सुप्रीम कोर्ट के वकील बनने के लिए क्या करें पढ़ाई? एलिजबिलिटी से एग्जाम तक ये है पूरी डिटेल
Supreme Court Lawyer: अगर आपके अंदर न्याय के लिए खड़े होने का जज़्बा है, अपनी बात को आत्मविश्वास के साथ रखने की क्षमता है। समाज के लिए कुछ करने की इच्छा है, तो वकालत आपके लिए सिर्फ एक प्रोफेशन नहीं बल्कि एक मिशन बन सकता है। भारत का सुप्रीम कोर्ट वो जगह है जहां देश के सबसे बड़े, ऐतिहासिक और संवैधानिक मुकदमे लड़े जाते हैं।
हर युवा वकील का सपना होता है कि वह एक दिन यहां अपने नाम से केस लड़े और देश के न्याय तंत्र का हिस्सा बने। लेकिन सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचने का रास्ता लंबा और मेहनत भरा होता है। यह सिर्फ पढ़ाई नहीं, बल्कि अनुभव, अभ्यास और समर्पण की भी परीक्षा है। आइए जानते हैं कि सुप्रीम कोर्ट में वकील बनने के लिए कौन-कौन से कदम उठाने होते हैं।

12वीं के बाद कैसे करें शुरुआत
सुप्रीम कोर्ट में वकील बनने की शुरुआत 12वीं कक्षा से होती है। अगर आप वकालत में करियर बनाना चाहते हैं, तो किसी भी स्ट्रीम से 12वीं पास होना जरूरी है। आपके अंक कम से कम 45 प्रतिशत होने चाहिए। इसके बाद आपके पास दो रास्ते होते हैं -
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- पहला, 5 साल का इंटीग्रेटेड लॉ कोर्स, जो 12वीं के तुरंत बाद किया जा सकता है। इस कोर्स में ग्रेजुएशन और लॉ की पढ़ाई साथ-साथ होती है। इसके लिए आपको CLAT या LSAT India जैसी परीक्षा पास करनी होती है।
- दूसरा, 3 साल का LLB कोर्स, जो आप किसी ग्रेजुएशन डिग्री के बाद कर सकते हैं। इसमें दाखिला कॉलेज या यूनिवर्सिटी की प्रवेश परीक्षा के जरिए होता है।
लॉ की पढ़ाई के बाद क्या करना होता है
लॉ की पढ़ाई पूरी करने के बाद वकालत शुरू करने के लिए AIBE (All India Bar Examination) पास करनी होती है। यह परीक्षा बार काउंसिल ऑफ इंडिया आयोजित करती है। इसे पास करने के बाद ही आप अदालत में प्रैक्टिस कर सकते हैं।
सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचने का रास्ता
सुप्रीम कोर्ट में सीधे वकालत नहीं की जा सकती। पहले आपको जिला अदालत और फिर हाई कोर्ट में कुछ साल काम करना होता है। इसके बाद आप सुप्रीम कोर्ट में वकालत करने के लिए Advocate on Record (AOR) परीक्षा दे सकते हैं। यह परीक्षा सुप्रीम कोर्ट आयोजित करता है।
AOR बनने की जरूरी शर्तें
AOR बनने के लिए कुछ शर्तें पूरी करनी होती हैं -
- आपके पास कम से कम 5 साल का कोर्ट अनुभव होना चाहिए।
- किसी AOR वकील के साथ 1 साल की ट्रेनिंग जरूरी होती है।
- परीक्षा पास करने के बाद आपका ऑफिस सुप्रीम कोर्ट के 10 मील के दायरे में होना चाहिए।
जब आप यह सभी शर्तें पूरी कर लेते हैं और परीक्षा पास कर लेते हैं, तब आपको सुप्रीम कोर्ट में AOR वकील के रूप में मान्यता मिल जाती है। इसके बाद आप अपने नाम से केस दाखिल कर सकते हैं और देश के सबसे बड़े न्यायालय में स्वतंत्र रूप से वकालत कर सकते हैं।
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