झारखंड में महिला छात्रावासों की सुरक्षा का जिम्मा पुलिस के हवाले

रांची, 4 मई (आईएएनएस)। झारखंड की राजधानी रांची स्थित महिला छात्रावासों की सुरक्षा अब राज्य की पुलिस को सौंप दी गई है। कुछ छात्राओं पर माओवादी गतिविधियों में शामिल होने का संदेह होने की वजह से यह फैसला किया गया है।

अधिकारियों के अनुसार महिला माओवादी विद्रोहियों ने इन छात्रावासों को शरणस्थलों के रूप में प्रयोग करना शुरू कर दिया है।

सर्वोच्च पुलिस अधिकारियों के अनुसार ये छात्रावास महिला माओवादी गुरिल्लाओं के लिए बिल्कुल सुरक्षित स्थान हैं।

संबंधित अधिकारियों ने आईएएनएस को बताया, "हमें खबर मिली है कि कुछ महिलाएं राज्य के सुदूर इलाकों से पढ़ने रांची आ रही हैं। इनका मुख्य लक्ष्य माओवादी गतिविधियों के लिए काम करना है।"

उन्होंने कहा, "सामान्यत: कॉलेज की छात्राओं पर कोई शक नहीं करता। इनमें से कुछ छात्राएं पूर्णतया समर्पित माओवादी विद्रोही हो सकती हैं जबकि अन्य निर्देश पर काम करने वाली स्थायी माओवादी विद्रोही। इन लड़कियों के पास अब तक की घटनाओं के दस्तावेज मौजूद हो सकते हैं।"

अधिकारियों ने बताया कि चतरा, पलामू, लातेहार, गिरीडीह जैसे कुछ अन्य माओवादी-प्रभावित जिलों से विद्रोहियों ने किसी लड़की को एक बैग रांची पहुंचाने के लिए दिया है।

अधिकारियों ने कहा, "हमारा इरादा सभी छात्राओं पर शक करने का नहीं है। कुछ लड़कियां ऐसी भी होंगी जिन्हें मालूम नहीं होगा कि बैग में क्या है? हम छात्रावास के मालिकों द्वारा गहराई से सबको पहचानने की कोशिश कर रहे हैं।"

उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों रांची से पुलिस ने कुछ माओवादी उग्रवादियों को पकड़ा था। राज्य की सूचना विभाग ने माना है कि धीरे-धीरे रांची माओवादी गुरिल्लाओं के क्रियाकलापों का केंद्र बनता जा रहा है।

गौरतलब है कि राज्य के 18 से 24 जिलों में माओवादी उग्रवादी सक्रिय हैं।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+