Guru Gochar: गुरु का राशि परिवर्तन , चमकने वाली हैं इन तीन राशियों की किस्मत, चेक करें कहीं आपकी राशि तो नहीं
Guru Gochar: गुरु आज से 18 अक्टूबर 2025 तक और 5 दिसंबर 2025 से 3 जून 2026 तक मिथुन राशि में गोचर करेगा। इसके अनुसार यह सभी राशियों पर क्या असर करेगा, यह जानने लायक होगा। जन्मकुंडली में गुरु बलवान है तो गोचर में अशुभ होने पर भी शुभ फलदायक होता है।
जिन राशि के जातकों को गुरु नेष्टप्रद हो वे गुरु की शांति के लिए बृहस्पति स्तोत्र कवच का पाठ, गुरु मंत्र ऊं ग्रां ग्रीं ग्रौं स: गुरवे नम: या ऊं गुं गुरवे नम: के 19 हजार जाप स्वयं करें या पंडित से करवाएं।

गुरुवार का व्रत, पीले धान्य का भोजन एवं गुरुवार को पीले रंग के वस्त्र धारण करें। श्रीहरि, पीपल, केले के पेड़ तथा गुरु यंत्र की पूजा करने से गुरु जनित पीड़ा से मुक्ति मिलती है।
गुरु की शांति करने पर श्रेष्ठ फल मिलते हैं
पीत वस्त्र, पीत धान्य, पीतल अथवा कांस्यपात्र, हल्दी, सुवर्ण, खांड, पीतफल व पुष्प तथा धार्मिक पुस्तकों का दान करने से गुरु की शांति होती है। जिस कन्या को गुरु विवाह में बाधाकारक हो रहा हो, अशुभ हो तो उपर्युक्त पद्धति के अनुसार यथाशक्ति गुरु की शांति करने पर गुरु की प्रतिकूलता दूर होकर श्रेष्ठ फल मिलते हैं।
तुला, धनु और कुंभ के लिए गोचर अच्छा है, जानिए अन्य राशियों पर प्रभाव
- मेष : मांगलिक कार्य होंगे, संतान को कष्ट, यात्रा में बाधा, मित्रों से मतभेद हो सकता है।
- वृषभ : धनलाभ, सम्मान में वृद्धि, सुख, शांतिप्रद, विद्या में सफलता, श्रेष्ठता, पद प्राप्ति।
- मिथुन : व्यवसाय में बाधा, यात्रा में कष्ट, आर्थिक परेशानी, मनस्ताप, शारीरिक पीड़ा।
- कर्क : अपव्यय, मानसिक एवं शारीरिक कष्ट, स्वजनों से विरोध, यात्रा में कष्ट मिलेगा।
- सिंह : पद-प्रतिष्ठा में वृद्धि, धन लाभ, संतति सुख, व्यवसाय में प्रति के योग बनने वाले हैं।
कन्या वाले थोड़ा संभलकर रहें
- कन्या : स्थान परिवर्तन, कुटुंबिक क्लेश, अपव्यय, यशोमान में कमी, मंगल कार्य में बाधा।
- तुला : श्रेष्ठप्रद समय, भाग्योदय, धन लाभ, सौख्यता, धार्मिक कार्य में वृद्धि, पद-प्रतिष्ठा प्राप्ति।
- वृश्चिक : द्रव्य हानि, भाग्य की प्रतिकूलता, आदि-व्याधि पीड़ा, कार्यों में बाधा-परेशानी।
- धनु : व्यवसाय में सफलता, दांपत्य सुख, धन लाभ, यात्राएं, भागीदारी के कार्यों में सफलता।
मकर को झेलनी पड़ सकती है व्यय की अधिकता
- मकर : शारीरिक पीड़ा, शत्रु नाश, ऋण मुक्ति, व्यय की अधिकता, संतान पक्ष की चिंता।
- कुंभ : संतान सुख, द्रव्य की प्राप्ति, विद्या में सफलता, सौख्यता, मांगलिक कार्य संपन्न होंगे।
- मीन : कार्यों में रुकावट, माता को कष्ट, अप्रिय प्रसंग, मित्रों से लाभ की स्थिति बनेगी।












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