मणिपुर में घुसपैठियों से निपटने के लिए ग्रामीणों को मिलेंगे हथियार
इंफाल, 4 मई (आईएएनएस)। घुसपैठियों की समस्या से ग्रसित देश के उत्तर-पूर्वी राज्य मणिपुर की सरकार ने आतंकवादियों से सुरक्षा और विद्रोही गतिविधियों पर नियंत्रण के लिए स्थानीय ग्रामीणों को हथियार मुहैया कराने का फैसला किया है।
मणिपुर के सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण मंत्री एन. बीरेन ने कहा, "राज्य मंत्रिमंडल ने पश्चिमी इंफाल और थोउबल जिले के 500 ग्रामीणों कोहथियार चलाने का प्रशिक्षण देने का फैसला किया है।"
योजना के मुताबिक हीरोक गांव के 300 और चाजिंग गांव के 200 पुरुषों को हथियार चलाने का एक महीने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके बाद उन्हें .303 बंदूक दी जाएगी। उन्हें प्रति माह 3,000 रुपये का वेतन भी दिया जाएगा।
ग्रामीणों की इस नई फौज का नाम 'स्पेशल पुलिस फोर्स' होगा, जो जून के मध्य तक अस्तित्व में आ जाएगी।
गौरतलब है कि मणिपुर की सीमा म्यांमार से सटी हुई है। यहां लगभग दो दर्जन विद्रोहियों का समूह सक्रिय हैं जो भारत से मणिपुर के लिए अधिकतम स्वायत्तता की मांग करते रहे हैं।
ग्रामीणों को हथियार संपन्न बनाने की नीति से कई समाज सेवी संस्थाएं और मानवाधिकार समूह सहमत नहीं हैं। वे इस नीति का विरोध कर रहे हैं।
समाज सेवी संस्था 'यूनाइटेड कमेटी मणिपुर' (यूसीएम) का कहना है, "सरकार की इस नीति से समान मूल के अलग अलग विचारधारा वाले लोगों में रक्तपात को बढ़ावा मिलेगा।"
उल्लेखनीय है कि मणिपुर में पिछले एक दशक के दौरान घुसपैठियों से संबंधित हिंसा में 10,000 से अधिक लोग मारे गए हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications