Suvendu PA Murder Case: सुवेंदु के PA चंद्रनाथ रथ हत्याकांड में गिरफ्तार Raj Singh कौन है? सियासत से जुड़े तार!
Suvendu PA Murder Case: पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के निजी सचिव (PA) चंद्रनाथ रथ की हत्या का मामला तेजी से राजनीतिक रंग ले रहा है। वारदात के महज कुछ दिनों बाद यूपी के बलिया जिले के राज सिंह को अयोध्या से गिरफ्तार किया गया। पुलिस उसे शार्पशूटर मान रही है। बिहार के बक्सर से दो अन्य संदिग्धों 'मयंक राज मिश्रा' और 'विक्की मौर्य' को भी पकड़ा गया। तीनों को कोर्ट ने 13 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।
यह मामला अब केवल अपराध का नहीं, बल्कि पश्चिम बंगाल की सत्ताधारी BJP और विपक्ष के बीच सियासी आरोप-प्रत्यारोप का केंद्र बन गया है। राज सिंह की गिरफ्तारी के बाद उसके राजनीतिक कनेक्शन और महत्वाकांक्षा सामने आने से मामला और संवेदनशील हो गया है। आइए विस्तार से जानते हैं आखिर कौन है राज सिंह?

Who Is Raj Singh: राज सिंह कौन हैं?
राज सिंह बलिया सदर कोतवाली क्षेत्र के आनंद नगर का रहने वाला है। वह खुद को अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा का प्रदेश महासचिव बताता है। सोशल मीडिया पर सक्रिय राज सिंह के फेसबुक अकाउंट से BJP नेताओं के साथ तस्वीरें वायरल है...
- उत्तर प्रदेश के मंत्री दयाशंकर सिंह के साथ तस्वीरें
- पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के साथ रील
- राजनीतिक कार्यक्रमों और सामाजिक आयोजनों में सक्रिय दिखना
पड़ोसियों और स्थानीय लोगों के अनुसार, राज सिंह लंबे समय से राजनीति में आने की तैयारी कर रहा था। उसने मिशन 2026 लिखकर चिलकहर ब्लॉक प्रमुख का चुनाव लड़ने की ठान रखी थी। सभासद (वार्ड सदस्य) के चुनाव के लिए पोस्टर भी छपवा चुका था। वह नेता बनने के सपने देख रहा था और स्थानीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने में लगा हुआ था।

क्या है चंद्रनाथ रथ हत्याकांड?
6 मई 2026 को उत्तर 24 परगना जिले के मध्यमग्राम इलाके में चंद्रनाथ रथ (42 वर्ष) पर हमला हुआ। हमलावरों ने उनकी कार रोककर कई राउंड फायरिंग की। रथ को सीने और पेट में तीन गोलियां लगीं। घटना मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के बेहद करीबी सहयोगी की हत्या होने के कारण पूरे राज्य में सनसनी फैल गई। बंगाल पुलिस का दावा है कि राज सिंह इस वारदात में शामिल शूटर हो सकता है। पुलिस की टीम ने उसे अयोध्या से गिरफ्तार किया।

परिवार और वकील का दावा: 'फंसाया जा रहा है'
- राज सिंह की मां जामवंती सिंह ने बलिया जिला कोर्ट में कहा, 'मेरे बेटे को फंसाया जा रहा है। हमारी बंगाल में कोई रिश्तेदारी नहीं है, न कभी गए हैं। CBI जांच होनी चाहिए।' राज के वकील हरिवंत सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोप लगाया कि गिरफ्तारी गैर-कानूनी तरीके से हुई। उन्होंने कहा कि
- ट्रांजिट रिमांड नहीं लिया गया
- लड़के को अपहरण की तरह उठाया गया
- 4, 5 और 6 अप्रैल की CCTV फुटेज में राज सिंह बलिया में अपने घर पर मौजूद था
वकील ने उच्च अधिकारियों और राज्यपाल को पत्र लिखकर निष्पक्ष जांच की मांग की है।

