एलओसी के पार पाक के मोबाइल टावरों ने बढ़ाईं सेना की चुनौतियां
नई दिल्ली, 4 मई (आईएएनएस)। पाकिस्तान की मोबाइल सेवा प्रदाता कंपनियों द्वारा जम्मू-कश्मीर राज्य में नियंत्रण रेखा (एलओसी) के समीप मोबाइल टावर खड़े किए जाने की सूचना ने भारतीय सुरक्षा बलों के कान खड़े कर दिए हैं।
नई दिल्ली, 4 मई (आईएएनएस)। पाकिस्तान की मोबाइल सेवा प्रदाता कंपनियों द्वारा जम्मू-कश्मीर राज्य में नियंत्रण रेखा (एलओसी) के समीप मोबाइल टावर खड़े किए जाने की सूचना ने भारतीय सुरक्षा बलों के कान खड़े कर दिए हैं।
पाकिस्तानी कंपनियों ने नियंत्रण रेखा से लगे इलाके में कम से कम नौ मोबाइल टावर खड़े किए हैं।
इस वर्ष फरवरी में दूरसंचार विभाग की सतर्कता और दूरसंचार नियामक इकाई द्वारा नियंत्रण रेखा के भारतीय इलाके में 44 स्थानों पर किए गए परीक्षण में पाया गया कि कम से कम 39 भारतीय स्थानों में पाकिस्तानी मोबाइल सिग्नल पहुंच रहे थे।
एक वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी ने गोपनीयता की शर्त पर आईएएनएस को बताया, "पाकिस्तान ने नियंत्रण रेखा के समीप अपने इलाके में नौ मोबाइल टावर खड़े किए हैं जिनके सिग्नल हमारे क्षेत्र में पहुंच रहे हैं। इससे सुरक्षा संबंधी कई दिक्कतें पैदा हो रहीं हैं। यह मामला गृह मंत्रालय के विचाराधीन है लेकिन हमने सुरक्षा उपाय करने शुरू कर दिए हैं।"
एक अन्य अधिकारी ने कहा, "परिस्थितियां विकट हैं। राज्य के सीमावर्ती क्षेत्रों में छिपे आतंकवादी पहले ही अपने पाकिस्तानी आकाओं से बात करने के लिए उनके मोबाइल नेटवर्क का इस्तेमाल कर रहे हैं।"
अधिकारी ने बताया कि पहले हम आतंकवादियों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले वायरलेस संदेशों को पकड़ लेते थे लेकिन चूंकि हम पाकिस्तानी मोबाइल सेवा कंपनियों से उनके फोन टेप करने के लिए नहीं कह सकते इसलिए यह राज्य में आतंकवाद विरोधी अभियान के लिए गहरा झटका साबित हो सकता है।
इस संबंध में अर्ध सैनिक बल के एक अन्य वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि नई चुनौतियों का मुकाबला करने के लिए सुरक्षा बल और खुफिया विभाग राज्य के कुछ चुनिंदा क्षेत्रों में अपने टावर खड़े करना चाहते हैं लेकिन उन्हें इसके लिए केंद्र और राज्य के गृह सचिवों की मंजूरी लेनी होगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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