केरल की जेलों में हैं क्षमता से ज्यादा कैदी
तिरूवनंतपुरम, 4 मई (आईएएनएस)। केरल की जेलों क्षमता से कहीं ज्यादा कैदियों के होने से जेलों में अराजकता का माहौल तो है ही, साथ ही कैदियों के मानवाधिकारों का भी हनन हो रहा है। यह बात एक अध्ययन के जरिए सामने आई है।
राज्य के लोक निर्माण विभाग द्वारा कराए गए राज्य की 41 जेलों के अध्ययन के अनुसार तीन केंद्रीय जेलों में 6,557 कैदी बंद हैं जबकि वहां की क्षमता सिर्फ 3,666 है।
विभाग ने बताया कि केरल की राजधानी में स्थित केंद्रीय जेल में 713 कैदियों की रहने की जगह है लेकिन वहां 1,536 कैदी हैं। यही हाल वियुर जेल का है जहां 596 कैदी हैं जबकि 376 कैदियों के रहने की ही वहां जगह है।
रिपोर्ट में पाया गया कि कोझीकोड जिले के जेल की क्षमता 138 है लेकिन वहां 347 कैदी भरे हुए हैं।
अपराधविज्ञानी जेम्स वेदकुमचेरी का कहना है, "यह सरासर कैदियों के मूल अधिकारों का हनन है। बात साफ है कैदियों के भी अधिकार होते हैं और उनके मानवाधिकारों की रक्षा की जानी चाहिए।"
सरकार द्वारा स्वीकार किए गए 'मिनिमम स्टेंडर्ड रुल्स आफ द ट्रीटमेंट आफ प्रिजनर अधिनियम 1956' के अंतर्गत जेल की एक बैरक का आकार लगभग 30 वर्ग फु ट का होना चाहिए।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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