कौन हैं गहना नव्या जेम्स? जिसने UPSC में AIR-6 पाकर भी ठुकरा दी IAS की नौकरी, जानिए अब क्या कर रहीं?
Gahana Navya James Biography in Hindi: दुनिया की सबसे मुश्किल परीक्षाओं में से संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा (CSE) पास करके हर कोई भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) का अफसर बनना चाहता है। यूपीएससी की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों का सपना होता है कि वे आईएएस बनकर जिला कलेक्टर की कुर्सी पर बैठे।
वैसे भी यूपीएससी में जिस अभ्यर्थी के अखिल भारतीय स्तर पर (IAS) जितनी कम रैंक आएगी, उसका आईएएस बनने का चांस भी उतना ही अधिक होगा, मगर हम आपको मिलवा रहे हैं यूपीएससी की एक टॉपर से, जिसने खुद ही आईएएस अफसर बनने का मौका गंवा दिया।

हम बात कर रहे हैं गहना नव्या जेम्स की। इन्होंने यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा 2022 में ऑल इंडिया 6th रैंक हासिल की थी। रैंक टॉप टेन में होने के बावजूद गहना नव्या जेम्स आईएएस अधिकारी नहीं बनी।
सबसे जानिए आखिर गहना नव्या जेम्स कौन हैं और यूपीएससी टॉपर बनने के बाद आईएएस की नौकरी ठुकराकर गहना आजकल कहां-क्या कर रही हैं?

गहना नव्या जेम्स का जीवन परिचय, यूपीएससी रैंक, आयु, परिवार, शिक्षा (Gehna Navya James Biography, UPSC Rank, Age, Family, Education)
- नाम- गहना नव्या जेम्स
- जन्म- 1998
- जन्म स्थान- पाला, जिला कोट्टायम, केरल
- माता का नाम-दीपा जॉर्ज
- पिता का नाम-चिरक्कल जेम्स (रिटायर्ड प्रोफेसर)
- रैंक-6Th AIR यूपीएससी सीएसई 2022
- रोल नंबर-2409491
- कुल प्राप्तांक-1054
- माध्यम-अंग्रेजी
- सर्विस प्राथमिकता-IFS
- प्रयास-दो बार
- ऑप्शनल सब्जेक्ट-PSIR
- स्कूल शिक्षा-चावरा पब्लिक स्कूल से 10वीं, सेंट मैरी स्कूल से 12वीं
- उच्च शिक्षा-अल्फोंसा कॉलेज पाला केरल से हिस्ट्री में बीए, सेंट थॉमस कॉलेज केरल से पॉलिटिकल साइंस में एमए (प्रथम स्थान), महात्मा गांधी विश्वविद्यालय से इंटरनेशनल रिलेशन में पीएचडी, यूजीसी नेट परीक्षा में जूनियर रिसर्च फेलोशिप

गहना नव्या जेम्स के नंबर
बताया जाता है कि गहना नव्या जेम्स ने बिना कोचिंग यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा 2022 दूसरे प्रयास में पास की है। ना ही लिखित परीक्षा पास करने के बाद कभी कोई मॉक इंटरव्यू दिए। नव्या ने लिखित परीक्ष में 861 अंक हासिल किए। इंटरव्यू में 193 अंक पाए। कुल नंबर 1054 मिले।
गहना नव्या जेम्स क्यों नहीं बनीं आईएएस अफसर?
मीडिया से बातचीत में गहना नव्या जेम्स ने कहा कि वे अपने चाचा सीबी जेम्स को आदर्श मानती हैं। वे भारतीय विदेश सेवा (IFS) के अफसर हैं, जो जापान में राजदूत हैं। ऐसे मे गहना ने भी आईएएस की बजाय आईएफएस को चुना। फिलहाल ये भी अपने चाचा की तरह भारतीय विदेश सेवा की अफसर हैं।

क्या टॉपर छोड़ सकते हैं आईएएस की नौकरी?
- दरअसल, यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा देने वालों को DAF (Detailed Application Form) भरना होता है। यूपीएससी की आधिकारिक वेबसाइट पर ऑनलाइन भरकर अपलोड किए जाने वाले DAF अभ्यर्थी की पूरी जानकारी होती है।
- DAF में इस बात का भी उल्लेख करना होता है कि IAS, IPS व IFS जैसी सर्विस में प्राथकिता क्या है? मतलब सफल होने पर कौनसी करना चाहोगे? अधिकांश अभ्यर्थी आईएएस को प्राथमिकता देते हैं, मगर गहना नव्या जेम्स जैसे अभ्यर्थी अगर आईएएस की बजाय आईएफएस को प्राथमिकता देते हैं तो सफल होने पर रैंक व उपलब्ध पदों को ध्यान में रखते हुए इनको आईएफएस पद मिलता है।
{document1}












Click it and Unblock the Notifications