Trump China Visit: सोयाबीन से लेकर बाजार पर कब्जे तक! चीन से क्या-क्या चाहते हैं ट्रंप, रखी ये 3 बड़ी शर्तें
Trump China Visit: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की चीन यात्रा इस समय पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बनी हुई है। अपने बड़े प्रतिनिधिमंडल के साथ बीजिंग पहुंचे ट्रम्प का मुख्य उद्देश्य व्यापारिक रिश्तों को एक नई दिशा देना है। राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ हुई उनकी बैठक सकारात्मक रही, जहां दोनों ने सहयोग की बात की।
हालांकि, इस दोस्ती के पीछे असल मकसद अमेरिका के आर्थिक हितों को सुरक्षित करना है। ट्रम्प चाहते हैं कि चीन अपनी बाजार नीतियों में बदलाव करे ताकि अमेरिकी कंपनियों को वहां व्यापार करने में आसानी हो और दोनों देशों के बीच चल रहा व्यापारिक तनाव कम हो सके।

Trump Xi Jinping Meeting: खेती और किसानों के लिए नया रास्ता
ट्रम्प की इस यात्रा का एक बड़ा हिस्सा अमेरिकी किसानों से जुड़ा है। चीन ने पिछले कुछ समय से अमेरिका से सोयाबीन खरीदना काफी कम कर दिया है, जिससे अमेरिकी कृषि क्षेत्र पर बुरा असर पड़ा है। ट्रम्प चाहते हैं कि चीन फिर से भारी मात्रा में सोयाबीन और बीफ (गोश्त) खरीदना शुरू करे। इससे न केवल अमेरिकी किसानों की कमाई बढ़ेगी, बल्कि अमेरिका का व्यापार घाटा भी कम होगा। वह चीन को एक बड़े खरीदार के रूप में वापस लाना चाहते हैं।
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बाजार के दरवाजे खोलने की मांग
चीन की आबादी करीब 1.4 अरब है, जो किसी भी देश के लिए बहुत बड़ा बाजार है। ट्रम्प का मानना है कि चीन अपनी कंपनियों को बचाने के लिए 'संरक्षणवादी' नीतियां अपनाता है, जिससे अमेरिकी कंपनियों को वहां पैर जमाने में दिक्कत होती है। वह चाहते हैं कि चीन अपने नियम आसान करे ताकि अमेरिकी कंपनियां बिना किसी रुकावट के वहां अपना सामान बेच सकें। ट्रम्प की कोशिश है कि अमेरिकी बिजनेस को चीन में भी वही बराबरी का मौका मिले जो चीनी कंपनियों को मिलता है।
संयुक्त व्यापार बोर्ड का प्रस्ताव
व्यापारिक झगड़ों को बातचीत से सुलझाने के लिए ट्रम्प एक 'संयुक्त व्यापार बोर्ड' (Joint Trade Board) बनाने का सुझाव देना चाहते हैं। अक्सर देखा गया है कि दोनों देशों के बीच छोटी-छोटी बातों पर विवाद बढ़ जाता है। यह बोर्ड एक ऐसे मंच की तरह काम करेगा जहां दोनों देशों के अधिकारी साथ बैठकर व्यापार से जुड़ी समस्याओं का हल निकालेंगे। इससे रोज-रोज होने वाली बयानबाजी और अचानक लिए जाने वाले कड़े फैसलों पर लगाम लगने की उम्मीद है।
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टैरिफ और निवेश पर स्थिरता
चीन चाहता है कि अमेरिका उस पर लगने वाले भारी-भरकम टैक्स (टैरिफ) को स्थिर करे। पुराने समय में ट्रम्प ने चीनी सामान पर 145% तक टैक्स लगा दिया था। अब चीन एक ऐसा भरोसा चाहता है जो लंबे समय तक टिके और रातों-रात न बदले। दूसरी ओर, ट्रम्प अमेरिका के अंदर चीनी निवेश को बढ़ाने के पक्ष में हैं। उनका मानना है कि अगर चीनी कंपनियां अमेरिका में फैक्ट्रियां लगाएंगी, तो वहां के लोगों को रोजगार मिलेगा और अमेरिकी अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।












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