ऑपरेशन सिंदूर के 'शिल्पकार' एयर मार्शल एके भारती ने की है कहां से पढ़ाई? ऐसा रहा स्कूलिंग से लेकर IAF तक का सफर
Air Marshal AK Bharti Academic Profile: भारतीय वायुसेना के वरिष्ठ अधिकारी एयर मार्शल अवधेश कुमार भारती न केवल एक कुशल फाइटर पायलट हैं, बल्कि एक दूरदर्शी रणनीतिकार भी हैं, जो वर्तमान में एयर ऑपरेशंस के डायरेक्टर जनरल (DGAO) के रूप में कार्य कर रहे हैं।
उनके चार दशकों से भी लंबे सैन्य जीवन में देश की सुरक्षा से जुड़े कई ऐतिहासिक फैसले और ऑपरेशन शामिल हैं। अपने बेहतरीन नेतृत्व और अटूट समर्पण के जरिए उन्होंने भारतीय वायुसेना को तकनीकी, रणनीतिक और संचालन स्तर पर नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है।

वायुसेना में भर्ती से लेकर एयर मार्शल बनने तक का उनका सफर प्रेरणादायक रहा है। एक छोटे शहर से निकलकर देश की सबसे ऊंची सैन्य जिम्मेदारियों तक पहुंचने वाले एयर मार्शल भारती ने दिखा दिया कि कड़ी मेहनत, अनुशासन और देशसेवा की भावना से कोई भी सपना पूरा किया जा सकता है। उनका जीवन उन हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा है जो देश की वर्दी पहनने का सपना देखते हैं।
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सैनिक स्कुल के छात्र
एयर मार्शल अवधेश कुमार भारती की शिक्षा की शुरुआत बिहार के पूर्णिया जिले स्थित आदर्श मध्य विद्यालय, परोरा से हुई। प्रारंभिक शिक्षा पूरी करने के बाद उनका चयन सैनिक स्कूल तिलैया में हुआ, जहां से उन्होंने सैन्य अनुशासन, नेतृत्व और देशभक्ति की गहराई से सीख ली। यहीं से उनके सैन्य जीवन की मजबूत नींव रखी गई।
डिफेंस एकेडमी से शुरू हुआ सफर
अवधेश भारती ने पुणे स्थित नेशनल डिफेंस एकेडमी (NDA) से अपनी सैन्य शिक्षा शुरू की और यहां उन्हें बेस्ट कैडेट के लिए 'स्वॉर्ड ऑफ ऑनर' से सम्मानित किया गया। इसके बाद उन्होंने वेलिंगटन के डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज और नई दिल्ली के नेशनल डिफेंस कॉलेज से भी उच्च सैन्य शिक्षा प्राप्त की।
फाइटर पायलट से एयर मार्शल तक
13 जून 1987 को फाइटर स्ट्रीम में कमीशन पाने के बाद एयर मार्शल भारती ने वायुसेना में कई अहम जिम्मेदारियां संभालीं। उन्होंने सुखोई-30 MKI फेज III की ऑपरेशनल तैनाती में बड़ी भूमिका निभाई और पुणे के लोहेगांव एयरबेस की कमान भी संभाली।
एयर ऑपरेशंस के रणनीतिक विशेषज्ञ
उन्होंने वायुसेना मुख्यालय में ऑपरेशंस, इंफॉर्मेशन और इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर के निदेशक के रूप में काम किया। इसके साथ ही स्ट्रैटेजिक फोर्सेस कमांड में एयर वेक्टर स्ट्रैटेजी की जिम्मेदारी निभाई। सेंट्रल एयर कमांड के वरिष्ठ एयर स्टाफ ऑफिसर के रूप में उन्होंने कई अहम एयर मिशन की योजना बनाई।
ऑपरेशन 'सिंदूर' के शिल्पकार
पहलगाम आतंकी हमले के बाद मई 2025 में एयर मार्शल भारती की अगुवाई में 'ऑपरेशन सिंदूर' को अंजाम दिया गया। इस ऑपरेशन में पाकिस्तान और पीओके में मौजूद आतंकी ठिकानों और सैन्य ठिकानों पर सटीक हवाई हमले किए गए।
अंतरराष्ट्रीय अभ्यासों में अहम भागीदारी
उन्होंने कई विदेशी सैन्य अभ्यासों में हिस्सा लिया जिनमें 2006 में ब्रिटेन के साथ 'इंद्रधनुष', 2007 में फ्रांस के साथ 'गरुड़' और IAF का मेगा अभ्यास 'गगन शक्ति' शामिल है।
सम्मान और पुरस्कार
वर्ष 2008 में उन्हें वायु सेना मेडल (VSM) से नवाजा गया। 1997 में उन्हें 'चीफ ऑफ एयर स्टाफ कमेंडेशन' मिला और उन्हें तीन स्टार से सम्मानित किया गया जो उड़ान सुरक्षा में उत्कृष्टता का प्रमाण है।
व्यक्तिगत जीवन और पारिवारिक पृष्ठभूमि
एयर मार्शल भारती बिहार के पूर्णिया जिले के परोरा गांव से आते हैं। उनकी पत्नी संगीता भारती भी वायुसेना की पूर्व शॉर्ट सर्विस कमीशन ऑफिसर हैं। उनके दो छोटे भाई हैं - मितलेश कुमार (फार्मा सेक्टर) और डॉ. राजेश भारती (चिकित्सक)।
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