Astro Tips: जानिए कैसे करते हैं चोरी गई वस्तु का विचार
नई दिल्ली, 07 फरवरी। ज्योतिष शास्त्र में चोरी गई वस्तुओं का विचार नक्षत्र के आधार पर किया जा सकता है। कोई वस्तु जिस समय चोरी गई या जिस समय जातक ने देखा कि वस्तु गायब है उस समय जो नक्षत्र हो उसके आधार पर तय किया जाता है किवस्तु किस दिशा में गई है और मिलने की संभावना है या नहीं।

सबसे पहले हमें नक्षत्रों की संज्ञा समझनी होगी। चोरी गई वस्तुओं का विचार करने के लिए नक्षत्रों को चार संज्ञाओं में बांटा गया है। ये चार हैं अंध, मंद, मध्य और सुलोचन। अब देखते हैं किस नक्षत्र में गई वस्तु किस दिशा में मिलेगी और कितने प्रयासों से मिलेगी।
- रोहिणी, पुष्य, उत्तराफाल्गुनी, विशाखा, पूर्वाषाढ़ा, धनिष्ठा और रेवती ये सात नक्षत्र अंध नक्षत्र कहलाते हैं। इन नक्षत्रों में गुम हुई वस्तुएं पूर्व दिशा में जाती हैं और उनके शीघ्र मिल जाने की उम्मीद रहती है।
- मृगशिरा, अश्लेषा, हस्त, अनुराधा, उत्तराषाढ़ा, शतभिषा, आश्विन ये सात नक्षत्र मंद संज्ञक नक्षत्र कहलाते हैं। इन नक्षत्रों में गुम वस्तुए दक्षिण दिशा में जाती हैं और प्रयत्न करने से मिल भी जाती हैं।
- भरणी, आद्र्रा, मघा, चित्रा, ज्येष्ठा, अभिजीत, पूर्वाभाद्रपद ये सात नक्षत्र मध्य संज्ञक नक्षत्र कहलाते हैं। इन नक्षत्रों में गुम हुई वस्तुएं पश्चिम दिशा में जाती हैं और पता लगता है किवह बहुत दूर चली गई है, जिसके मिलने में संदेह रहता है।
- कृतिका, पुनर्वसु, श्रवण, पूर्वाफाल्गुनी, स्वाति, मूल, उत्तराभाद्रपद ये सात नक्षत्र सुलोचन कहलाते हैं। इन नक्षत्रों में गुम हुई वस्तुएं उत्तर दिशा में जाती है। इन नक्षत्रों में गई वस्तुओं का मिलना असंभव होता है।












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