क्यों स्थगित की गई NEET PG 2025 की परीक्षा? समझिए स्टूडेंट्स के करियर पर पड़ेगा इसका कितना असर
NEET PG 2025 की तैयारी में जुटे हजारों मेडिकल छात्रों को उस वक्त बड़ा झटका लगा, जब 2 जून की शाम अचानक परीक्षा के स्थगित होने की घोषणा की गई। जिस दिन उम्मीदवार एग्जाम सिटी स्लिप का इंतजार कर रहे थे, उसी दिन NBEMS ने यह चौंकाने वाला फैसला सुनाया। कई छात्रों ने पहले ही रिवीजन पूरा कर लिया था, तो कुछ ने हॉस्पिटल से छुट्टियां लेकर तैयारी को अंतिम रूप देना शुरू किया था।
ऐसे में परीक्षा का टलना उनके लिए एक अनचाही खबर बन गया। NEET PG जैसी अहम परीक्षा का स्थगन सिर्फ एक डेट बदलने जैसा नहीं है, बल्कि यह हजारों मेडिकल ग्रेजुएट्स के करियर, मानसिक स्थिति और भविष्य की प्लानिंग को भी प्रभावित करता है।

परीक्षा टली तो छात्र हुए परेशान
NEET PG की तैयारी में जुटे हजारों मेडिकल ग्रेजुएट्स के लिए यह खबर बेहद चौंकाने वाली रही। एमडी, एमएस और अन्य पीजी मेडिकल कोर्सेस में दाखिले के लिए यह सबसे अहम परीक्षा होती है। हर साल देशभर के मेडिकल छात्र इसका बेसब्री से इंतजार करते हैं।
ये भी पढ़ें: राजित-सक्षम दोनों को आए सेम नंबर, फिर भी एक को क्यों मिला AIR 1? समझिए JEE के 'टाई ब्रेकर रूल' का गेम
टालने की वजह क्या है?
NBEMS के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद NEET PG को दो की जगह एक ही शिफ्ट में कराना जरूरी हो गया। इसके लिए करीब 900 नए परीक्षा केंद्रों की जरूरत पड़ रही है। इतनी बड़ी लॉजिस्टिक तैयारी कम समय में संभव नहीं थी। इसी वजह से परीक्षा को रद्द कर दिया गया।
नई तारीख कब आएगी?
फिलहाल NBEMS ने NEET PG की नई तारीख की घोषणा नहीं की है। सोशल मीडिया पर 17 अगस्त की चर्चा जरूर हो रही है, लेकिन बोर्ड ने इस बारे में कोई पुष्टि नहीं की है। NBEMS का कहना है कि नई डेट, एडमिट कार्ड और एग्जाम सिटी स्लिप की जानकारी ऑफिशियल वेबसाइट पर जल्द दी जाएगी।
परीक्षा रद्द होने से क्या असर पड़ेगा?
- तैयारी का अतिरिक्त मौका: परीक्षा में देरी होने से उन छात्रों को फायदा हो सकता है जिनकी तैयारी अधूरी थी। अब उनके पास रिवीजन का अच्छा समय है।
- शैक्षणिक सत्र में देरी: NEET PG की देरी से पीजी कोर्स की शुरुआत भी टल जाएगी। इससे क्लिनिकल ट्रेनिंग और रिसर्च में देरी होगी।
- करियर प्लान पर असर: डेट टलने से छात्रों की करियर प्लानिंग प्रभावित होगी। कौन सा कॉलेज चुनें, कौन सी ब्रांच लें - इन फैसलों में उलझन बढ़ सकती है।
- रेजिडेंट डॉक्टर्स की कमी: नई बैच की देरी से हॉस्पिटल में रेजिडेंट डॉक्टर्स की संख्या कम हो जाएगी। इससे पहले से काम कर रहे डॉक्टरों पर दबाव बढ़ेगा।
- पेशेंट केयर पर असर: डॉक्टर्स की कमी से अस्पतालों में मरीजों की देखभाल प्रभावित हो सकती है, खासकर सरकारी हॉस्पिटल्स में जहां स्टाफ की पहले से ही कमी है।
- बढ़ेगा मानसिक तनाव: परीक्षा की अनिश्चितता से छात्रों में तनाव बढ़ रहा है। बार-बार की तारीखों में बदलाव से उनमें असुरक्षा की भावना पैदा हो रही है।
छात्रों के लिए जरूरी सलाह
- तैयारी जारी रखें: नई डेट की घोषणा से पहले अपनी पढ़ाई पर फोकस बनाए रखें।
- सिर्फ ऑफिशियल सूचना देखें: NBEMS की वेबसाइट natboard.edu.in पर नजर बनाए रखें।
- मेंटल हेल्थ का ध्यान रखें: पढ़ाई के साथ एक्सरसाइज और पर्याप्त नींद जरूर लें ताकि तनाव से बचा जा सके।
ये भी पढ़ें: NEET PG Exam 2025: नीट पीजी परीक्षा स्थगित की गई, जानिए NBEMS ने क्यों लिया ये फैसला












Click it and Unblock the Notifications