लखनऊ में तिब्बतियों ने किया चीन के खिलाफ प्रदर्शन
लखनऊ, 4 मई (आईएएनएस)। तिब्बत में चीन द्वारा की जा रही दमनात्मक कार्रवाई के विरोध में सैंकड़ों तिब्बतियों ने आज राजधानी लखनऊ में प्रदशर्न किया। 9 अप्रैल को नई दिल्ली से बोधगया तक के लिए शुरू हुई तिब्बतियों की पदयात्रा का पड़ाव आज लखनऊ में था। विधान सभा के सामने तिब्बति युवा कांग्रेस के सैंकड़ों कार्यकर्ताओं ने पदयात्रा निकाल कर अपना विरोध प्रकट किया और चीन के राष्ट्रपति हू जिंताओ के खिलाफ नारे लगाये।
तिब्बती युवा कांग्रेस के नेता सोनम दोरजे ने आईएएनएस को बताया कि उनकी भारत सहित अंतर्राष्ट्रीय समुदाय और संयुक्त राष्ट्र से अपील है कि तिब्बत में मानवाधिकार बहाल करायें। वहां हो रही हत्याओं और धरपकड़ को तत्काल बंद करायें और चीन की निंदा कर मामले में हस्तक्षेप करें।
उन्होंने चीन से मांग की कि सम्पूर्ण तिब्बत में तत्काल अंतर्राष्ट्रीय जांच एजेंसी एंव प्रेस को आकर जांच करने की अनुमति दे।
लखनऊ में पदयात्रा निकालने वाले तिब्बतियों ने कहा कि ओलंपिक खेल दुनिया में अमन और भाई चारा को बढ़ावा देने के लिए होते हैं। तिब्बतियों को खून के आंसू रूलाने वाला चीन आलंपिक खेलों की मेजबानी के योग्य नहीं है। वहां ओलंपिक खेल नहीं होने चाहिए।
तिब्बती युवा कांग्रेस के प्रमुख सिचव दोन्डपु ल्हदार ने कहा कि शहीद हुए सैकड़ों वीर तिब्बतियों की याद में यह पद यात्रा 9 अप्रैल को नई दिल्ली से शुरू हुई थी। पदयात्रा वाराणसी होते हुए बोधगया में 4 जून को समाप्त होगी।
उन्होंने कहा कि चीन कभी भी भारत का दोस्त नहीं हो सकता है। इस पूरे मसले पर उन्होंने भारत से चीन की कड़ी निंदा करने की मांग की।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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