पाल और दो संयुक्त सचिव टी.सी.ए. राघवन और नवतेज सरना शामिल हैं।
पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल में भारत में पाक उच्चायुक्त शाहिद मलिक, पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मुहम्मद सादिक और मंत्रालय में दक्षिणी एशिया विभाग के महानिदेशक एजाज अहमद चौधरी शामिल हैं।
गौरतलब है कि पिछली वार्ताओं के विपरीत इस बार दोनों देशों के बीच हो रही बातचीत को स्थानीय समाचार पत्रों द्वारा बहुत अधिक महत्व नहीं दिया जा रहा है।
वहीं दूसरी ओर इस्लामाबाद में आज शुरू हुई भारत-पाकिस्तान शांति वार्ता के विरोध में भारत में जम्मू के कई इलाकों में प्रदर्शन किए गए। विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल और शिव सेना के कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन कर पाकिस्तानी नेताओं के साथ ही विदेश मंत्री प्रणब मुखर्जी के पुतले जलाए।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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