मिलिए 2014 बैच की IPS अधिकारी Sakshi Verma से, इस 'लेडी सिंघम' के नाम से आजतक कांपते हैं नशे के कारोबारी
Sakshi Verma IPS: 2014 बैच की आईपीएस अधिकारी साक्षी वर्मा (Sakshi Verma IPS) और कुल्लू की SP इन दिनों सुर्खियों में बनी हुई है। दरअसल, उन्होंने हिमाचल प्रदेश में आई प्राकृति आपदा (बारिश, बाढ़ और भूस्खलन) के दौरान राहत एवं बचाव कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
कुल्लू की एसपी साक्षी वर्मा के काम की तारीफ खुद कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी की। प्रियंका गांधी ने कहा कि जिस कुशलता से राहत एवं बचाव कार्यों की कमान संभाल कर लोगों की जान बचाई है, यह बहुत गर्व की बात है। तो चलिए जानते हैं IPS अधिकारी साक्षी वर्मा की सक्सेस स्टोरी के बारे में...

2014 बैच की साक्षी वर्मा अपने दबंग अंदाज के लिए काफी मशहूर है और हिमाचल प्रदेश कैडर की आईपीएस अधिकारी है। पंजाब से ताल्लुक रखने वाली साक्षी वर्मा ने भारत की सबसे मुश्किल परीक्षाओं में से एक यूपीएससी का एग्जाम चौथे प्रयास में क्रैक किया और IPS अधिकारी बन गई।
साक्षी वर्मा ने जिस वक्त UPSC का एग्जाम क्रैक किया था, उस समय वह महज 28 साल की थीं। साक्षी वर्मा ने UPSC की परीक्षा में 175वीं रैंक हासिल की थी और वह सबसे कम उम्र में एसपी बनने वाली महिला पुलिस अधिकरियों में से एक हैं। इस वक्त साक्षी वर्मा की तैनाती कुल्लू जिले में है।
आईपीएस अधिकारी साक्षी वर्मा का जन्म 31 अगस्त 1989 को पंजाब के राजपुरा में हुआ था। एसपी वर्मा और रमा वर्मा की बेटी साक्षी वर्मा की शुरुआती पढ़ाई पंजाब के राजपुरा में हुई थी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, साक्षी ने आईसीएल पब्लिक स्कूल राजपुरा (पटियाला) और एसडी कॉलेज चंडीगढ़ से अपनी पढ़ाई की।
आईपीएस अधिकारी साक्षी के पिता एसपी वर्मा ऑरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स से वरिष्ठ प्रबंधक और माता रमा वर्मा सरकारी स्कूल से प्रवक्ता के रूप में सेवानिवृत्त हुई हैं। आपको बता दें कि साक्षी को IPS अधिकारी बनने के लिए उनके पिता स्कूल के दिनों से ही प्रेरित करते थे। इसलिए उन्होंने UPSC की तैयारी कॉलेज की पढ़ाई के बाद शुरू कर दी थी।
साक्षी वर्मा ने सिविल सर्विस एग्जाम में ऑप्शनल सब्जेक्ट के तौर पर इतिहास को रखा था। साक्षी ने अपने चौथे प्रयास में यूपीएससी की परीक्षा को क्रैक किया और आईपीएस अधिकारी बन गई। कुल्लू और किन्नौर की एसपी बनने से पहले साक्षी वर्मा शिमला में बतौर एसएसपी पोस्टेड थीं।
इस दौरान उन्होंने नशे की तस्करी करने वाले कारोबारियों के खिलाफ अभियान छेड़ा और उनकी नाम में दम कर दिया था। साक्षी वर्मा ने साल 2017 की शुरुआत में शिमला के उपनगर संजौली में दबिश देकर ब्राउन सुगर सप्लायर को उसकी कार के साथ रंगे हाथों पकड़ा था।
नशे के काले कारोबार पर नकेल कसने के बाद से साक्षी वर्मा पूरे हिमाचल प्रदेश में लेडी सिंघम के नाम से मशहूर हो गईं। प्रमोशन और जिले में पदभार संभालने के बाद आईपीएस अधिकारी साक्षी वर्मा का पहला फोकस महिलाओं की सुरक्षा प्रदान करना था। इसलिए उन्होंने जिले में गुड़िया हेल्पलाइन, शक्ति बटन जैसी सर्विस लॉन्च की हैं। इतना ही नहीं, होशियार सिंह हेल्पलाइन भी चलाई।












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