बढ़ती कीमतें दे सकती हैं अफ्रीका में हरित क्रांति को जन्म
नैरोबी, 12 मई (आईएएनएस)। अफ्रीका में हरित क्रांति के लिए गठबंधन (एजीआरए) के उपाध्यक्ष नाइजीरिया निवासी अकिन अदेसिना का मानना है कि वैश्विक खाद्यान्न संकट एक ओर जहां सारी दुनिया के लिए चुनौती है वहीं वह अफ्रीकी देशों के लिए अवसर बन सकता है।
अदेसिना ने कहा, "दुनिया को खाद्यान्न संकट से उबारने के लिए खाद्य सहायता उपलब्ध कराने से बेहतर है कि अफ्रीकी देश कृषि में विस्तार करें और संकट को दूर करने का यही इसका एकमात्र समाधान है।"
उन्होंने कहा कि अफ्रीकी देशों के लिए यह शर्मनाक है कि पिछले तीस सालों में यहां कृषि विकास में नाकारात्मक वृद्धि हुई है। यहां के ज्यादातर किसान इतना थोड़ा उत्पादन कर रहे हैं कि वह उनके परिवार वालों के लिए ही कम होता है।
पिछले कई दशकों से कृषि क्षेत्र को अफ्रीका में उपेक्षित किया गया है।
कोलंबिया विश्वविद्यालय के क्षेत्रिकी विज्ञानी (ऐग्रोनोमिस्ट) और न्यूयार्क में संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम में सलाहकार प्रेडो सांचेज का मानना है कि वर्तमान खाद्य संकट अफ्रीकी देशों के लिए हरित क्रांति का सबसे उचित अवसर है।
उन्होंने भारत का उदाहरण देते हुए कहा, "सन 1960 में भारत की बढ़ती कीमतों ने ही वहां हरित क्रांति को जन्म दिया था। अफ्रीकी देशों को भारत से प्रेरणा लेनी चाहिए और अपने यहां कृषि को बढ़ावा देना चाहिए।"
अफ्रीका में हरित क्रांति के दौरान चावल का उत्पादन बढ़ाने पर बल दिया जाएगा।
सांचेज ने कहा कि अफ्रीका में हरित क्रांति लाने मे कम से कम दस वर्ष का समय लगेगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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