Kerala CM Race: 10 दिन बाद खत्म हो सकता है सस्पेंस! आज तय होगा केरल का नया सीएम, विधायक दल की बैठक में फैसला
Kerala CM Announcement Today : केरल विधानसभा चुनाव के नतीजे आए 10 दिन बीत चुके हैं, लेकिन राज्य को अब तक नया मुख्यमंत्री नहीं मिल पाया है। कांग्रेस नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) ने शानदार जीत हासिल कर सत्ता में वापसी तो कर ली, लेकिन मुख्यमंत्री के नाम पर जारी खींचतान अब भी खत्म नहीं हुई है। हालांकि अब संकेत मिल रहे हैं कि गुरुवार, 14 मई को यह सस्पेंस आखिरकार खत्म हो सकता है।
कांग्रेस विधायक दल (CLP) की बैठक आज, 14 मई को दोपहर 1 बजे तिरुवनंतपुरम में होने जा रही है, जिसमें नए मुख्यमंत्री के नाम का औपचारिक ऐलान किया जा सकता है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस हाईकमान ने सभी दौर की बातचीत पूरी कर ली है और अब अंतिम फैसला सामने आने वाला है।

Congress CLP Meeting Thiruvananthapuram: कांग्रेस को मिली प्रचंड जीत, लेकिन CM पर फंसा मामला
केरल विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने शानदार प्रदर्शन करते हुए UDF गठबंधन को दो-तिहाई बहुमत दिलाया। 140 सदस्यीय विधानसभा में UDF ने 102 सीटें जीतीं, जिनमें अकेले कांग्रेस के खाते में 63 सीटें आईं। इतनी बड़ी जीत के बावजूद मुख्यमंत्री पद को लेकर पार्टी के भीतर सहमति नहीं बन पा रही थी। यही वजह रही कि नतीजों के 10 दिन बाद भी मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम मुहर नहीं लग सकी। आज केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम में होने वाली विधायक दल की बैठक में नए मुख्यमंत्री के नाम का औपचारिक ऐलान किया जा सकता है।
राहुल गांधी और खड़गे की बैठक के बाद तेज हुई हलचल
दिल्ली में 13 मई को कांग्रेस नेता राहुल गांधी और पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बीच करीब 40 मिनट तक अहम बैठक हुई। इस बैठक में कांग्रेस संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल भी मौजूद रहे, जिन्हें मुख्यमंत्री पद का मजबूत दावेदार माना जा रहा है। बैठक के बाद कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा-"केरल कांग्रेस विधायक दल के सदस्यों द्वारा अधिकृत किए जाने के बाद हाईकमान ने सभी चर्चाएं पूरी कर ली हैं। अगले मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा कल की जाएगी।" इस बयान के बाद साफ हो गया कि कांग्रेस नेतृत्व अब फैसला टालने के मूड में नहीं है।
तीन दिग्गज, एक कुर्सी: किसके हाथ लगेगी कमान?
मुख्यमंत्री पद के लिए तीन प्रमुख चेहरों के बीच कड़ी टक्कर देखी जा रही है:
के.सी. वेणुगोपाल: पार्टी के संगठन महासचिव और गांधी परिवार के बेहद करीबी। सूत्रों के मुताबिक, बड़ी संख्या में नवनिर्वाचित विधायकों ने उनके नाम का समर्थन किया है।
वी.डी. सतीशन: निवर्तमान विधानसभा में विपक्ष के नेता। सतीशन अपनी दावेदारी पर अड़े हुए हैं और उनके पक्ष में केरल के अलुवा स्थित उनके आवास पर समर्थकों का भारी जमावड़ा लगा हुआ है।
रमेश चेन्निथला: पार्टी के वरिष्ठ नेता और अनुभवी चेहरा। चेन्निथला का अनुभव और राज्य की राजनीति में उनकी पकड़ उन्हें एक मजबूत विकल्प बनाती है।
केरल से दिल्ली तक चली लॉबिंग
मुख्यमंत्री पद को लेकर पिछले 10 दिनों से लगातार राजनीतिक लॉबिंग जारी रही। काग्रेस पर्यवेक्षक मुकुल वासनिक और अजय माकन ने विधायकों और सांसदों से फीडबैक लिया है। राहुल गांधी ने अलग-अलग नेताओं से व्यक्तिगत बातचीत की और पूर्व प्रदेश अध्यक्षों और वरिष्ठ नेताओं से भी राय ली गई। दिल्ली और केरल दोनों जगह लगातार बैठकों का दौर चला। इसी बीच अलग-अलग नेताओं के समर्थकों ने पोस्टरबाजी भी शुरू कर दी थी, जिससे हाईकमान नाराज बताया जा रहा है।
सतीशन समर्थकों की बढ़ी सक्रियता
बुधवार को वीडी सतीशन के घर और कांग्रेस जिला कार्यालयों के बाहर बड़ी संख्या में कार्यकर्ता जुटे दिखाई दिए। इससे यह संकेत मिला कि सतीशन खेमे ने भी दबाव बढ़ा दिया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सतीशन को IUML का समर्थन मिलने से उनकी दावेदारी काफी मजबूत हुई है।
IUML ने क्या कहा?
UDF की अहम सहयोगी इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) ने कहा है कि वह कांग्रेस हाईकमान के फैसले का इंतजार कर रही है। वरिष्ठ IUML नेता पीके कुन्हालिकुट्टी ने ANI से कहा-हम दिल्ली से कांग्रेस हाईकमान के फैसले का इंतजार कर रहे हैं। उम्मीद है कि जल्द निर्णय हो जाएगा। IUML के 22 विधायक हैं और गठबंधन राजनीति में उनका समर्थन बेहद अहम माना जा रहा है।
क्या आज खत्म होगा सस्पेंस?
अब सभी की नजर आज 14 मई की दोपहर होने वाली कांग्रेस विधायक दल की बैठक पर टिकी है। माना जा रहा है कि विधायक दल नए नेता का चुनाव करेगा। हाईकमान के फैसले पर औपचारिक मुहर लगेगी और उसके बाद राज्यपाल से मिलकर सरकार गठन का दावा पेश किया जाएगा। अगर सब कुछ तय योजना के मुताबिक रहा तो केरल को आज नया मुख्यमंत्री मिल सकता है।
कांग्रेस के लिए क्यों अहम है यह फैसला?
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि केरल का फैसला सिर्फ एक राज्य का नेतृत्व तय करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह कांग्रेस की आंतरिक राजनीति और नेतृत्व क्षमता की भी बड़ी परीक्षा बन गया है। हाल के वर्षों में कांग्रेस कई राज्यों में मुख्यमंत्री चयन को लेकर अंदरूनी कलह झेल चुकी है। कर्नाटक, राजस्थान, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में नेतृत्व विवाद पार्टी को भारी पड़ चुका है। ऐसे में केरल में लिया जाने वाला फैसला कांग्रेस के भविष्य की राजनीति के लिहाज से भी बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।














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