आधारभूत सुविधाओं से वंचित है सोनिया गांधी का लोकसभा क्षेत्र

रायबरेली, 18 मई (आईएएनएस)। वैसे तो रायबरेली देश का सबसे हाई-प्रोफाइल लोकसभा क्षेत्र है क्योंकि इसका प्रतिनिधित्व राजनीतिक रूप से देश की सबसे ताकतवार महिला और सत्ताधारी गठबंधन संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) की अध्यक्ष सोनिया गांधी के हाथों में है लेकिन दुर्भाग्य से इसकी हालत भी सूबे के अन्य लोकसभा क्षेत्रों की तरह ही है।

रायबरेली, 18 मई (आईएएनएस)। वैसे तो रायबरेली देश का सबसे हाई-प्रोफाइल लोकसभा क्षेत्र है क्योंकि इसका प्रतिनिधित्व राजनीतिक रूप से देश की सबसे ताकतवार महिला और सत्ताधारी गठबंधन संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) की अध्यक्ष सोनिया गांधी के हाथों में है लेकिन दुर्भाग्य से इसकी हालत भी सूबे के अन्य लोकसभा क्षेत्रों की तरह ही है।

रायबरेली में मुलभूत सुविधाओं मसलन बिजली, पानी और सड़क की कमी है। पिछले बुधवार को रायबरेली आई सोनिया को भी इन समस्याओं से दो-चार होना पड़ा। बहरहाल, वह इन समस्याओं के निदान में जुटी हुई हैं।

इस क्षेत्र में न तो पीने का स्वच्छ पानी है और न ही सिंचाई की सुविधा। केंद्र सरकार ने पिछले दिसम्बर महीने में स्थानीय पूर्वा नहर की सफाई के लिए 10 करोड़ रुपये आवंटित किए थे लेकिन हालात ज्यों के त्यों हैं।

ज्ञात हो कि गत दिसम्बर महीने में सोनिया गांधी जब रायबरेली आई थी तो उन्होंने कहा था कि कई स्थानीय किसान पंजाब का रूख कर रहे हैं और वहां खेतों में मजदूरी कर रहे हैं। क्योंकि खेती-किसानी अब यहां फायदे का सौदा नहीं रहा।

यहां के किसानों को खाद की कमी की समस्या भी झेलनी पड़ रही है,जबकि केंद्र सरकार दावा करती है कि उसने उत्तर प्रदेश को उसके हिस्से का खाद उपलबध करा दिया है।

इस हाईप्रोफाइल लोकसभा क्षेत्र की समस्याएं सिर्फ किसानों तक ही सीमित नहीं है। स्थानीय सड़के खस्ताहाल हैं। इन्हें देखकर यह कहना मुश्किल होता है कि यह कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी का लोकसभा क्षेत्र है।

बिजली की स्थिती भी वैसी ही है। घरों व दुकानों में बिजली नहीं है। स्वास्थ्य केंद्र तो हैं लेकिन उपयुक्त सुविधाओं का अभाव है। स्कूलों की भी स्थिति बेहद खराब है।

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से महज 120 किलोमीटर की दूरी पर बसे रायबरेली लोकसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कभी इंदिरा गांधी किया करती थी और आज इसकी कमान सोनिया गांधी के हाथों में है।

कांग्रेसी नेता व कार्यकर्ता रायबरेली की मौजूदा स्थिति के लिए उत्तर प्रदेश सरकार को जिम्मेदार ठहराते हैं। रायबरेली लोकसभा क्षेत्र में आने वाली सरेनी विधानसभा क्षेत्र के कांग्रेस विधायक अशोक कुमार सिंह कहते हैं, "सोनियाजी हम सबके लिए मां जैसी हैं। उन्होंने यहां विकास से जुड़ी कई परियोजनाएं आरंभ की लेकिन उत्तरप्रदेश सरकार उन योजनाओं का क्रियान्वयन नहीं करती।"

सिंह की बातों से कांग्रेस के स्थानीय नेता भी सहमत हैं। इन नेताओं के मुताबिक राज्य सरकार की बेरूखी के बावजूद सोनिया गांधी ने विकास की दिशा में अथक प्रयास किए लेकिन हकीकत यही है कि रायबरेली आज भी पिछड़ा हुआ है।

हाल में सोनिया गांधी ने यहां नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्न ोलोजी (निफ्ट)की स्थापना करवाई। यहां पायलटों के प्रशिक्षण के लिए सरकारी प्रशिक्षण संस्थान भी है। इसके अलावा चीनी मिल, सीमेंट फैक्टरी और पेपर मिल भी यहां मौजूद है। लेकिन निफ्ट के अलावा सभी मिल, फैक्टरियां व संस्थानों की स्थापना वर्षो पूर्व हुई हैं।

राहलु देव नाम के एक स्थानीय नेता बताते हैं कि रेलवे का एक माल डिब्बा कारखाना यहां स्थापित होना है लेकिन उसके लिए जमीन अधिग्रहित नहीं की जा सकी है।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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