कोई डॉक्टर,कोई US से ग्रेजुएट! कितने पढ़े-लिखे हैं अंतराष्ट्रीय मंच पर PAK की पोल खोलने को तैयार 7 MPs?
7 All-Party Delegates Academic Profile: भारत अब आतंकवाद के खिलाफ अपनी रणनीति को वैश्विक मंचों पर ले जाने की तैयारी में है। 7 मई को पाकिस्तान और पाक अधिकृत कश्मीर (PoK) में हुए 'ऑपरेशन सिंदूर' के जरिए भारत ने यह स्पष्ट कर दिया कि वह आतंकियों और उनके संरक्षकों को उनके घर में घुसकर जवाब देने की क्षमता रखता है। इसके बाद अब केंद्र सरकार ने आतंकवाद के खिलाफ अपनी नीति को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विस्तार देने का निर्णय लिया है।
सरकार का उद्देश्य यह है कि दुनिया को यह बताया जाए कि भारत सिर्फ आतंकी हमलों का शिकार नहीं होता, बल्कि वह उनके खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करता है। इसी उद्देश्य से अब भारत चुनिंदा सांसदों को विशेष मिशन पर विदेश भेजने जा रहा है। ये सांसद भारत की आतंकवाद विरोधी नीति को अमेरिका, ब्रिटेन, यूएई, कतर और दक्षिण अफ्रीका जैसे रणनीतिक रूप से अहम देशों में प्रमुख नेताओं, कूटनीतिज्ञों और नीति-निर्माताओं के समक्ष रखेंगे।

इन सांसदों को सौंपी गई अहम जिम्मेदारी
इस अंतरराष्ट्रीय डेलीगेशन में कई प्रमुख राजनीतिक दलों के वरिष्ठ और प्रभावशाली सांसदों को शामिल किया गया है। इनमें कांग्रेस के शशि थरूर, बीजेपी के रविशंकर प्रसाद और बैजयंत पांडा, जेडीयू के संजय कुमार झा, डीएमके की कनिमोझी, एनसीपी की सुप्रिया सुले और शिवसेना (शिंदे गुट) के श्रीकांत शिंदे शामिल हैं।
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इस कदम को भारत की विदेश नीति में एक नया और महत्वपूर्ण विस्तार माना जा रहा है। आइए एक नजर डालते हैं इन 7 डेलीगेट्स के एजुकेशन पर...
शशि थरूर: टफ्ट्स के मेधावी छात्र
कांग्रेस नेता और पूर्व राजनयिक शशि थरूर ने सेंट स्टीफंस कॉलेज, दिल्ली से स्नातक करने के बाद अमेरिका के टफ्ट्स यूनिवर्सिटी से MA, MALD और PhD की डिग्री ली। वे संयुक्त राष्ट्र में भी काम कर चुके हैं और अंग्रेजी के जाने-माने लेखक हैं।
सुप्रिया सुले: विज्ञान की छात्रा से सांसद तक
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की वरिष्ठ नेता सुप्रिया सुले ने मुंबई के जय हिंद कॉलेज से माइक्रोबायोलॉजी में स्नातक किया है। इसके बाद उन्होंने अमेरिका की कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी, बर्कले में जल प्रदूषण पर अध्ययन किया। वे राज्यसभा और लोकसभा दोनों की सदस्य रह चुकी हैं और महिला सशक्तिकरण से जुड़े कार्यों में सक्रिय हैं।
रविशंकर प्रसाद: कानून के ज्ञाता
भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने पटना यूनिवर्सिटी से BA (राजनीति विज्ञान) और LLB की पढ़ाई की। वकालत में उनका लंबा अनुभव रहा है और वे सुप्रीम कोर्ट में वरिष्ठ अधिवक्ता के तौर पर भी कार्यरत रहे हैं।
संजय कुमार झा: पत्रकारिता से मंत्री तक
बिहार सरकार में मंत्री और जेडीयू नेता संजय झा ने दिल्ली के IIMC (इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन) से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया है। वे राजनीति से पहले मीडिया से जुड़े हुए थे और अब मुख्यमंत्री के करीबी नेताओं में गिने जाते हैं।
बैजयंत पांडा: इंजीनियरिंग और प्रबंधन में निपुण
बीजेपी के नेता बैजयंत जय पांडा ने अमेरिका के मिशिगन टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में स्नातक किया है। इसके साथ ही उन्होंने मैनेजमेंट की पढ़ाई भी की है। वे राजनीति में आने से पहले कॉर्पोरेट सेक्टर में भी कार्यरत रहे।
कनिमोझी करुणानिधि: साहित्य और पत्रकारिता की पृष्ठभूमि
डीएमके सांसद कनिमोझी ने मद्रास यूनिवर्सिटी से अंग्रेजी साहित्य में MA किया है। वे पत्रकारिता और कविता लेखन में भी रुचि रखती हैं। सामाजिक कार्यों में उनकी सक्रिय भूमिका उन्हें जनता के बीच लोकप्रिय बनाती है।
डॉ. श्रीकांत शिंदे: डॉक्टर से बने सांसद
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के बेटे डॉ. श्रीकांत शिंदे ने डी वाई पाटिल मेडिकल कॉलेज, नवी मुंबई से एमबीबीएस और ऑर्थोपेडिक्स में एमएस किया है। वे पेशे से ऑर्थोपेडिक सर्जन हैं और फिलहाल कल्याण से लोकसभा सांसद हैं।
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