गंगा पर अमेरिकी शोध ने खींचा उच्चतम न्यायालय का ध्यान

न्यूयार्क, 4 मई (आईएएनएस)। अमेरिका के मोंटाना विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं द्वारा गंगा नदी के प्रदूषण पर किए जा रहे शोध ने भारत के उच्चतम न्यायालय का ध्यान अपनी ओर खींचा है।

शोधकर्ताओं ने लखनऊ की एक सरकारी प्रयोगशाला के साथ मिलकर गंगा के पानी का परीक्षण किया। उन्होंने पाया कि इसमें इंटेरोहाएमोराजक ई.कोली ( ईएचईसी) नामक बैक्टीरिया है। शोध के परिणामों को उच्चतम न्यायालय के सामने प्रस्तुत किया गया है।

गौरतलब है कि यह बैक्टीरिया 1982 में अमेरिका में खोजा गया था और वहां यह हर साल 73 हजार लोगों क ो संक्रमित करता है जिसमें से 60 की हर साल मौत हो जाती है।

शोधकर्ता स्टीव हेमनर ने कहा, "हमें अच्छा लग रहा है कि भारत का उच्चतम न्यायालय हमारे कार्यो पर ध्यान दे रहा है। गंगा नदी बहुत ही सुंदर है लेकिन गंदगी ने इसे दूषित बना दिया है।"

उन्होंने कहा कि यहां के लोगों को गंगा नदी के महत्व को समझना चाहिए और इसे दूषित करने से बचना चाहिए ।

गौरतलब है कि हेमनर गंगा नदी के प्रदूषण पर पिछले पांच साल से काम कर रहे हैं।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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