कमजोर रुपये ने शेयर बजारों को आईआईपी की मार से उबारा (लीड)
नई दिल्ली, 12 मई (आईएएनएस)। डालर की तुलना में रुपये में 13 महीनों की गिरावट के मद्देनजर सूचना प्रौद्योगिकी के शेयरों में कारोबार के अंतिम सत्र में हुई लिवाली के चलते घरेलू शेयर बाजार अंतत: तेजी से बंद हुए। औद्योगिक उत्पादन आंकड़ों यानी आईआईपी में गिरावट की वजह से दोपहर के सत्र में शेयर बाजार पर बिकवाली का दबाव देखा जा रहा था। अमेरिकी पूंजी बाजारों में सप्ताहांत आई नरमी की राह पर इससे पूर्व घरेलू शेयर बाजार गिरावट के साथ खुले। एशियाई पूंजी बाजारों में आज मिलाजुला रुख रहा, जबकि घरेलू पूंजी बाजार में कारोबार की समाप्ति के समय यूरोपीय पूंजी बाजारों में तेजी देखी जा रही थी।
नई दिल्ली, 12 मई (आईएएनएस)। डालर की तुलना में रुपये में 13 महीनों की गिरावट के मद्देनजर सूचना प्रौद्योगिकी के शेयरों में कारोबार के अंतिम सत्र में हुई लिवाली के चलते घरेलू शेयर बाजार अंतत: तेजी से बंद हुए। औद्योगिक उत्पादन आंकड़ों यानी आईआईपी में गिरावट की वजह से दोपहर के सत्र में शेयर बाजार पर बिकवाली का दबाव देखा जा रहा था। अमेरिकी पूंजी बाजारों में सप्ताहांत आई नरमी की राह पर इससे पूर्व घरेलू शेयर बाजार गिरावट के साथ खुले। एशियाई पूंजी बाजारों में आज मिलाजुला रुख रहा, जबकि घरेलू पूंजी बाजार में कारोबार की समाप्ति के समय यूरोपीय पूंजी बाजारों में तेजी देखी जा रही थी।
मुंबई स्टाक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक आज 16,546.55 और 16,860.90 के निम्नतम और उच्चतम स्तर के बीच कारोबार करते हुए अंतत: 123.83 अंक यानी 0.74 फीसदी की तेजी से 16,860.90 के स्तर पर बंद हुआ। राष्ट्रीय शेयर बाजार (एनएसई )का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी भी कारोबार की समाप्ति पर 30.05 अंक यानी 0.60 फीसदी की मजबूती से 5,012.65 के स्तर पर दर्ज किया गया। सूचना प्रौद्योगिकी, टिकाऊ उपभोक्ता वस्तुओं , तेल, ऊर्जा व औषधि निर्माण क्षेत्र की कंपनियों के शेयरों में जहां लिवाली का जोर रहा, वहीं रियल्टी व आटो क्षेत्र की कंपनियों के शेयरों में बिकवाली हावी रहा।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार दोपहर के सत्र में आए कमजोर औद्योगिक उत्पादन आंकड़ों ने मंदड़ियों को बिकवाली के लिए प्रेरित किया। केंद्रीय सांख्यिकीय संगठन से जारी आंकड़ों के अनुसार मार्च 2008 के दौरान औद्योगिक उत्पादन विकास दर गिरकर 3 फीसदी तक रह गया। पिछले वर्ष की समान अवधि के दौरान यह 14.8 फीसदी था। फरवरी 2002 के बाद वार्षिक औद्योगिक उत्पादन विकास दर में यह सबसे बड़ी गिरावट है। फरवरी 2000 में औद्योगिक उत्पादन विकास दर गिरकर 2.4 फीसदी तक नीचे चला गया था।
कारोबार के अंतिम सत्र में रुपये में गिरावट की वजह से सूचना प्रौद्योगिकी के शेयरों में उछाल आया और बाजार को नरमी से उबरने में मदद मिली। कारोबार के दौरान आज रुपया गिरकर पिछले 13 महीनों के निम्नतम स्तर यानी 42.04 रुपये प्रति डालर तक नीचे चला गया।
बीएसई के मिडकैप व स्मालकैप सूचकांकों में आज हालांकि नरमी देखने को मिली। मिडकैप सूचकांक जहां 46.75 अंक यानी 0.67 फीसदी गिरकर 6,945.91 के स्तर पर बंद हुआ , वहीं स्मालकैप सूचकांक 102.08 अंक यानी 1.20 फीसदी टूटकर 8,403.56 के स्तर पर दर्ज किया गया। बीएसई में आज कुल 1,023 शेयरों के भाव चढ़े। कुल 1,897 शेयरों के भाव गिरे जबकि 167 शेयरों के भाव में कोई बदलाव नहीं देखा गया।
बीएसई में आज दिन के कारोबार के दौरान जिन कंपनियों के शेयर के भाव चढ़े उनमें प्रमुख हैं: रैनबैक्सी लैब, सत्यम कंप्यूटर्स, आईटीसी, एचडीएफसी, व सुजलान एनर्जी। वहीं जेपी एसोसिएट्स, एम एंड एम, बीपीसीएल, यूनीटेक व एसीसी के शेयरों के भाव गिरे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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