Thalapathy Vijay: विजय तमिलनाडु CM कुर्सी पर बैठ पाएंगे? IUML का यू-टर्न और डिप्टी CM का पेंच बिगाड़ेगा गेम
Thalapathy Vijay CM Oath Tension: तमिलनाडु की राजनीति में 8 मई 2026 (शुक्रवार) देर रात एक बार फिर नाटकीय ट्विस्ट आ गया। थलापति विजय (सी. जोसेफ विजय) के मुख्यमंत्री पद की शपथ 9 मई (शनिवार) सुबह 11 बजे नेहरू इंडोर स्टेडियम में होने वाली थी, लेकिन अब पूरा कार्यक्रम असमंजस और सस्पेंस में फंस गया है। TVK प्रमुख विजय ने राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर से तीसरी मुलाकात में 116-117 विधायकों के समर्थन पत्र सौंपे, बहुमत (118) से ठीक 1-2 कम।
इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) ने TVK को समर्थन देने से यू-टर्न कर दिया और DMK गठबंधन के साथ रहने का ऐलान किया। वहीं, विदुथलाई चिरुथाइगल काची (VCK) ने समर्थन पत्र ईमेल कर दिया, लेकिन औपचारिक पत्र अभी राज्यपाल कार्यालय नहीं पहुंचा। VCK प्रमुख थोल. थिरुमावलवन उप-मुख्यमंत्री पद की मांग पर अड़े हैं, जबकि TVK ने शहरी विकास पोर्टफोलियो देने की पेशकश की।

राज्यपाल कार्यालय ने अभी तक सरकार बनाने का निमंत्रण नहीं भेजा। सूत्रों के मुताबिक, VCK का फॉर्मल लेटर मिलने के बाद ही शपथ की घोषणा होगी। TVK MLA मैरी विल्सन ने कहा कि आज रात तक खबर आ जाएगी, 100% भरोसा है। लेकिन CPI(M) का दावा कि 'कल 11 बजे शपथ होगी और राज्यपाल का 'अभी आमंत्रण नहीं'- ये दोनों बयान एक-दूसरे से टकरा रहे हैं। यह IUML यू-टर्न + VCK बार्गेनिंग ही विजय का सबसे बड़ा रोड़ा बन गया है। तमिलनाडु में डिप्टी CM का पेंच क्यों नया मोड़ ले रहा है? आइए समझें...
IUML का यू-टर्न: 'DMK गठबंधन से हम कभी नहीं हटेंगे'
पहले खबरें थीं कि IUML (2 सीटें) ने TVK को बिना शर्त समर्थन दे दिया। लेकिन शुक्रवार रात IUML नेता कादर मोइदीन और अदुथुराई शाहजहां ने साफ कहा कि हमने TVK को कोई समर्थन पत्र नहीं दिया। यह अफवाह है। हम DMK के नेतृत्व वाले धर्मनिरपेक्ष प्रगतिशील गठबंधन में बने रहेंगे। हमारा गठबंधन सिर्फ चुनावी नहीं, वैचारिक है।
IUML के राज्य स्तरीय फेसबुक पेज पर भी बयान जारी कि TVK को कोई समर्थन नहीं। इससे TVK को दो सीटों का सीधा नुकसान हुआ। IUML ने TVK नेताओं से मुलाकात में भी साफ इनकार कर दिया। यह यू-टर्न DMK के पुराने सहयोगी होने और मुस्लिम वोट बैंक को DMK के साथ जोड़े रखने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
VCK की बार्गेनिंग: उप-मुख्यमंत्री पद या शहरी मामलों का पोर्टफोलियो?
VCK (2 सीटें) अभी भी खेल का सबसे अहम पत्ता है। पार्टी ने TVK को समर्थन पत्र ईमेल कर दिया, लेकिन राज्यपाल को औपचारिक पत्र नहीं सौंपा। थिरुमावलवन फिलहाल 'अनुपलब्ध' दिख रहे हैं। सूत्र बताते हैं कि VCK ने डिप्टी CM पद की मांग की है। TVK ने इसके एवज में शहरी विकास का पोर्टफोलियो देने की पेशकश की।
VCK दलित-आधारित पार्टी है और थिरुमावलवन पिछले कई सालों से DMK गठबंधन में थे। अब TVK की तरफ झुकाव के पीछे 'सामाजिक न्याय' और पद की राजनीति दोनों हैं। CPI और CPI(M) ने बिना शर्त समर्थन पत्र सौंप दिया, लेकिन VCK का 'पेंच' पूरा गणित बिगाड़ रहा है।
Tamil Nadu Govt Drama: 3 मुलाकात, फिर भी राज्यपाल क्यों नहीं दे रहे निमंत्रण?
4 मई को TVK 108 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनी। लेकिन बहुमत 118 चाहिए था।
- पहली मुलाकात (बुधवार): दावा, लेकिन 'स्पष्ट प्रमाण' मांगा।
- दूसरी मुलाकात (गुरुवार): इनकार, बहुमत साबित नहीं। प्रदर्शन हुए।
- तीसरी मुलाकात (शुक्रवार शाम): 116-117 पत्र सौंपे। राज्यपाल ने VCK का औपचारिक पत्र मांगा।
राज्यपाल अर्लेकर ने साफ कहा - 'बहुमत साबित नहीं हुआ तो निमंत्रण नहीं।' TVK ने सुप्रीम कोर्ट में भी याचिका दायर कर दी है।
गहन राजनीतिक : विजय का रोड़ा क्यों बना यह पेंच?
- Dravidian राजनीति का नया चेहरा: TVK ने 108 सीटों से DMK-AIADMK की 60 साल पुरानी द्विपक्षीय सत्ता तोड़ी। लेकिन पोस्ट-पोल गठबंधन बनाने में 'अनुभव की कमी' दिख रही। फैन पावर युवा वोट लाई, लेकिन दलित-मुस्लिम वोट बैंक (VCK+IUML) को संभालना मुश्किल हुआ।
- डिप्टी CM का पेंच: तमिलनाडु में पहली बार गैर-द्रविड़ पार्टी सरकार बनने जा रही थी, लेकिन VCK की मांग ने 'पावर शेयरिंग' का नया आयाम जोड़ दिया। थिरुमावलवन जानते हैं कि दलित वोट बैंक TVK की तरफ शिफ्ट हो रहा है - इसलिए पद की मांग।
- INDIA ब्लॉक का टूटता गठबंधन: कांग्रेस ने TVK को समर्थन देकर DMK से नाता तोड़ा। MK स्टालिन ने इसे 'धोखा' बताया। राहुल गांधी-खड़गे शपथ में आने वाले थे, लेकिन अब अनिश्चितता है।













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