व्योमिका सिंह जिनपर आज देश कर रहा नाज! क्या है उनकी तरह भारतीय वायु सेना में विंग कमांडर बनने का पूरा प्रोसेस?
How to Become a Wing Commander: भारत द्वारा पाकिस्तान में की गई एयर स्ट्राइक 'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद पूरे देश में उत्साह और गर्व का माहौल है। इसी बीच सेना ने प्रेस ब्रीफिंग में इस ऑपरेशन से जुड़ी सभी जरूरी जानकारी साझा की। इस दौरान भारतीय वायुसेना की बहादुर अधिकारी और चॉपर पायलट, विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने इस ऑपरेशन पर मीडिया को महत्वपूर्ण जानकारी दी। उनकी ब्रीफिंग न केवल रणनीतिक दृष्टि से अहम रही, बल्कि यह देश के युवाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनी।
भारतीय वायुसेना (Indian Air Force) में विंग कमांडर बनना देश सेवा का एक गौरवपूर्ण अवसर है। यह पद अनुभव, कड़ी मेहनत और अनुशासन से हासिल किया जा सकता है। अगर आप भी इस सम्मानित रैंक तक पहुंचना चाहते हैं, तो आइए जानें इसकी पूरी प्रक्रिया सरल भाषा में।

सबसे पहले ऑफिसर बनना जरूरी
विंग कमांडर बनने के लिए सबसे पहले आपको भारतीय वायुसेना में एक कमीशंड ऑफिसर बनना होगा। इसके लिए कई रास्ते हैं:
NDA (नेशनल डिफेंस अकादमी) - 12वीं के बाद
- केवल पुरुष उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं।
- 12वीं में फिजिक्स और मैथ्स होना जरूरी है।
- UPSC द्वारा NDA परीक्षा, SSB इंटरव्यू और मेडिकल टेस्ट पास करना होता है।
- ट्रेनिंग पूरी करने के बाद आप फ्लाइंग ऑफिसर बनते हैं।
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CDS (कंबाइंड डिफेंस सर्विसेज) - ग्रेजुएशन के बाद
- UPSC CDS एग्जाम, SSB और मेडिकल प्रक्रिया से होकर गुजरना होता है।
- ग्रेजुएशन के दौरान या बाद में आवेदन कर सकते हैं।
AFCAT (एयरफोर्स कॉमन एडमिशन टेस्ट) - ग्रेजुएशन के बाद
- यह परीक्षा भारतीय वायुसेना द्वारा आयोजित की जाती है।
- इसमें फ्लाइंग, टेक्निकल और नॉन-टेक्निकल शाखाएं शामिल हैं।
NCC एंट्री
- जिनके पास NCC एयर विंग का 'C' सर्टिफिकेट है, वे सीधे SSB के लिए आवेदन कर सकते हैं।
ऑफिसर बनने के बाद क्या होता है?
ट्रेनिंग पूरी करने के बाद उम्मीदवार को फ्लाइंग ऑफिसर के रूप में नियुक्त किया जाता है। इसके बाद अनुभव और प्रदर्शन के आधार पर पदोन्नति मिलती है।
ऐसे होती है पदोन्नति
| रैंक | सेवा अवधि (लगभग) |
| फ्लाइंग ऑफिसर | 0 - 2 साल |
| फ्लाइट लेफ्टिनेंट | 2 - 6 साल |
| स्क्वाड्रन लीडर | 6 - 13 साल |
| विंग कमांडर | 13 - 20 साल |
विंग कमांडर बनने के लिए लगभग 13 साल की सेवा और अच्छा प्रदर्शन जरूरी होता है।
किन परीक्षाओं और ट्रेनिंग से गुजरना होता है?
- अधिकारी को समय-समय पर स्टाफ कॉलेज कोर्स और अन्य ट्रेनिंग करनी होती है।
- प्रदर्शन, नेतृत्व क्षमता और अनुशासन के आधार पर पदोन्नति मिलती है।
विंग कमांडर की जिम्मेदारियां
विंग कमांडर बनने के बाद आप एक एयरफोर्स यूनिट या स्क्वाड्रन की कमान संभाल सकते हैं। आपकी जिम्मेदारियों में शामिल हैं:
- उड़ान अभियानों की योजना और निगरानी।
- जवानों और जूनियर अधिकारियों को ट्रेनिंग देना।
- रणनीतिक और प्रशासनिक काम संभालना।
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