आप बंगाल में उलझे रहे, इधर Sri Lanka - Maldives ने कर ली बड़ी डिफेंस डील, निशाने पर आएगा भारत का पड़ोसी देश?
Maldives Sri Lanka Deal: मालदीव और श्रीलंका ने हाल ही में सात समझौतों पर साइन किए। लेकिन इनमें सबसे ज्यादा चर्चा डिफेंस पर साइन हुए MoU की हो रही है। यह समझौते कोलंबो में हुए, जहां मालदीव के राष्ट्रपति डॉ. मोहम्मद मुइज़्ज़ू और श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके के बीच द्विपक्षीय वार्ता हुई। मुइज़्ज़ू 4 मई 2026 को राजकीय दौरे पर श्रीलंका पहुंचे थे, जब भारतीय लोग बंगाल समेत पांच राज्यों को चुनाव नतीजों में व्यस्त थे।
नई और भविष्य की साझेदारी" की शुरुआत
वार्ता के बाद मुइज़्ज़ू ने कहा कि यह दौरा सिर्फ पड़ोसी रिश्तों की पुष्टि नहीं, बल्कि दोनों देशों के बीच एक नई और भविष्य को ध्यान में रखने वाली साझेदारी की शुरुआत है। उन्होंने बातचीत को काफी हद तक प्रोडक्टिव बनाए रखने पर फोकस किया।

क्या-क्या डील हुई?
मुइज़्ज़ू ने बताया कि दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा हुई। साथ ही व्यापार, निवेश, स्वास्थ्य, रक्षा और सुरक्षा, शिक्षा, युवा और खेल, मत्स्य पालन, पर्यावरण और सामाजिक विकास जैसे अहम क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी। एक्सपर्ट की मानें तो बाकी 6 समझौते दोनों देशों के बीच पहले से ही चल रहे हैं, लेकिन रक्षा पर समझौता हिन्द महासागर की शांति में एक अलर्ट की तरह है। क्योंकि इस वक्त मालदीव और मॉरीशस के रिश्ते तनावपूर्ण चल रहे हैं। ऐसे में श्रीलंका का उसके साथ डिफेंस डील करना गौर करने वाली बात है।
चागोस पर मुइज्जू की दादागीरी
मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज़्ज़ू ने चागोस द्वीप समूह पर ऐतिहासिक और कानूनी दावा जताया है। उनका कहना है कि इन द्वीपों पर 900 साल पुराने मालदीव से जुड़े अवशेष मिले हैं, जो इस दावे को मजबूत करते हैं।
ITLOS के फैसले पर विवाद
2023 में इंटरनेशनल ट्रिब्यूनल फॉर द लॉ ऑफ द सी (ITLOS) ने चागोस क्षेत्र के समुद्री हिस्से का बड़ा भाग मॉरीशस को देने का फैसला सुनाया था। हालांकि, मालदीव की पिछली सरकार ने इस फैसले को स्वीकार कर लिया था, लेकिन मौजूदा सरकार ने इसे आधिकारिक तौर पर खारिज कर दिया है।
बढ़ता तनाव और नेवी की तैनाती
इस विवाद ने अब नया मोड़ ले लिया है। मालदीव ने विवादित क्षेत्र में अपनी नेवी तैनात कर दी है, जिससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है। यह कदम हिंद महासागर क्षेत्र में सुरक्षा चिंताओं को और गहरा कर रहा है। जिसमें अगर श्रीलंका शामिल होता है तो तनाव और बढ़ सकता है।
भारत के लिए क्या चुनौती?
इस पूरे घटनाक्रम का असर भारत पर भी पड़ा है। एक क्षेत्रीय शक्ति होने के नाते भारत को मालदीव और मॉरीशस दोनों के साथ अच्छे संबंध बनाए रखने होते हैं। ऐसे में यह विवाद भारत के लिए कूटनीतिक संतुलन बनाना और मुश्किल कर रहा है।
किन-किन MoU पर हुए साइन?
इन सात MoU में पर्यटन, अभिलेखागार, टीचर ट्रेनिंग, खेल और युवा विकास, रक्षा, रक्षा शिक्षा और रिसर्च, और कोलंबो विश्वविद्यालय के साथ-साथे मालदीव के संस्थानों के बीच एकेडमिक सपोर्ट शामिल है। देखना होगा आने वाले वक्त में श्रीलंका का डिफेंस के मामले में क्या रुख रहता है और अगर टेंशन बढ़ती है तो क्या भारत कैसे इसमें शांति लाएगा।
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