Success Story: 6 भाई-बहन एक-दूसरे से मोटिवेट होकर लगे सरकारी नौकरी, कामयाबी की मिसाल बना जाट परिवार

Success Story Rajasthan: देश-दुनिया के कामयाब लोगों को हम अपना आदर्श इसलिए मानते हैं ताकि उनसे प्रेरित होकर आगे बढ़ सके। हम भी कामयाबी की नई कहानी लिख सकें। इस मामले में राजस्‍थान के एक जाट परिवार की सक्‍सेस स्‍टोरी इस बात से थोड़ी जुदा है, क्‍योंकि इस परिवार के भाई-बहन एक-दूसरे से ही मोटिवेट होकर सफलता की सीढ़ियां चढ़ते चले गए।

कामयाबी की मिसाल वाला यह जाट परिवार राजस्‍थान के झुंझुनूं जिले के गुढ़ागौड़जी के पास गिलों की ढाणी में है। मुखिया विद्याधर गिल खुद शिक्षक व झुंझुनूं के उप जिला प्रमुख रहे। अपने बच्‍चों को ऐसे संस्‍कार दिए कि तीन बेटे व तीन बेटियों में सारे ही सरकारी नौकरी लग गए। बाद में बहू व दामाद भी इनकी सक्‍सेस स्‍टोरी का हिस्‍सा बने।

Success Story of Rajasthan

गिल परिवार में ताजा उपलब्धि राजस्‍थान पुलिस में इंस्‍पेक्‍टर बेटी मनेश गिल ने जोड़ी है। मनेश गिल झुंझुनूं पुलिस में सीआईडी आईडी में कार्यरत हैं। इन्‍हें 9 अप्रैल 2025 को डीजीपी साहब इंटेलिजेंस ने सर्वोत्‍तम सेवा चिन्ह से सम्‍मानित किया है।

Interview of CID IB Inspector Manesh Gill: सीआईडी आईबी इंस्‍पेक्‍टर मनेश गिल का इंटरव्‍यू

वन इंडिया हिंदी से बातचीत में मनेश गिल ने बताया कि उनकी मां पुष्‍पा देवी हाउसवाइफ हैं। पिता विद्याधर गिल झुंझुनूं के परमवीर पीरूसिंह स्‍कूल में शिक्षक हुआ करते थे। शिक्षक संघ शेखावत को प्रदेशाध्‍यक्ष रहे। किसान नेता होने के साथ-साथ झुंझुनूं के उप जिला प्रमुख भी बने। माता-पिता ने सभी छहों बेटे-बेटियों में कभी कोई फर्क नहीं समझा। सबको पढ़ने-लिखने व आगे बढ़ने के समान अवसर दिए।

तीन भाई-बहन नेशनल प्‍लेयर रहे

मनेश गिल कहती हैं कि हम सभी भाई-बहनों ने शुरुआती पढ़ाई गुढ़ागौड़जी के पास गांव भोड़की के सरकारी स्‍कूल से की। उसके बाद नवलगढ़ और झुंझुनूं के स्‍कूल-कॉलेज में पढ़े। खुद मनेश समेत भाई सुभाष, राजपाल व अशोक वॉलीबॉल में राष्‍ट्रीय स्‍तर के खिलाड़ी रहे हैं। भाई सुभाष तो पहले एयरफोर्स में ज्‍वाइन किया। उसके बाद टीचिंग लाइन में आ गए।

भाई-बहनों में किसे-कौनसी नौकरी मिली

1. सुभाष गिल, शिक्षक, राजकीय उच्‍च माध्‍यमिक विद्यालय, राधाकिशनपुरा, सीकर
2. राजपाल गिल, शारीरिक शिक्षक, राजकीय उच्‍च माध्‍यमिक विद्यालय, पिपराली, सीकर
3. राजकुमारी गिल, शिक्षिका, राजकीय प्राथमिक विद्यालय, झुंझुनूं
4. अशोक गिल, पहले भारतीय सेना में लगे थे। फिर आर्मी छोड़ दी। PWD में ठेकेदार हैं।
5. मनेश गिल, इंस्‍पेक्‍टर राजस्‍थान पुलिस, सीआईडी आईबी झुंझुनूं
6. किरण गिल, शिक्षिका, राजकीय प्राथमिक विद्यालय, बड़ागांव झुंझुनूं

दामाद-बहू भी पीछे नहीं

7. योगेश धायल, शिक्षक, राजकीय उच्‍च माध्‍यमिक विद्यालय, गांगियासर
8. सरिता, शिक्षिका, राजकीय उच्‍च माध्‍यमिक विद्यालय, बाजोर सीकर
9. संतोष, शिक्षिका, राजकीय उच्‍च माध्‍यमिक विद्यालय दूजाद, सीकर

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