'मेरा बेटा अपराधी नहीं, मेरे पास कई सबूत'
वहीं, CM सुवेंदु अधिकारी के पर्सनल असिस्टेंट चंद्रनाथ रथ की हत्या के मामले में गिरफ्तार आरोपी राज सिंह की मां, जम्वांती देवी कहती हैं कि 7 तारीख को वह लखनऊ जा रहा था। मैं उसके साथ थी... हम दर्शन के लिए अयोध्या भी गए थे, और अगले दिन SOG की टीम आई और मेरे बेटे को गिरफ़्तार कर लिया... हमें नहीं पता कि पूरी रात हमारे बेटे के साथ क्या हुआ... अगले दिन, उन्होंने हमें बताया कि कोलकाता की टीम यहां आई है और उसे पूछताछ के लिए ले जा रही है। उन्होंने हमसे कहा कि पूछताछ के बाद वे उसे छोड़ देंगे। आज तक, मुझे नहीं पता कि मेरा बेटा कहां है... हम बस इतना चाहते हैं कि वे पूछताछ करें और यह जांचें कि उस समय के दौरान हमारा बेटा हमारे साथ ही था... मुझे बस इंसाफ चाहिए... मेरे पास कई सबूत हैं... मेरा बेटा कहीं नहीं गया था... वह कोई अपराधी नहीं है...'
राजनीतिक कनेक्शन पर उठे सवाल?
राज सिंह के सोशल मीडिया प्रोफाइल और स्थानीय राजनीतिक गतिविधियां इस मामले को सियासी रंग दे रही हैं। BJP के स्थानीय और प्रदेश स्तर के नेताओं से उसके संबंधों के कारण विपक्षी दलों ने सवाल उठाना शुरू कर दिया है। हालांकि BJP की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, तीन साल पहले बलिया में एक अंडा दुकानदार को गोली मारने के मामले में भी राज सिंह का नाम सामने आया था, जिससे उसकी आपराधिक पृष्ठभूमि का दावा किया जा रहा है।
बंगाल राजनीति में व्यापक असर
सुवेंदु अधिकारी के PA की हत्या बंगाल में जारी राजनीतिक हिंसा की नई कड़ी मानी जा रही है। 2026 के विधानसभा चुनावों में BJP की बड़ी जीत के तुरंत बाद यह घटना हुई है, जिससे सत्ता हस्तांतरण और प्रशासनिक नियंत्रण के बीच तनाव की आशंका बढ़ गई है।
विपक्षी दल इस मामले को 'राजनीतिक साजिश' बता रहे हैं, जबकि सत्ताधारी पक्ष इसे 'गैंगवार या व्यक्तिगत दुश्मनी' से जोड़ने की कोशिश कर रहा है। CBI जांच की मांग तेज हो गई है।
13 दिन की पुलिस कस्टडी में पूछताछ
राज सिंह, मयंक राज मिश्रा और विक्की मौर्य की 13 दिन की पुलिस कस्टडी में पूछताछ जारी है। पुलिस इनसे इस हत्याकांड के मास्टरमाइंड, मोटिव और बड़े नेटवर्क तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। इस मामले ने उत्तर प्रदेश-बिहार-पश्चिम बंगाल के बीच अपराध और राजनीति के गहरे अंतर्संबंधों को एक बार फिर उजागर कर दिया है। बलिया जैसे छोटे जिले का युवा, जो स्थानीय राजनीति में कदम रखने की तैयारी कर रहा था, अब एक बड़े राजनीतिक हत्याकांड का केंद्रीय चेहरा बन गया है।
परिवार न्याय की मांग कर रहा है, पुलिस सबूत जुटा रही है और राजनीतिक गलियारों में आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला जारी है। इस हत्याकांड की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच न केवल पीड़ित परिवार को न्याय दिलाएगी, बल्कि बंगाल की सियासी स्थिरता के लिए भी अहम साबित होगी।
नोट- खबर मीडिया रिपोर्ट्स व राज सिंह के फेसबुक अकाउंट से गईं तस्वीरें पर आधारित है।













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