आप लोग चुनाव में लंबी-लंबी फेंको तो ठीक, हम जूता फेंके तो गलत...

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नई दिल्ली। नेताओं के सितारे इस समय ठीक नहीं चल रहे हैं। उत्तर प्रदेश में टिकट कटने पर एक नेता दहाड़ मार-मार कर रोए तो पंजाब में एक नेता को जनता को बताना पड़ा कि उन्हें नोटबंदी का कुछ पता नहीं था, सजा मत देना। पंजाब के सीएम पर तो जूता ही चल गया।

आप लोग चुनाव में लंबी-लंबी फेंको तो ठीक, हम जूता फेंके तो गलत...

अब रजनाथ सिंह को कहना पड़ा है कि वोट ना दीजिए लेकिन जूता तो मत मारिए। नेता भले ही मना करें लेकिन जनता मानने वाली नहीं है। अब जनता नेता पर जूता चला रही है और नेता उन्हें समझा रहे हैं।

नेता- देखिए... आप जो कहेंगे हम मानेंगे लेकिन ये जूतम-जूता नहीं..

जनता- देखिए मंत्री जी... पांच साल तक तो नेता हमे दिखते नहीं हैं, इलेक्शन के दौरान ही आते हैं हमारे पास... तो कुछ हिसाब तो करने ही पड़ेंगे।

नेता... देखिए ये इस तरह का बर्ताव ठीक नहीं है। जूता रख दीजिए, आप बताइए ना परेशानी क्या है।

जनता- सरकार हमें तरह-तरह की बातों से घुमाती रहती है। जनता का दिमाग भन्नोट हुआ पड़ा है। आप हमें दुनिया घुमाओ और हम एक जूता भी घुमाएं तो बुरा मानते हो।

नेता- हम कहां घुमा रहे हैं? पांच साल में पहली बार आए हैं, हम तो आपके इलाके में..

जनता- अरे, आप भले ही नहीं आते लेकिन आपके लंबे-लंबे बयान आते रहते हैं। आपके बयानों से दिमाग को इतना घूमा है कि घुमेर आ रही है। अब तुम मिले हो तो तुम पर ही उल्टेंगे।

नेता- वो बात आपकी मैं मान रहा हूं लेकिन भाईयों इसमें जूता मारने की क्या बात है?

जनता- अरे यही तो जूता मारने की बात है। पिछ्ली दफा कितने वादे किए थे, कहते थे दिन बदलेंगे, अब आए हो ऐसे बात कर रहे हो जैसे जानते ही नहीं...

नेता- मैं आपको आश्वस्त करता हूं... सारे काम किए जाएंगे हमारी सरकार बनने पर...

जनता- अब बताइए, जूता ना मारें तो क्या करें? आप कहते हैं कि सरकार बनने पर काम होगा... अरे गुरू, आप ही की तो सरकार है।

नेता- जी दरअसल, वो तो बस ऐसे ही कहा है.. काम तो लगातार हो रहा है क्षेत्र में... अच्छा आप ये बताइए कि आपने ये जूता फेंकना कहा से सीखा।

नेताजी- आपसे ही तो सीखा है। कभी गौर किया है, कितना लंबा-लंबा फेंकते हो। आप अकेले फेंक रहे थे, तो सोचा कि हम भी आपका साथ दें.. बात तो हमारी कोई सुनता नहीं है, इसलिए जूता घूमा रहे हैं।

(यह एक व्यंग्य लेख है)

हम बता रहे हैं नेताजी.. अगर हमें स्टार प्रचारक ना बनाया गया तो हम संघ प्रचारक बन जाएंगे

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English summary
satire rajnath singh faces angry people in a rally
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