PBKS की खराब फील्डिंग ने डुबोई टीम की लुटिया! शशांक सिंह ने 3 मैचों में छोड़े 5 कैच, बनाया अनचाहा रिकॉर्ड
PBKS dropped Catches List: क्रिकेट में कहा जाता है कि कैच पकड़ो, मैच जीतो, लेकिन पंजाब किंग्स (PBKS) इस मंत्र को पूरी तरह भूल चुकी है। बुधवार को सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) के खिलाफ मुकाबले में पंजाब के फील्डर्स ने एक बार फिर लापरवाही का नमूना पेश किया। साल 2025 की रनर-अप रही पंजाब ने हैदराबाद के राजीव गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम में तीन आसान कैच टपकाए, जिसका खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ा।
पंजाब किंग्स ने छोड़े कई कैच (PBKS dropped Catches List)
हैदराबाद के खिलाफ मैच में कूपर कोनोली, शशांक सिंह और लॉकी फर्ग्यूसन ने आसान मौके गंवाए। सबसे पहले कोनोली ने बैकवर्ड स्क्वायर लेग पर ईशान किशन का कैच छोड़ा। इसके बाद खराब फॉर्म से जूझ रहे शशांक सिंह ने हेनरिक क्लासन का लड्डू कैच टपकाया, जो बाउंड्री के बाहर चार रनों के लिए चला गया। हद तो तब हो गई जब 11वें ओवर में युजवेंद्र चहल की गेंद पर लॉकी फर्ग्यूसन ने एक बेहद सरल कैच मिस किया और उसी ओवर में प्रभसिमरन सिंह ने स्टंपिंग का मौका भी गंवा दिया। इन गलतियों ने हैदराबाद के बल्लेबाजों को खुलकर खेलने की आजादी दे दी।

पंजाब ने छोड़े सबसे ज्यादा कैच
आईपीएल 2026 में पंजाब किंग्स की फील्डिंग अब तक की सबसे खराब रही है। पंजाब अब चेन्नई सुपर किंग्स के साथ संयुक्त रूप से सबसे ज्यादा कैच छोड़ने वाली टीम बन गई है। अब तक खेले गए 10 मैचों में पंजाब के खिलाड़ियों ने कुल 16 कैच छोड़े हैं। मैच के दौरान ब्रॉडकास्टर्स से बात करते हुए पंजाब के हेड कोच रिकी पोंटिंग ने अपनी निराशा को हंसी में छिपाने की कोशिश की।
शशांक सिंह को लेकर बोले पोंटिंग
उन्होंने कहा कि यह किसी वायरस की तरह है। हमने इस सीजन में बहुत सारे कैच छोड़े हैं। लड़कों ने कड़ी मेहनत की है, लेकिन बेचारे शशांक के साथ ऐसा लग रहा है कि गेंद हर जगह उनका पीछा कर रही है। पोंटिंग ने आगे बताया कि शशांक हैमस्ट्रिंग इंजरी के बाद वापसी कर रहे हैं और पिछले 5-6 दिनों से उनसे काफी कैचिंग प्रैक्टिस करवाई गई थी। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि शशांक एक बेहतरीन टी20 खिलाड़ी हैं, लेकिन वे इस तरह कैच छोड़ना अफोर्ड नहीं कर सकते। टाइम-आउट के दौरान मैंने खिलाड़ियों से कहा था कि मौके आएंगे और अगर हम उन्हें पकड़ते हैं, तो हम विपक्षी टीम के निचले क्रम तक जल्दी पहुंच सकते हैं।
पंजाब की कैचिंग वाली समस्या ने उनके गेंदबाजों के आत्मविश्वास को भी हिला कर रख दिया है। विशेष रूप से युजवेंद्र चहल जैसे स्पिनरों के लिए यह स्थिति बेहद खराब है, जहां उनकी मेहनत पर फील्डर्स पानी फेर रहे हैं। अगर पंजाब को प्लेऑफ की रेस में मजबूती से बने रहना है, तो उन्हें अपनी फील्डिंग के स्तर को तत्काल सुधारना होगा।















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