सोलह साल की लड़कियों को बालिग माना जाए : अदालत
नई दिल्ली, 20 मई (आईएएनएस)। दिल्ली की एक अदालत ने बलात्कार और अपहरण के मामले में एक युवा को उसकी प्रेमिका के अपहरण और बलात्कार के मामले से मुक्त करते हुए संसद से अनुरोध किया कि कानून में संशोधन कर 16 वर्ष की आयु की लड़कियों को बालिग श्रेणी में किया जाए।
अतिरिक्त सत्र अदालत के न्यायाधीश राजेंद्र कुमार शास्त्री ने कहा कि मौजूदा सामाजिक परिवेश और पर्यावरण में लड़कियों में जल्द परिपक्वता आ जाती है।
न्यायाधीश ने एक युवा कपिल के मामले में अपने यह विचार रखे। कपिल पर अपनी प्रेमिका का अपहरण और बलात्कार का आरोप था। 2004 में कपिल और उसकी प्रेमिका ने घर से भागकर नेपाल में विवाह कर लिया था।
दोनों के लौटने के बाद लड़की के पिता ने कपिल के खिलाफ मामला दर्ज कराया था। कपिल को नाबालिग लड़की के अपहरण और बलात्कार के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।
लड़की ने पहले आपराधिक दंडप्रक्रिया संहिता की धारा 164 के अधीन पहले बयान दर्ज कराया था कि वह नाबालिग नहीं है, लेकिन बाद में वह कपिल के खिलाफ हो गई थी।
अदालत ने कहा कि कपिल को तीन वर्ष तक यह आरोप झेलने पड़े हैं, लेकिन उसकी कोई गलती नहीं है। अदालत के अनुसार लड़की ने अपने परिवार के दबाव में बयान बदला था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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