मिलिए साइकिल पर लाइट लगाने वाली Khushi Pandey से, IAS ऑफिसर ने वीडियो शेयर कर कही ये बात

मिलिए खुशी पांडेय से जो 'साइकिल पे लाईट लगवालो' का बोर्ड लेकर उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ की सड़कों पर खड़ी नजर आती है। सोशल मीडिया पर खुशी पांडेय के कई वीडियो भी वायरल हो रहे है।

Khushi Pandey

Khushi Pandey: 'साइकिल पे लाईट लगवालो' का बोर्ड लेकर खड़ी यह लड़की इन दिनों सोशल मीडिया पर काफी चर्चाओं में है। रात को अंधेरे में साइकल से जाने वालों लोगों को यह लड़क रोकती है और फ्री में उनकी साइकल में बैटरी से चलने वाली लाइट लगाती है। ताकि, रात के अंधेरे में लोग दुर्घटना का शिकार न हों। साइकल पर लाइट लगाने वाली 23 वर्षीय लड़की का वीडियो वायरल हुआ तो खुद आईएएस ऑफिसर अवनीश शरण ने भी इस अपने ट्वीटर हैंडल से शेयर किया है। साथ ही, लोगों की साइकिलों पर लाइट लगाने के उसके काम की सराहना की है। आइए जानते है साइकल पर लाइट लगाने वाली 23 साल की खुशी पांडेय के बारे में....

18 साल की उम्र में ठानी थी समाज सेवा करना

18 साल की उम्र में ठानी थी समाज सेवा करना

खुशी पांडेय 23 साल की है और उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के आशियाना इलाके में रहती है। जब वह महज 18 साल की थी तो उन्होंने समाज सेवा करने की ठानी ली थी। दरअसल, दिसंबर 2020 की एक रात घने कोहरे में दुकान से घर लौटते समय 56 वर्षीय कैलाश नाथ तिवारी की साइकल में कार सवाल ने पीछे टक्कर मार दी थी। इस हादसे में कैलाश नाथ तिवारी की मौत हो गई थी, वह खुशी पांडेय के नाना थे। उनकी मौत के खुशी को झकझोर कर रख दिया था और उसने ठान लिया कि ऐसे हादसे रोकने के लिए कुछ न कुछ जरूर करेंगी।

खुशी पांडेय ने शुरू किया वाइब्रेंट लाइट लगाना

खुशी पांडेय ने शुरू किया वाइब्रेंट लाइट लगाना

इस हादसे के बाद खुशी पांडेय ने जरूरतमंद लोगों की साइकिल की बैक साइड पर वाइब्रेंट लाइट लगाना शुरू किया। अक्सर खुशी पांडेय लखनऊ की सड़कों और प्रमुख चौराहों पर एक बोर्ड पकडे नजर आती है, जिसपर लिखा होता है 'साइकिल पे लाइट लगवाओ'। खुशी की इस कोशिश को सोशल मीडिया पर लोग खूब सराह रहे हैं और उनके वीडियो इंटरनेट पर लोगों का दिल जीत रहा है। कई सोशल मीडिया यूजर्स ने खुशी पांडेय के इन प्रयासों की प्रशंसा की है।

अपने खर्च पर साइकिल में लगाती है लाइट

अपने खर्च पर साइकिल में लगाती है लाइट

सबसे खास बात यह है कि खुशी पांडेय लोगों की साइकिल पर लाइट अपने खर्च पर लगवाती है। लाइट लगाने के उन लोगों से कोई पैसा नहीं लिया जाता है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, खुशी अभी तक 1500 से ज्यादा साइकिलों पर लाइट वाइब्रेंट लाइट लगा चुकी हैं। ये लाइटें बैटरी से चलती हैं जिसे चार्ज किया जा सकता है। अंधेरे में रोशनी पड़ने पर ये लाइट चमकती है। एक लाइट की कीमत होलसेल में लेने पर करीब साढ़े तीन सौ रुपये पड़ती है।

