ब्रेन सर्जरी के दौरान आखिर क्यों मरीज को जगाकर रखते हैं डॉक्टर्स? जानें इसके पीछे की वजह
Awake Brain Surgery: अकसर आपने ऐसे मामलों के बारे में सुना होगा, जिसमें मरीज ब्रेन सर्जरी के दौरान या तो पियानो बजाते दिखे हैं या फिर किसी तरह की कोई फिल्म देखते। हाल ही में एक मामला सामने आया, जिसमें एक मरीज ब्रेन सर्जरी के दौरान जूनियर एनटीआर की फिल्म देखती रही। घंटों चली इस सर्जरी में मरीज ये फिल्म देखती हुई नजर आई। अब ऐसे में सवाल उठता है कि शरीर के अन्य अंगों के ऑपरेशन या फिर सर्जरी की तरह ब्रेन सर्जरी में डॉक्टर्स बेहोश क्यों नहीं करते?
क्या होती है अवेक ब्रेन सर्जरी?
ब्रेन सर्जरी के दौरान किसी मरीज के फिल्म देखने या फिर पियानो बजाने का मतलब है कि सर्जरी के दौरान वो जगा हुआ है और सबकुछ समझ रहा है। उसके आसपास क्या हो रहा है, उसे सबकुछ सुनाई पड़ रहा है और समझ में आ रहा है। तो ऐसा क्यों होता है कि मरीज को पूरी सर्जरी के दौरान जगाकर रखा जाता है? चलिये जानते हैं इसके पीछे की खास वजह।

क्यों मरीज को रखा जाता है होश में?
अवेक क्रैनियोटॉमी, एक ऐसी सर्जरी है, जिसमें मरीज को होश में रखकर ऑपरेशन किया जा सकता है। इस तरह के प्रोसीजर में नॉर्मल एनेस्थीसिया से जुखे हुए जोखिम काफी हद तक कम हो जाते हैं। मिस्टर एडवर्ड मैकिन्टोश, एक मशहूर सलाहकार न्यूरोसर्जन, इस बात पर प्रकाश डालते हैं कि ऑपरेशन के दौरान असल समय में दिमाग के काम करने के तरीके को मॉनिटर करने के लिए मरीज को जगाए रखना जरूरी होता है।
सर्जरी तीन चरणों में होती है-
सबसे पहले मस्तिष्क को प्रकट करने के लिए खोपड़ी को खोला जाता है। इसके बाद रोगी को जगाते हुए ट्यूमर को ऑपरेशन के जरिये हटा दिया जाता है।
ट्यूमर को हटाने के दौरान मरीज एकदम सचेत होकर बातचीत कर सकता है। इसके बाद डॉक्टर्स भी मरीज के दिमाग को मॉनिटर कर सकते हैं।
मरीज के अनुभव को आसान बनाने के लिए, सर्जरी नॉर्मल एनेस्थीसिया के तहत शुरू और खत्म होती है, जिसमें दर्द को सुन्न करने के लिए लोकल एनेस्थीसिया लगाया जाता है। इसके अलावा रोगियों की प्यास को बुझाने, सामान्य चिंताओं को दूर करने और सर्जरी प्रोसेस में उनकी भागीदारी बढ़ाने के लिए बर्फ के टुकड़े या नम फोम दिए जाते हैं।












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