पैर में जूते न हो, तब करें शादी की बात
पैर में जूते न हो, तब करें शादी की बात
प्रेमी ने अपनी प्रेमिका से पूछा - डियर ! मैं तुम्हारे पिताजी से शादी की बात किस समय करूं ?
प्रेमिका ने कहा - जब कभी मेरे पिताजी के पैर में जूते न हों।
गांव का शायर
गांव का वह शायर प्रेमी बेचारा बडा ही शर्मीला था जब उसका प्रेम शहर की एक चंचल युवती से हो गया , तो सब को हैरानी थी कि वह कैसे उसके सामने विवाह का प्रस्ताव रखेगा |
बाद में मालूम पडा , उसने युवती से इस रूप में कहा - नूरजहां , मेरे घर के लोगों के साथ दफनाया जाना तुम पसन्द करोगी क्या ?












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