फैक्ट चेक: नींद लेकर सफर करने वाले यात्रियों से 10% अधिक किराया वसूलेगा रेलवे? जानिए वायरल दावे का सच
नई दिल्ली। सोशल मीडिया पर इन दिनों एक अजीबोगरीब दावा वायरल हो रहा है। एक समाचार पत्र की कटिंग के साथ इंटरनेट पर कई पोस्ट सामने आए हैं जिनमें दावा किया जा रहा है कि अगर यात्री नींद लेते हुए (सोते हुए) सफर करना चाहते हैं तो रेलवे उनसे 10 फीसदी ज्यादा किराया वसूल करेगी। न्यूज पेपर में छपी खबर की हेडिंग भी कुछ ऐसा ही दावा करती है। खबर में इस फैसले को लेकर प्रस्ताव लाए जाने की बात भी कही गई है। सोशल मीडिया पर यह खबर तेजी से शेयर की जा रही है।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि सोशल मीडिया पर किए जा रहे ऐसे दावों में बिल्कुल भी सच्चाई नहीं है। यह हम नहीं बल्कि केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले प्रेस इनफॉर्मेशन ब्यूरो (पीआईबी) ने अपने एक ट्वीट में स्पष्ट किया है। पीआईबी फैक्ट चेक के मुताबिक यह भ्रामक दावा है, रेलवे बोर्ड को सिर्फ ऐसा एक सुझाव दिया गया था, रेल मंत्रालय ने ऐसी कोई घोषणा नहीं की है। पीआईबी ने अपने ट्वीट में लिखा, कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि जो यात्री ट्रेन में नींद लेकर सफर करना चाहें, रेलवे उनसे 10% अधिक किराया वसूल सकता है। यह दावा भ्रामक है।
गौरतलब है कि जैसे-जैसे इंटरनेट लोगों की पहुंच में आ रहा है, वैसे-वैसे सोशल मीडिया पर फेक न्यूज की बाढ़ सी आ गई है। ऐसे में यूजर्स को किसी संदेश को आगे शेयर करने से पहले अपने स्तर पर उसकी सत्यता की जांच करना आवश्यक है। ऐसा करके आप देश में शांति स्थापित करने में मदद कर सकते हैं। कई बार ऐसे मामले सामने आए हैं जहां फेक न्यूज की वजह से ही कई इलाकों में तनाव की स्थिति बन गई। पीआईबी फैक्ट चेक के ट्विटर हैंडल या वेबसाइट पर जाकर आप वायरल खबरों की सत्यता जान सकते हैं।
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Fact Check
दावा
यात्री ट्रेन में नींद लेकर सफर करना चाहें, रेलवे उनसे 10% अधिक किराया वसूल सकता है।
नतीजा
यह दावा भ्रामक है। यह केवल रेलवे बोर्ड को दिया गया एक सुझाव था।












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