लॉ की छात्रा हैं खुशी पांडेय

लॉ की छात्रा हैं खुशी पांडेय

23 साल की खुशी पांडेय लखनऊ में एक प्राइवेट यूनिवर्सिटी से खुशी खुद लॉ कर रही हैं। खुशी ने बताया कि वह लॉ की पढ़ाई के बाद आगे एमएसडब्ल्यू की पढ़ाई करना चाहती हैं। साथ ही, वह साइकल सवारों की जान बचाने के लिए यह अभियान पूरे प्रदेश में शुरू करना चाहती हैं। खुशी के इस अनूठे प्रयास को धीरे-धीरे युवाओं का साथ मिलने लगा है। इस अभियान को बढ़ाने के लिए अब 80 से ज्यादा युवा उनके साथ जुड़ चुके हैं। अब साइकल के साथ ट्रक और दूसरे वाहनों पर भी रिफ्लेक्टर लगाना शुरू कर दिया है।

कुछ ऐसे इंताम करती है पैसों का

कुछ ऐसे इंताम करती है पैसों का

खुशी पांडेय ने मीडिया से बातचीत में बताया कि इस काम के लिए पैसे की कमी न हो, इसलिए वो सोशल मीडिया और यूट्यूब पर लीगल फर्म के माध्यम से लॉ के छात्रों को पढ़ाने का काम करती हैं। पार्ट टाइम जॉब समेत वह कई काम करती है, जिससे वो महीने में 60-70 हजार रुपये कमा लेती हैं। वहीं, कुछ रिश्तेदार और समाजसेवा से जुड़े कुछ लोग उनके इस कार्यों को बढ़ावा देने के लिए रुपये डोनेट भी करते हैं। खुशी ने बताया कि अभी उनके द्वारा जो काम किए जा रहे हैं, उसके लिए एक महीने में करीब 80-90 हजार रुपये खर्च हो जाते हैं, लेकिन इसके अलावा भी कई प्रोजेक्ट हैं, जिन पर काम करना है। उसके लिए फंड इकट्ठा नहीं हो पा रहा है।

गरीब बच्चों को पढ़ाती है खुशी

गरीब बच्चों को पढ़ाती है खुशी

खुशी के पिता बिंदा प्रसाद पांडेय बताते हैं कि 18 बरस की उम्र से ही खुशी ने अपने मुहल्ले के आसपास झोपड़पट्टी में रहने वाले बच्चों को ओपन क्लास में पढ़ाना शुरू कर दिया था। यह सिलसिला अब भी जारी है। शाम के वक्त घर के पास ही बने पार्क में 50 से ज्यादा बच्चों को हर दिन दो घंटे क्लास देती हैं और बच्चों के माता-पिता को शिक्षा के महत्व के प्रति जागरूक कर रही हैं। खुशी ग्रामीण इलाकों में महिलाओं को माहवारी के वक्त सैनेटरी पैड का इस्तेमाल करने के लिए भी जागरूक कर रही हैं। इस अभियान के लिए वॉलंटियर की एक टीम तैयार की है। ये टीम गांवों में महिलाओं और उनकी बेटियों को सैनेटरी पैड का इस्तेमाल करने के लिए जागरूक करती है।

लोग देते हैं आशीर्वाद

लोग देते हैं आशीर्वाद

खुशी बताती हैं कि शुरुआत में लोग साइकल पर लाइट लगाने के लिए तैयार नहीं हो रहे थे। तब उन्हें सड़क हादसों से जुड़े कई वीडियो दिखाए और जागरूक किया। तब कहीं जाकर साइकल सवार लाइट लगवाने को तैयार हुए। जब वह लोगों को रोक कर उनकी साइकिल में रेड लाइट लगाने लगती हैं तो लोग समझते हैं कि वह इसके लिए पैसे लेंगी। लेकिन, जब वह इसके पीछे की कहानी बताती हैं और इसके नि:शुल्क होने की जानकारी उन्हें देती है तो लोग खूब आशीर्वाद देते हैं।

Awanish Sharan IAS ने शेयर किया दिल छू लेने वाला पोस्ट

आईएएस अधिकारी अवनीश शरण सोशल मीडिया पर अक्सर दिल छू लेने वाले पोस्ट शेयर करते रहते हैं। हाल ही में उन्होंने खुशी पांडेय का वीडियो अपने ऑफिशियल ट्विटर हैंडल से ट्वीट किया है। जो सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए साइकिलों पर सेफ्टी लाइट लगाने का काम करती है। साथ ही कैप्शन में लिखा, 'God Bless You'। वहीं, अब यह वीडियो इंटरनेट पर लोगों का दिल जीत रहा है। सोशल मीडिया यूजर्स ने खुशी पांडे के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए लिखा, 'इस महान भाव के लिए आशीर्वाद'।

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