सुप्रसिद्ध नाटककार विजय तेंदुलकर नहीं रहे (लीड)
पुणे, 19 मई (आईएएनएस)। सुप्रसिद्ध मराठी नाटककार विजय तेंदुलकर की अंत्येष्टी उनकी मौत के कुछ घंटों बाद ही आज यहां संपन्न हो गई। अंतिम संस्कार सुबह करीब 11 बजे स्थानीय वैकुंठ शवदाह गृह में किया गया।
लंबे समय से बीमार चल रहे तेंदुलकर का स्वास्थ्य कल देर रात अचानक बिगड़ने पर उन्हें तुरंत प्रयाग अस्पताल ले जाया गया जहां आज सुबह करीब आठ बजे चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। वे 80 वर्ष के थे।
अस्पताल के एक चिकित्सक शिरीष प्रयाग ने बताया, "वह पिछले डेढ़ साल से मांसपेशियों की एक बीमारी 'मायेस्थीनिया ग्रेविस' से पीड़ित थे। उन्हें पिछले नवंबर से दो बार अस्पताल में दाखिल कराया गया लेकिन हालत में कोई खास सुधार नहीं हुआ।"
उनके अंतिम संस्कार में शामिल होने आए वरिष्ठ अभिनेता और निर्देशक अमोल पालेकर ने आईएएनस से कहा, "मराठी सिने जगत को उनकी कमी बहुत खलेगी। उन्हें उनके योगदान के लिए हमेशा याद किया जाएगा।"
तेंदुलकर का जन्म छह जनवरी सन 1928 को हुआ था। उनके पुत्र राजा और उनकी पत्नी निर्मला की 2001 में और उनकी अभिनेत्री पुत्री प्रिया की वर्ष 2002 में मौत हो गई थी।
पद्मभूषण सम्मान से सम्मानित इस प्रसिद्ध साहित्यकार ने 'घासीराम कोतवाल', 'सखाराम बाइंडर' जैसे बेहतरीन नाटकों का सृजन किया। इसके अलावा उन्होंने 'मंथन', 'निशांत', 'आक्रोश' और 'अर्धसत्य' जैसी चर्चित फिल्मों की पटकथा भी लिखी। इन सभी को आलोचकों द्वारा बहुत सराहा गया। 'मंथन' के लिए तो उन्हें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार भी दिया गया।
तेंदुलकर को 'संगीत नाटक अकादमी सम्मान' और जीवन भर की उपलब्धियों के लिए 'संगीत नाटक अकादमी की फैलोशिप' प्रदान की गई।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।*












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