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Fact Check: '1 रुपया रोज़ दो, भारत को सुपरपावर बनाओ', अक्षय कुमार का मास्टरस्ट्रोक या फेक न्यूज?

Fact Check: 22 अप्रैल 2025 को हुए पहलगाम आतंकी हमले के बाद से ही सोशल मीडिया पर एक मैसेज वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि अभिनेता अक्षय कुमार के सुझाव पर मोदी सरकार द्वारा खोले गए एक विशेष बैंक खाते में रोजाना कम से कम एक रुपया जमा करवाकर भारतीय सेना और शहीदों के परिजनों की मदद की जा सकती है। वनइंडिया फैक्ट चेक में यह दावा भ्रामक पाया गया है।

पहले जानिए वो पूरा वायरल मैसेज, जो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है। इसमें 'सुपरस्टार अक्षय कुमार के सुझाव पर मोदी सरकार का एक और अच्छा फैसला' शीर्षक से लिखा है कि: "एक रुपये मात्र रोज का भुगतान (यानी अपने जन्मदिन पर 365 रुपये)। मोदी सरकार ने कल कैबिनेट की मीटिंग में भारतीय सेना की आधुनिकता और युद्ध क्षेत्र में घायल या शहीद हुए जवानों के लिए एक बैंक अकाउंट खोल ही दिया है। इस खाते में हर भारतीय स्वेच्छा से कितनी भी राशि दान कर सकता है, जो 1 रुपये से शुरू होकर असीमित हो सकती है। इस धन का उपयोग सेना और अर्धसैनिक बलों के लिए हथियार खरीदने में भी किया जाएगा।"

Fact Check

एक रुपये जमा कराने से करोड़ों के फंड का गणित

वायरल मैसेज में आगे लिखा गया है कि "मन की बात, फेसबुक, ट्विटर और व्हाट्सएप पर लोगों के सुझावों के आधार पर, आज के हालात को देखते हुए मोदी सरकार ने अंततः निर्णय लेते हुए नई दिल्ली स्थित केनरा बैंक में आर्मी वेलफेयर फंड बैटल कैजुअल्टी फंड अकाउंट खोल दिया है। इसे फिल्म स्टार अक्षय कुमार का मास्टर स्ट्रोक बताया जा रहा है। इससे भारत को सुपरपावर बनने से कोई नहीं रोक सकता।

Fact Check

भारत की 130 करोड़ जनसंख्या में से अगर 70% लोग केवल एक रुपया रोज इस फंड में डालें, तो वह एक दिन में 100 करोड़, 30 दिन में 3000 करोड़ और एक साल में 36,000 करोड़ रुपये हो सकता है - जो पाकिस्तान के पूरे सालाना रक्षा बजट से भी अधिक है।''

भारत को सुपरपावर बनाने का दावा

मैसेज में आगे लिखा गया है: "हम प्रतिदिन 100 या 1000 रुपये फालतू कार्यों में खर्च कर देते हैं। यदि हम रोजाना एक रुपया सेना को दें, तो भारत एक सुपरपावर अवश्य बनेगा। आपका यह रुपया सीधे रक्षा मंत्रालय के 'सेना सहायता एवं वॉर कैजुअल्टी फंड' में जमा होगा, जो सैन्य सामग्री और जवानों के काम आएगा।

इसलिए मोदी जी के इस अभियान से जुड़कर सीधे तौर पर सेना की मदद करें। पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाने, सड़क जाम करने और बयानबाजी से कुछ नहीं होगा। मोदी और देश की जनता की सोच को अमलीजामा पहनाएं। देश की सेना को मजबूत बनाएं, ताकि पाकिस्तान-चीन जैसे देशों को उनकी औकात बताई जा सके।" वायरल मैसेज के अंत में नई दिल्ली स्थित केनरा बैंक के एक खाते का विवरण भी दिया गया है।

वनइंडिया फैक्ट चेक: क्या है सच्चाई?

वनइंडिया हिंदी की फैक्ट चेक टीम ने इस दावे की पूरी पड़ताल की। सबसे पहले हमने अभिनेता अक्षय कुमार के सोशल मीडिया अकाउंट्स की जांच की। हमें किसी भी प्लेटफॉर्म पर इस तरह की कोई जानकारी नहीं मिली।

इसके बाद हमने गूगल पर कीवर्ड सर्च किया। हमें 27 अप्रैल 2025 का रक्षा मंत्रालय का एक PIB प्रेस नोट मिला, जिसमें इस पूरे मामले पर विस्तार से स्पष्टीकरण दिया गया है।

PIB प्रेस नोट क्या कहता है?

