नेपाल में तिब्बती प्रदर्शनकारियों को कड़ी सजा मिले : चीन
काठमांडू, 12 मई (आईएएनएस)। काठमांडू में मार्च से लगभग प्रतिदिन होने वाले चीन विरोधी प्रदर्शनों से कुपित होकर चीन ने नेपाल से प्रदर्शनकारियों को कड़ी सजा देने की मांग की है। चीन ने कहा है कि नेपाल इस मामले में भारत जैसा तरीका अपनाए।
काठमांडू, 12 मई (आईएएनएस)। काठमांडू में मार्च से लगभग प्रतिदिन होने वाले चीन विरोधी प्रदर्शनों से कुपित होकर चीन ने नेपाल से प्रदर्शनकारियों को कड़ी सजा देने की मांग की है। चीन ने कहा है कि नेपाल इस मामले में भारत जैसा तरीका अपनाए।
नेपाल में चीन के राजदूत झेंग जियांगलिन ने कहा, "सरकार द्वारा उन्हें दिन में गिरफ्तार कर रात को छोड़ने का तरीका ठीक नहीं।"
उन्होंने कहा, "कुछ मुट्ठी भर लोगों को राजनीतिक दल भ्रमित कर रहे हैं। वे लोग चीन में मानवाधिकारों पर बात उठा रहे हैं जबकि उन्हें मानवाधिकारों की कोई जानकारी नहीं है।"
उन्होंने कहा दुनिया भर में मानवाधिकार संबंधी कोई एक परिभाषा लागू नहीं जा सकती।
झेंग के अनुसार मानवाधिकार का मतलब जीवन की बुनियादी जरूरतें पूरी करना होता है। चीन का सबसे बड़ा मानवाधिकार तिब्बत को कठमुल्लावाद से मुक्त कराना रहा है।
उन्होंने बताया कि पहले तिब्बत में कोई विद्यालय नहीं था, लेकिन अब वहां सौ से अधिक विद्यालय हैं।
झेंग ने कहा कि नेपाल सरकार को देश में रह रहे तिब्बतियों को कड़े दिशानिर्देश जारी करने चाहिए जिसके अनुसार उन्हें धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों में शिरकत करने की इजाजत तो हो, लेकिन उन पर राजनीतिक आयोजनों में हिस्सेदारी करने पर रोक लगनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि नेपाल में अलगाववादी गतिविधियों में लिप्त दलाई लामा के समर्थकों पर भी कार्रवाई की जाए।
उन्होंने ओलंपिक मशाल दौड़ के दौरान कड़े सुरक्षा इंतजाम करने और चीनी नेताओं की यात्रा से पूर्व तिब्बती प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार करने पर भारत की तारीफ की।
झेंग ने चीन विरोधियों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि उनके मंसूबे नाकामयाब होंगे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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