YouTube New Guidelines: AI से बनाया कॉन्टेंट तो यूट्यूब नहीं देगा पैसा, इन तरीकों से पीट सकते हैं मोटा पैसा
YouTube New Guidelines 2025: YouTube ने दोहराव वाले कॉन्टेंट(Repetitive Content), बड़े पैमाने पर बनाए जाने वाले और कम उपयोगिता वाले या घटिया कॉन्टेंट, विशेष रूप से AI द्वारा जेनरेट किए गए या ज्यादातर AI का इस्तेमाल कर बनाए गए कॉन्टेंट को लेकर अपनी मॉनेटाइजेशन पॉलिसी में सख्त नियम लागू किए हैं। इस बदली हुई पॉलिसी में स्पष्ट रूप से बताया गया है कि क्या मॉनेटाइजेशन के दायरे में आएगा और क्या नहीं आएगा। साथ ही AI वाले साउंड इफेक्ट या वॉइस ओवर, AI विजुअल्स, स्टॉक पिक्चर्स, स्टॉक फुटेज और फ़ीड बेस्ड वीडियो बनाने वाले इन्फ्लूएंसर्स को कैसे प्रभावित करेगा।
इन चैनल्स का बंद होगा हुक्का-पानी(Demonetization)
बड़े पैमाने पर AI की मदद से बनाए गए वीडियो जिनमें कम से कम ह्यूमन टच होगा। जैसे- सिंथेटिक आवाजों के साथ ऑटोमेटेड विजुअल्स और कोई पर्सनल नैरेटिव नहीं होगा। आसान भाषा में कहें तो वो कॉन्टेंट जिसमें एक तय प्रतिशत से ज्यादा AI का इस्तेमाल होगा, YouTube उसका पैसा नहीं देगा।

YouTube को चूना न लगाएं
वो लोग जो एक ही वीडियो में कांट-छांट कर दोबारा चिपकाकर YouTube से पैसा खींचते थे, YouTube को चूना लगाते थे उनके लिए बुरा वक्त शुरू होने वाला है। दोहराव वाले वीडियो (Repetitive Content) यानी कि वो वीडियो जो बिना कोई वेल्यू एड किए बिना फोर्मट, बिना स्क्रिप्ट या स्टाइल के दोबारा अपलोड किए जाते हैं (उदाहरण के लिए, फीडबैक, मैशअप, रीमिक्स, या फिर काम चलाऊ एडिटिंग के साथ अपलोड किए गए वीडियो)। इसके अलावा फ़ीड-बेस्ड या ऑटो जेनरेट किए गए वीडियो जो केवल समाचार फ़ीड, किसी वेबसाइट पर मौजूद टेक्स्ट को पढ़ती है या बिना किसी ऑरिजिनल स्क्रिप्ट या संदर्भ के अपलोड किया गया गया हो, उसका भी YouTube पैसा नहीं देगा।
पुराने फोटो से काम न चलाएं
वीडियो जो स्टॉक फोटो या स्क्रॉलिंग टेक्स्ट के केवल स्लाइड शो हैं, जिनमें थोड़ी बहुत मेहनत की गई है या फिर कोई एकस्ट्रा डायलोग या टीका- टिप्पणी नहीं है, उसका भी पैसा नहीं मिलेगा। साथ ही वीडियो जिसे मामूली बदलावों या फिर विजुअल्स इधर का उधर और उधर का इधर लगाकर चकमा देने की कोशिश की गई हो, YouTube अब उसे भी पकड़ लेगा और उसका भी पैसा नहीं देगा।
ज्यादा AI-AI न खेलें YouTube के साथ
बिना इंसानी मदद के (Without Human Touch) AI-जनरेटेड आवाज, विजुअल्स और बैकग्राउंड म्यूजिक उपयोग प्रतिबंधित नहीं है, लेकिन यदि वीडियो पूरी तरह से इनकी मदद से ही बनता है तो फिर मॉनेटाइजेशन के लिए आपका वीडियो योग्य नहीं माना जाएगा।
किन वीडियो पर बरसेगा पैसा?
ऑरिजिनल और ऑथेंटिक वीडियो जो आपकी आवाज, नजरिया या क्रिएटिविटी बताते हों, फिर चाहे आप AI टूल का उपयोग करें या नहीं। लेकिन जब आप इसमें वेल्यू एड करते हैं, जानकारी नई देते हैं, एडिटिंग अच्छी करते हैं, फोटो भी ऑरिजनल और वीडियो से जुड़े हुए लगाते हैं तो YouTube आपके साथ दामाद की तरह व्यवहार करेगा और खूब पैसा देगा।
एज्यूकेशनल कॉन्टेंट पर छप्पर फाड़ पैसा
ट्यूटोरियल वीडियो बनाते हैं खान सर और अलख पांडेय की तरह, रिसर्च बताते हैं नेशनल जियोग्राफिक की तरह तो YouTube आप पर दौलत लुटा सकता है। इसके अलावा कागज की नाव बनाना, निशा मधुलिका की तरह 25 तरीके का पनीर पकाना, सुरेंदर शर्मा की तरह कविता सुनाना पसंद करते हैं तो YouTube आपके लिए कुबेर जी का काम कर सकता है। इसमें आप एंकरिंग कर रहे हों तो AI से बने फोटो वीडियो भी चिपका सकते हैं। अगर वॉइस ओवर इंसान ने किया है तब भी ये सामग्री का इस्तेमाल कर सकते हैं। लेकिन वॉइस ओवर और फोटो सब AI से है तो मामला गड़बड़ा सकता है।
तो क्या YouTube पर AI बैन है?
YouTube पर AI प्रतिबंधित नहीं है, लेकिन कॉन्टेंट OG हो, नया हो और दर्शकों को वास्तविक जानकारी दे। बड़े पैमाने पर छपास या दोहराव वाले कॉन्टेंट बनाने वाले या हल्की गुणवत्ता वाले वीडियो कंटेंट पर निर्भर रहने वाले चैनलों को चपत लगने वाली है। उन्हें YouTube पार्टनर प्रोग्राम से हटाया जा सकता है। चैनलों का मैनुअल एनालिसिस सख्त हो जाएगा, जो मजबूत जानकारी पर जोर देगा।
YouTube के नए संविधान पर आपकी क्या राय है, हमें कॉमेंट में बताएं।












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