वकीलों ने 'काला दिवस' मनाया, नवाज सरकार से बाहर
इस्लामाबाद, 12 मई (आईएएनएस)। बर्खास्त न्यायाधीशों की पुन: बहाली पर आम सहमति न बनने की सूरत में पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) के गठबंधन सरकार से बाहर होने पर पाकिस्तान में वकीलों ने सोमवार को 'काला दिवस' मनाया।
इस्लामाबाद, 12 मई (आईएएनएस)। बर्खास्त न्यायाधीशों की पुन: बहाली पर आम सहमति न बनने की सूरत में पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) के गठबंधन सरकार से बाहर होने पर पाकिस्तान में वकीलों ने सोमवार को 'काला दिवस' मनाया।
पीएमएल-एन और पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के बीच न्यायाधीशों की बहाली संबंधी कोई समझौता नहीं हो सका है। नवाज शरीफ ने घोषणा की है कि उनका दल सरकार को बाहर से सहयोग देता रहेगा।
संयोगवश गत वर्ष आज ही के दिन मुख्य न्यायाधीश इफ्तिखार मुहम्मद चौधरी की बर्खास्तगी के अवसर पर दंगे हुए थे। वकीलों ने पाकिस्तान के अनेक शहरों में विरोध स्वरूप प्रदर्शन किए और अदालती कार्यवाही भी ठप पड़ी रहीं। उन्होंने बार काउंसिल की इमारत पर काले झंडे भी फहराए।
प्रदर्शनकारी वकीलों का कहना था कि गत वर्ष के दंगों के दोषियों को सरकार सजा दे। दंगों में अनेक बेकसूर लोगों की जानें गई थीं।
प्रदर्शन में सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (एससीबीए), पंजाब बार काउंसिल (पीबीसी), लाहौर हाई कोर्ट बार एसोसिएशन (एलएचसीबीए) और लाहौर बार एसोसिएशन (एलबीए) के वकीलों ने हिस्सा लिया।
इस अवसर पर एससीबीए के उपाध्यक्ष गुलाम नबी भट्टी ने स्वायत्त न्यायपालिका और देश में कानून स्थापित करने की दिशा में वकीलों के बलिदान की तारीफ की।
एलबीए के अध्यक्ष मंजूर कादिर ने मई 12 के दंगों की जांच रिपोर्ट फौरन जारी करने की मांग की।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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