PIB के अनुसार "इन दिनों व्हाट्सएप पर एक भ्रामक संदेश तेजी से फैल रहा है, जिसमें दावा किया गया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में भारतीय सेना की आधुनिकता और युद्ध में घायल या शहीद सैनिकों के लिए एक विशेष बैंक खाता खोला गया है। इस संदेश में अभिनेता अक्षय कुमार को इस पहल का सूत्रधार बताया गया है और लोगों से अपील की गई है कि वे रोजाना एक रुपये इस खाते में दान दें।"

वायरल संदेश में क्या-क्या झूठ है?

वायरल संदेश में दावा किया गया है कि

  • "सुपरस्टार अक्षय कुमार के सुझाव पर मोदी सरकार का एक और अच्छा फैसला..."
  • "नई दिल्ली के केनरा बैंक में आर्मी वेलफेयर फंड बैटल कैजुअल्टी फंड अकाउंट खोला गया है..."
  • "इस पैसे का प्रयोग सेना और अर्धसैनिक बलों के लिए हथियार खरीदने में भी होगा..."

साथ ही यह गणना भी दी गई है कि यदि देश की 130 करोड़ जनसंख्या में से 70% लोग रोजाना एक रुपये दें, तो सालाना 36,000 करोड़ रुपये इकट्ठा किए जा सकते हैं - जो पाकिस्तान के पूरे रक्षा बजट से भी अधिक है।

PIB फैक्ट चेक: सच्चाई क्या है?

भारत सरकार के प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) ने इस पूरे संदेश को भ्रामक और फर्जी करार दिया है। उनके अनुसार यह दावा कि यह खाता कैबिनेट के निर्णय से खोला गया है - गलत है। अभिनेता अक्षय कुमार का इससे कोई प्रत्यक्ष संबंध नहीं है। वायरल संदेश में दिए गए बैंक खाता विवरणों में भी गड़बड़ी है, जिसके कारण कई दान अस्वीकृत हो चुके हैं।

वास्तविक जानकारी: AFBCWF क्या है?

भारत सरकार ने वर्ष 2020 में "सशस्त्र सेना युद्ध हताहत कल्याण कोष (Armed Forces Battle Casualties Welfare Fund - AFBCWF)" की स्थापना की थी। इसका उद्देश्य युद्ध या आतंकी घटनाओं में शहीद या घायल सैनिकों के परिवारों को त्वरित वित्तीय सहायता देना है। इस कोष में आम नागरिक सीधे दान कर सकते हैं। इसके अधिकृत बैंक खाते निम्नलिखित हैं।

पहला खाता

  • कोष का नाम: सशस्त्र सेना युद्ध हताहत कल्याण कोष
  • बैंक का नाम: केनरा बैंक, साउथ ब्लॉक, रक्षा मुख्यालय, नई दिल्ली - 110011
  • आईएफएससी कोड: CNRB0019055
  • खाता संख्या: 90552010165915
  • खाते का प्रकार: बचत खाता

दूसरा खाता

  • बैंक का नाम: भारतीय स्टेट बैंक, संसद मार्ग, नई दिल्ली - 110001
  • आईएफएससी कोड: SBIN0000691
  • खाता संख्या: 40650628094
  • खाते का प्रकार: बचत खाता

दानकर्ता डिमांड ड्राफ्ट के माध्यम से भी योगदान कर सकते हैं, जिसे इस पते पर भेजा जा सकता है।

लेखा अनुभाग,
एजुटेंट जनरल ब्रांच,
सेरेमोनियल एंड वेलफेयर डायरेक्टोरेट,
कमरा नं. 281-B, साउथ ब्लॉक,
रक्षा मंत्रालय, एकीकृत मुख्यालय (सेना),
नई दिल्ली - 110011

निष्कर्ष

वायरल संदेश में किए गए दावे गुमराह करने वाले और तथ्यहीन हैं। सरकार ने ऐसी कोई नई योजना हाल ही में घोषित नहीं की है। दान करने से पहले सिर्फ आधिकारिक स्रोतों और प्रामाणिक बैंक खातों की ही पुष्टि करें।

यह भी पढ़ें- Fact Check: क्‍या पीएम मोदी की नई योजना से प्रतिदिन हो रही 10 हजार रुपए की कमाई? जानिए हकीकत

Fact Check

दावा

अभिनेता अक्षय कुमार के सुझाव पर मोदी सरकार द्वारा खोले गए एक विशेष बैंक खाते में रोजाना कम से कम एक रुपया जमा करवाकर भारतीय सेना और शहीदों के परिजनों की मदद की जा सकती है।

नतीजा

वायरल संदेश में किए गए दावे गुमराह करने वाले और तथ्यहीन हैं।

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फैक्ट चेक करने के लिए हमें [email protected] पर मेल करें

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