NEET UG Re-Exam 2026: सेना के पहरे में नीट यूजी एग्जाम, पेपर से लेकर आंसर-शीट तक की आर्मी करेगी निगरानी
NEET UG Re-Exam 2026: देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट यूजी री-एग्जाम को लेकर इस बार सुरक्षा व्यवस्था पहले से कहीं ज्यादा सख्त कर दी गई है। सरकार और परीक्षा एजेंसियां किसी भी तरह की लापरवाही या गड़बड़ी की संभावना को खत्म करने के लिए कई स्तरों पर तैयारियां कर रही हैं। सिर्फ प्रश्न पत्र ही नहीं, बल्कि परीक्षा के बाद उम्मीदवारों की उत्तर पुस्तिकाओं को भी विशेष सुरक्षा घेरे में रखा जाएगा।
इसके लिए भारतीय वायुसेना और अर्द्धसैनिक बलों की मदद ली जा रही है। परीक्षा सामग्री की पैकिंग, परिवहन और मूल्यांकन तक हर चरण की निगरानी की जाएगी। सूत्रों का कहना है कि इस बार पूरी प्रक्रिया को इतना मजबूत बनाया गया है कि पेपर लीक, छेड़छाड़ या किसी भी प्रकार की अनियमितता की गुंजाइश लगभग खत्म हो जाए।

आंसर शीट की सुरक्षा पर खास फोकस
जानकारी के अनुसार परीक्षा समाप्त होने के बाद सभी उत्तर पुस्तिकाओं को निर्धारित नियमों के तहत पैक किया जाएगा। केंद्र अधीक्षक और ड्यूटी पर मौजूद अधिकारी अलग-अलग चरणों में सीलिंग की प्रक्रिया पूरी करेंगे ताकि किसी भी स्तर पर पारदर्शिता बनी रहे। इसके बाद आंसर शीट्स को स्टील के मजबूत बॉक्स में रखा जाएगा। बॉक्स को दोबारा सील किया जाएगा और कड़ी सुरक्षा के बीच उन्हें संबंधित लॉजिस्टिक केंद्रों तक पहुंचाया जाएगा।
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स्टील बॉक्स में भेजी जाएंगी आंसर शीट
सूत्रों के मुताबिक लॉजिस्टिक सेंटर पहुंचने के बाद विशेष सुरक्षा टीम इन बॉक्सों को दिल्ली भेजने की जिम्मेदारी संभालेगी। इसके लिए हवाई और सड़क दोनों मार्गों का इस्तेमाल किया जाएगा। बारिश के मौसम को देखते हुए इस बार पैकिंग व्यवस्था में भी बदलाव किया गया है। स्टील बॉक्स इस तरह तैयार किए गए हैं कि पानी या खराब मौसम की स्थिति में भी अंदर रखे दस्तावेज सुरक्षित बने रहें।
दिल्ली में होगी सील की दोबारा जांच
दिल्ली पहुंचने के बाद सभी बॉक्सों की सील फिर से जांची जाएगी। पूरी प्रक्रिया कैमरों की निगरानी में रिकॉर्ड होगी ताकि हर गतिविधि का रिकॉर्ड सुरक्षित रहे। अधिकारियों के अनुसार किसी भी बॉक्स को खोलने से पहले उसकी सुरक्षा जांच और दस्तावेजों का मिलान किया जाएगा। इसके बाद ही मूल्यांकन की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
23 लाख उम्मीदवारों की कॉपियों का होगा डिजिटल मूल्यांकन
सूत्रों के अनुसार देशभर के लगभग 23 लाख उम्मीदवारों की उत्तर पुस्तिकाओं की जांच दिल्ली स्थित एक गोपनीय केंद्र पर की जाएगी। यहां कॉपियों का डिजिटल मूल्यांकन किया जाएगा। मूल्यांकन से जुड़े विशेषज्ञों और कर्मचारियों के लिए भी सख्त नियम बनाए गए हैं। उन्हें पूरी प्रक्रिया के दौरान आइसोलेशन में रखा जाएगा और सुरक्षा कारणों से निर्धारित क्षेत्र से बाहर जाने की अनुमति नहीं होगी।
18 शहरों में हेलिकॉप्टर से पहुंचेंगे प्रश्न पत्र
नीट यूजी री-एग्जाम के लिए प्रश्न पत्रों के वितरण की जिम्मेदारी भी सेना को सौंपी गई है। देश के 18 शहरों तक पेपर पहुंचाने के लिए भारतीय वायुसेना के हेलिकॉप्टरों का इस्तेमाल किया जाएगा।
तैयारियों के तहत दिल्ली से तमिलनाडु तक विशेष व्यवस्था बनाई गई है। सबसे पहले प्रश्न पत्र विमान के जरिए दिल्ली से मदुरै पहुंचाए जाएंगे। इसके बाद मदुरै से तिरुनेलवेली तक हेलिकॉप्टर की मदद से उन्हें भेजा जाएगा।
सेना ने किया मॉक ड्रिल
सुरक्षा व्यवस्था को परखने के लिए मंगलवार को सेना ने मॉक ड्रिल भी आयोजित की। इस अभ्यास के दौरान एक हेलिकॉप्टर प्रश्न पत्र लेकर मदुरै से तिरुनेलवेली तक पहुंचा।
अधिकारियों का मानना है कि इस तरह की पूर्व तैयारी से वास्तविक परीक्षा के दिन किसी भी तरह की तकनीकी या सुरक्षा संबंधी समस्या से बचा जा सकेगा। नीट यूजी री-एग्जाम को लेकर इस बार पूरा सिस्टम हाई अलर्ट मोड पर काम कर रहा है और हर चरण पर बहुस्तरीय निगरानी रखी जा रही है।
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