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झज्जर में हिली धरती, दिल्ली-NCR तक महसूस हुए झटके! क्या होता है सिस्मोग्राफ,कैसे बताता है ये भूकंप की तीव्रता?

Earthquake Jolts Delhi-NCR: बुधवार की दोपहर जब लोग अपने ऑफिस और घरों में कामकाज में व्यस्त थे, तभी अचानक धरती हिलने लगी। कुछ सेकंड के इन झटकों ने पूरे दिल्ली-एनसीआर को चौंका दिया। लोग डर के मारे इमारतों से बाहर भागने लगे, किसी को कुछ समझ नहीं आया कि ये क्या हुआ।

जल्दी ही नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी (NCS) ने जानकारी दी कि भूकंप आया है और इसका केंद्र हरियाणा के झज्जर में था। यह इलाका दिल्ली से करीब 50 किलोमीटर दूर है। भूकंप की तीव्रता 4.4 मापी गई और इसकी गहराई 10 किलोमीटर रही।

Earthquake

दिल्ली से लगे इलाकों में महसूस हुए झटके

झटके भले ही कुछ सेकंड के थे, लेकिन उन्होंने एक बार फिर याद दिला दिया कि हम एक ऐसे क्षेत्र में रह रहे हैं जहां भूकंप कभी भी दस्तक दे सकता है। झटके दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम और फरीदाबाद समेत कई इलाकों में महसूस किए गए। राहत की बात ये रही कि अब तक किसी नुकसान या जनहानि की खबर नहीं है।
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भूकंप क्यों आता है?

धरती के अंदर कई टेक्टोनिक प्लेट्स होती हैं, जो लगातार हिलती रहती हैं। जब ये प्लेट्स एक-दूसरे से टकराती हैं या खिसकती हैं, तो अंदर से ऊर्जा निकलती है, जो सतह पर झटकों के रूप में महसूस होती है। यही ऊर्जा भूकंप का कारण बनती है।

भूकंप को मापते कैसे हैं?

भूकंप की ताकत मापने के लिए रिक्टर स्केल का इस्तेमाल होता है। यह स्केल 1 से 10 तक होती है। हर एक अंक बढ़ने पर झटके की ताकत 10 गुना और ऊर्जा 31 गुना ज्यादा होती है। यानी तीव्रता 6 और तीव्रता 7 के बीच भी बड़ा अंतर होता है। इसे मापने वाली मशीन को सिस्मोग्राफ कहा जाता है, जो धरती की हर हलचल रिकॉर्ड करती है।

गहराई का भी होता है असर

भूकंप की गहराई जितनी कम होती है, सतह पर उसका असर उतना ज्यादा महसूस होता है। आज का भूकंप 10 किलोमीटर गहराई पर था, जिसे हल्का से मध्यम माना जाता है, इसलिए बड़े इलाके में झटके महसूस हुए लेकिन नुकसान नहीं हुआ।

कौन सा भूकंप ज्यादा खतरनाक?

मान लीजिए दो भूकंप आए-

  • पहला: तीव्रता 7, गहराई 10 किलोमीटर
  • दूसरा: तीव्रता 10, गहराई 7 किलोमीटर

तो इनमें दूसरा भूकंप ज्यादा खतरनाक होगा क्योंकि उसकी तीव्रता भी ज्यादा है और गहराई भी कम, जिससे ज्यादा ऊर्जा सतह तक पहुंचेगी और ज्यादा नुकसान होगा।

भूकंप के समय क्या करें?

- किसी मजबूत टेबल या बेड के नीचे छिपें
- कांच, खिड़की और पंखे से दूर रहें
- लिफ्ट का इस्तेमाल न करें, सीढ़ियों से बाहर निकलें
- अफवाहों पर भरोसा न करें, सिर्फ सरकारी जानकारी पर यकीन करें
- NCS से अपडेट लेते रहें
- बालकनी में खड़े न हों

दिल्ली-एनसीआर क्यों है संवेदनशील इलाका?

दिल्ली-NCR सिस्मिक जोन-4 में आता है, जो कि भूकंप के लिहाज से हाई रिस्क जोन है। इस क्षेत्र में 7 तक की तीव्रता वाले भूकंप आ सकते हैं। ऐसे में जरूरी है कि लोग जागरूक और सतर्क रहें। आज का भूकंप भले ही हल्का रहा हो, लेकिन ये एक चेतावनी है कि कभी भी बड़ा झटका आ सकता है। सही जानकारी, तैयारी और सतर्कता से बड़े नुकसान को टाला जा सकता है।
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