• search
क्विक अलर्ट के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  
For Daily Alerts

Solar eclipse 2019: सूर्य ग्रहण में क्यों बंद हो जाते हैं मंदिरों के कपाट, इस दौरान क्या होता है वहां

|

नई दिल्ली। 26 दिसंबर को साल 2019 का आखिरी सूर्य ग्रहण लगा है। सूर्य ग्रहण से 12 घंटे पहले सूरत शुरू हो चुका है। 25 दिसंबर रात 8 बजे ही सूरत काल लग चुका है। ग्रहण से पहले सूरत काल शुरू होते ही मंदिरों के कपाट बंद कर दिए जाते हैं। मंदिरों में पूजा-पाठ बंद हो जाता है। ऐसे में कई बार लोगों के मन में सवाल उठते हैं कि आखिर क्यों सूतक के दौरान मंदिर के कपाट बंद कर दिए जाते हैं। मंदिर के पट बंद होने के बाद वहां क्या होता होगा? आइए जानें कि आखिर क्यों ग्रहण के दौरान मंदिरों को बंद रखा जाता है?

Surya Grahan 2019: सूर्य ग्रहण के समय खाने से शरीर पर पड़ता है क्या प्रभाव

 ग्रहण के दौरान क्यों बंद हो जाते हैं मंदिरों के कपाट

ग्रहण के दौरान क्यों बंद हो जाते हैं मंदिरों के कपाट

धार्मिक और पौराणिक मान्यताओं के अनुसार ग्रहण के दौरान सूतक काल शुरू होते ही मंदिरों के कपाट बंद कर दिए जाते हैं। माना जाता है कि ग्रहण का प्रभाव नकारात्मक होता है। ऐसे में मंदिरों को सबसे पवित्र स्थान माना गया है इसलिए मंदिरों को नकारात्मकताओं से बचाने के लिए मंदिरों के कपाट बंद कर दिए जाते हैं। ग्रहण के समय भगवान की मूर्ति को स्पर्श नहीं किया जाता है। सूतक काल लगुने के बाद ही मंदिरों के कपाट बंद कर दिए जाते हैं। पौराणिक मान्यताओं के मुताबिक ऐसा इसलिए किया जाता है ताकि देवी-देवताओं को ग्रहण के समय पड़ने वाले बुरे प्रभावों से बचाया जा सके।

 मंदिरों में ग्रहण के वक्त क्या होता है

मंदिरों में ग्रहण के वक्त क्या होता है

ग्रहण काल में मंदिरों के कपाट बंद होने के बाद देवताओं की मूर्तियों पर तुलसी के पत्ते रख दिए जाते हैं। मान्यताओं के मुताबिक तुलसी के पत्ते से ग्रहण के दौरान नकारात्मक ऊर्जा से बचा जा सकता है । ग्रहण के वक्त वातावरण में नकारात्मक ऊर्जा और बुरे तत्व के प्रभाव से मंदिर जैसे प्रवित्र स्थान को सुरक्षित रखने के लिए भगवान के पट बंद कर दिए जाते हैं। ग्रहण के दौरान मंदिरों में गायत्री मंत्र का पाठ किया जाता है, ताकि आसपास के वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा का संचार हो सके।

 ग्रहण के बाद होती है खास पूजा

ग्रहण के बाद होती है खास पूजा

ग्रहण खत्म होने के बाद पूरे मंदिर परिसर और भगवान के गृह को साफ-सुधरा किया जाता है। मंदिर की सफाई के बाद विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। ग्रहण के बाद दान का खास महत्व है। कहा जाता है कि ग्रहण के बाद स्थान करने के बाद दान देने से सारे बुरे प्रभाव खत्म हो जाते हैं।

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
English summary
Solar Eclipse 2019:Why Temple are Closed During Surya Grahan,All Need to Know
For Daily Alerts
तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
Enable
x
Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
X