Hapur Murder: BJP नेता Naveen Tomar कौन है? प्रॉपर्टी डीलर हत्याकांड में FIR दर्ज, मां को एनकाउंटर का इंतजार!
Hapur Property Dealer Murder: पश्चिमी उत्तर प्रदेश में एक बार फिर जमीन-जायदाद की रंजिश ने खूनी रूप ले लिया। 11 मई 2026 की रात हापुड़ के पिलखुआ क्षेत्र के गालंद गांव में कार सवार प्रॉपर्टी डीलर की गोली मारकर हत्या कर दी गई। आरोप है कि पहले से घात लगाए बैठे आरोपियों ने ओवरटेक कर कार रुकवाई और फिर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। घटना में युवक गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
बताया जा रहा है कि शादी समारोह से लौटते वक्त प्रॉपर्टी डीलर की कार रोकी, शीशा तोड़ा और सीने में गोली मार दी। मृतक के परिजनों ने आक्रोश में कहा कि जब तक एनकाउंटर नहीं होगा, अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। पुलिस ने मृतक की मां की तहरीर पर हत्या, आपराधिक षड्यंत्र और हथियार एक्ट समेत गंभीर धाराओं में चार नामजद और एक अज्ञात आरोपी के खिलाफ FIR दर्ज की है। खास बात यह है कि FIR में BJP के जिला मंत्री नवीन तोमर का नाम भी शामिल है। दो आरोपियों को हिरासत में लिया गया है, जबकि मुख्य आरोपी फरार हैं। आइए विस्तार से जानते हैं कैसे क्या हुआ?

शादी से सीधा कत्ल तक, सीने में उतारी गोली
अतुल तोमर गाजियाबाद के भोजपुर क्षेत्र में एक शादी समारोह में शामिल होने गए थे। उनके साथ गांव के अन्य प्रॉपर्टी डीलर मंजीत, नवीन तोमर, ब्रजमोहन और श्रीपाल उर्फ पप्पू भी थे। समारोह में ही इनके बीच प्लॉट को लेकर झगड़ा हो गया। रात करीब 10:45 बजे अतुल अपनी कार (UP-37-AB-7100) से घर लौट रहे थे। पिलखुआ-रिलायंस रोड पर जिम के पास आरोपियों ने उनकी कार ओवरटेक कर रोकी। शीशा खोलने का इशारा किया। अतुल ने मना किया तो आरोपियों ने शीशा तोड़कर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। एक गोली सीने में लगी। साथी अशोक ने पूरी घटना देखी और आरोपियों की पहचान की। घायल अतुल को पहले स्थानीय अस्पताल, फिर गाजियाबाद के सर्वोदय अस्पताल ले जाया गया, जहां देर रात उनकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही गांव में तनाव फैल गया।
Who Is Naveen Tomar: कौन हैं नवीन तोमर? BJP का चेहरा या हिस्ट्रीशीटर?
नवीन तोमर (पुत्र कालू, गालंद गांव) BJP के जिला मंत्री हैं। मृतक के परिवार के आरोप हैं कि नवीन हिस्ट्रीशीटर हैं। उस पर पहले भी हत्या का मामला दर्ज रहा है। आरोपियों में मंजीत का आपराधिक रिकॉर्ड और गंभीर हैं। ब्रजमोहन और श्रीपाल उर्फ पप्पू भी आपराधिक पृष्ठभूमि वाले बताए जा रहे हैं। परिजनों का आरोप है कि इन सभी की दबंग छवि है और वे गांव में दहशत फैलाते थे। मृतक अतुल की मां मधु तोमर ने FIR में कहा कि पिछले एक-तीन साल से प्लॉट विवाद चल रहा था। आरोपी लगातार धमकियां दे रहे थे।
प्रॉपर्टी डीलिंग का खूनी खेल
पश्चिमी उत्तर प्रदेश (हापुड़, गाजियाबाद, मेरठ, बागपत) में प्रॉपर्टी डीलिंग एक बड़ा बिजनेस है। दिल्ली-NCR की निकटता, औद्योगिक विकास और हाईवे प्रोजेक्ट्स के कारण जमीन के दाम आसमान छू रहे हैं। लेकिन इसी के साथ जमीन माफिया, फर्जी दस्तावेज, जबरन कब्जा और रंजिश भी बढ़ी है।
अतुल तोमर भी प्रॉपर्टी डीलर थे। गांव में एक प्लॉट को लेकर लंबे समय से विवाद था। आरोपियों के साथ न सिर्फ व्यापारिक प्रतिद्वंद्विता, बल्कि व्यक्तिगत दुश्मनी भी थी। शादी समारोह में झगड़ा भड़का और रात में प्लान करके हमला किया गया। यह पहली बार नहीं है। पश्चिमी UP में ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं जहां प्रॉपर्टी विवाद हत्या तक पहुंच जाते हैं।
गांव में तनाव, CCTV खंगाल रही पुलिस, मां की एनकाउंटर की मांग
पिलखुआ पुलिस ने तुरंत FIR दर्ज की, CCTV फुटेज खंगाल रही है, फॉरेंसिक साक्ष्य जुटा रही है। गांव में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। लेकिन परिवार का एनकाउंटर की मांग दर्शाता है कि आम जनता में पुलिस-कोर्ट सिस्टम पर भरोसा कम है। पश्चिमी UP में जातीय समीकरण, गुटबाजी और सत्ता के नजदीकी अक्सर न्याय में बाधा बनते हैं।
Who Was Atul Tomar: अतुल तोमर कौन थे?
अतुल तोमर 32 वर्षीय युवा प्रॉपर्टी डीलर था। पिता योगेंद्र तोमर पूर्व ग्राम प्रधान हैं। परिवार में पत्नी पिंकी (30) और 10 वर्षीय बेटा युवराज है। मां मधु ने कहा ने कहा कि बेटे से रंजिश रखते थे। मुकदमेबाजी चल रही थी। अगर समय पर कार्रवाई होती तो बेटा आज जिंदा होता। परिवार अब मातम में डूबा है। गांव में भय और आक्रोश का माहौल है।
किन धाराओं में FIR दर्ज?

फिलहाल पुलिस का पूरा फोकस आरोपियों की गिरफ्तारी और हत्या के पीछे की असली वजह सामने लाने पर है। शुरुआती जांच में मामला पुरानी रंजिश और वर्चस्व की लड़ाई से जुड़ा माना जा रहा है। पुलिस ने FIR नंबर 0208 (12 मई 2026) दर्ज किया। लगाई गई धाराएं: BNS 190, 191(2), 191(3), 126(2), 103(1), 324(4) आदि।
पुलिस की कार्रवाई और आगे क्या?
दो आरोपियों को हिरासत में लिया गया। मुख्य आरोपी नवीन तोमर, मंजीत आदि फरार। पुलिस छापेमारी कर रही है। जांच में प्लॉट विवाद की गहराई, हथियारों का स्रोत और अन्य सहयोगियों की भूमिका उजागर होने की उम्मीद। यदि साक्ष्य मजबूत मिले तो धाराएं बढ़ाई जा सकती हैं।













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