Bharathi: महिला मजदूर ने की कैमेस्ट्री में की PHD, पढ़ें भारती की जोश से भर देने वाली Success Story
Bharti Success Story: "कठिन परिस्थितियों में कुछ लोग टूट जाते हैं वहीं कुछ लो रिकार्ड तोड़ते हैं।" हैदराबाद की मजदूर महिला साके भारती ने कुछ ऐसा ही कमाल कर दिखाया है। खेत में मजूदरी करने वाली भारती ने रसायन विज्ञान जैसे कठिन विषय में अपनी रिसर्च पूरी कर पीएचडी की डिग्री हासिल की है।
सुनकर आप चौक तो गए होंगे लेकिन ये सच हैं। भारती ने गरीबी और विपरीत परिस्थितियों को झेलते हुए भी हार नही मानी और अपने दृढ़ निश्चय से ये बड़ी उपलब्धि हासिल की है।

भारती के पास ना ही शिक्षा का पर्याप्त अवसर था और ना ही संसाधन, इसके बावजूद चुनौतियों का सामना करते हुए, उनसे जूझते हुए भारती ने दृढ़ता और समर्पण से ये सफलता हासिल की है।
भारती ने नहीं मानी हार, अटल रहा दृढ़ संकल्प
गरीब परिवार में जन्मीं भारती को अपना ये सपना पूरा करने के लिए कई बाधाओं को पार करना पड़ा। घर की सबसे बड़ी बेटी होने के नाते उसकी पढ़ाई में बाधा आती ही रही। पढ़ने की ललक और हमेशा पढ़ाई में अव्वल रहने के बावजूद भारती की शिक्षा को पढ़ने का मौका नहीं मिला। इतनी मुसीबतें आने के बावजूद भारती ने हार नहीं मानी उसका दृढ़ संकल्प अटल रहा।
शादी के बाद पति ने भर दिया नया आत्मबल
परिवार की आर्थिक तंगी के कारण भारती ने खेत में मजदूरी कर अपने परिवार की मदद करने के साथ अपनी पढ़ाई पूरी करने की ठानी, लेकिन उसकी शादी हो गई और जल्द ही एक बच्चे की मां बन गई, लेकिन पति का समर्थन और प्रोत्साहन ने उसके अंदर नया आत्मबल भर दिया।
मां की जिम्मेदारी निभाते हुए पूरी की रिसर्च
भारती की पढ़ने की इच्छा और गरीबी की बेड़ियों से मुक्त होने की इच्छा ने उसे श्री कृष्ण देवराज विश्वविद्यालय में पीएचडी प्रोग्राम में एडमीशन के लिए प्रेरित किया। एक मां की भूमिका निभाते हुए उसने रसायन विज्ञान जैसे विषय में रिसर्च की चुनौतीपूर्ण दुनिया में कदम रखा।
गरीबी को अपनी शिक्षा में नही बनने दी बाधा
भारती का वो अटूट दृढ़ संकल्प और समर्पण था जिसकी बदौलत उसने अपन पढ़ाई जारी रखी। उन्होंने इस धारणा को भी ब्रेक कर दिया कि गरीबी शिक्षा के रास्ते में एक बड़ी बाधा है। कई कठिनाइयों का सामना करने के बावजूद आखिरकार भारत ने पीएचडी थीसिस पूरी की और अब पीएएचडी की डिग्री हासिल का डॉक्टर की उपाधि हासिल कर चुकी हैं।
भारती बनीं और लोगों के लिए प्रेरणा
अभाव के बावजूद भारती की ये उपलब्धि उन सभी के लिए प्रेरणा है जो प्रतिकूल परिस्थितियों से जूझ रहे हैं। उनकी सफलता ने अनगिनत व्यक्तियों में आशा जगाई है,। भारती ने ये साबित कर दिया है कि विपरीत परिस्थितियों के बावजूद अपने सपनों और आकांक्षाओं को पूरा करने लिए ईमानदार कोशिश करते रहना चाहिए।












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