Thalapathy Vijay CM Oath: 9 मई को विजय के CM पद की शपथ पर असमंजस! TVK ने सिर्फ 116 हस्ताक्षर ही सौंपे
Thalapathy Vijay CM Oath: तमिलनाडु की राजनीति में शुक्रवार देर रात एक और नाटकीय ट्विस्ट आ गया। थलापति विजय (सी. जोसेफ विजय) के मुख्यमंत्री पद की शपथ 9 मई (शनिवार) सुबह 11 बजे होने वाली थी, लेकिन अब पूरा कार्यक्रम असमंजस में फंस गया है। TVK प्रमुख विजय ने राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर से तीसरी मुलाकात में 116 विधायकों के समर्थन पत्र सौंपे, जो बहुमत (118) से ठीक दो कम हैं।
राज्यपाल कार्यालय अभी भी विदुथलाई चिरुथाइगल काची (VCK) का औपचारिक समर्थन पत्र इंतजार कर रहा है, जबकि इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) ने TVK को समर्थन देने से इनकार कर दिया और DMK गठबंधन के साथ रहने का फैसला किया।

यह आखिरी घंटे का ड्रामा तमिलनाडु के त्रिशंकु जनादेश को और जटिल बना रहा है। TVK ने 108 सीटें जीतीं, लेकिन अकेले बहुमत नहीं बना पाई। अब सवाल ये है कि क्या 9 मई को शपथ होगा? या राज्यपाल एक बार फिर 'स्पष्ट बहुमत' मांगकर टाल देंगे? आइए समझते हैं...तीन मुलाकातों का ड्रामा, गुप्त बार्गेनिंग, VCK की Dy CM मांग और तमिलनाडु की Dravidian राजनीति का भविष्य...
राज्यपाल से तीसरी मुलाकात: 116 हस्ताक्षर और अभी भी अधूरा गणित
4 मई को चुनाव नतीजे आए। TVK सबसे बड़ी पार्टी बनी - 108 सीटें। 234 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत के लिए 118 चाहिए थे। 10 सीटें कम।
- पहली मुलाकात (बुधवार): विजय ने दावा किया, लेकिन राज्यपाल ने लिखित समर्थन मांगा।
- दूसरी मुलाकात (गुरुवार): फिर इनकार। बहुमत साबित नहीं। TVK समर्थकों ने प्रदर्शन किए, विपक्ष ने केंद्र पर 'देरी का आरोप' लगाया।
- तीसरी मुलाकात (शुक्रवार शाम): विजय ने लोक भवन पहुंचकर 116 समर्थन पत्र सौंपे। सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस के 5, CPI के 2, CPI(M) के 2 और कुछ अन्य के हस्ताक्षर थे। लेकिन VCK का औपचारिक पत्र अभी नहीं पहुंचा।
राजभवन सूत्रों के मुताबिक, VCK का पत्र मिलने के बाद ही शपथ की घोषणा होगी। TVK नेता पिछले दो घंटे से VCK प्रमुख थोल. थिरुमावलवन से संपर्क करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उनका कोई पता नहीं चल पा रहा।
IUML का यू-टर्न और VCK की बार्गेनिंग: आखिरी मोड़ का सस्पेंस
पहले खबर थी कि IUML ने बिना शर्त समर्थन दे दिया, लेकिन शुक्रवार रात IUML ने साफ इनकार कर दिया कि हम DMK गठबंधन के साथ बने रहेंगे। इससे TVK को दो सीटों का नुकसान हुआ।
VCK (2 सीटें) अभी भी अहम है। सूत्र बताते हैं कि VCK ने उप-मुख्यमंत्री पद की मांग की है। TVK ने इसके बदले शहरी मामलों का पोर्टफोलियो देने की पेशकश की। थिरुमावलवन फिलहाल 'अनुपलब्ध' दिख रहे हैं, लेकिन VCK ने TVK को समर्थन पत्र भेजने की पुष्टि भी की है। यह द्वंद्व ही शपथ में देरी का कारण है।
- CPI(M) का दावा: CPI(M) नेता के. बालकृष्णन ने कहा कि शपथ समारोह कल सुबह 11 बजे होगा। हमने समर्थन दिया और विजय ने खुद आकर धन्यवाद दिया। लेकिन राज्यपाल कार्यालय ने बताया कि विजय को अभी शपथ के लिए आमंत्रित नहीं किया गया। बहुमत साबित नहीं हुआ।
सीटों का गणित: 116 vs 118 - कहां फंसा है आंकड़ा?
| पार्टी | सीटें जीतीं | TVK को समर्थन | कुल योगदान |
|---|---|---|---|
| TVK (विजय) | 108 | - | 108 |
| कांग्रेस | 5 | हां | +5 |
| CPI | 2 | हां | +2 |
| CPI(M) | 2 | हां | +2 |
| VCK | 2 | अभी पेंडिंग | +2? |
| IUML | 2 | इनकार | 0 |
| TVK+ कुल | - | - | 116 (अभी) |
(नोट: विजय ने दो सीटों से जीत हासिल की - पेरम्बूर और तिरुचिरापल्ली पूर्व। एक सीट छोड़नी होगी, इसलिए प्रभावी ताकत थोड़ी कम हो सकती है।)
गहन राजनीतिक विश्लेषण: क्यों फंस गया शपथ ड्रामा?
- 1. VCK की अहमियत: VCK दलित-आधारित पार्टी है। थिरुमावलवन ने DMK गठबंधन छोड़ने से पहले 'सामाजिक न्याय' और पद की मांग की। TVK ने युवा वोटर्स पर भरोसा जताया, लेकिन दलित-मुस्लिम वोट बैंक को संभालने के लिए VCK-IUML जरूरी थे।
- 2. कांग्रेस-DMK दरार: कांग्रेस ने TVK को समर्थन देकर DMK से नाता तोड़ा। MK स्टालिन ने इसे 'INDIA ब्लॉक का अंत' बताया। राहुल गांधी और खड़गे शपथ में शामिल होने वाले थे, लेकिन अब अनिश्चितता है।
- 3. राज्यपाल की भूमिका पर बहस: अर्लेकर ने दो बार 'स्पष्ट प्रमाण' मांगा। विपक्ष इसे 'केंद्र का दबाव' बता रहा है। VCK और लेफ्ट ने कहा कि सबसे बड़ी पार्टी को बुलाओ, फ्लोर टेस्ट में बहुमत साबित होगा।
- 4. विजय का सफर: अभिनेता से नेता बने विजय ने पहली बार चुनाव लड़ा और Dravidian duopoly (DMK-AIADMK) तोड़ दिया। लेकिन पोस्ट-पोल गठबंधन बनाने में अनुभव की कमी दिख रही। फैन पावर युवा वोट लाई, लेकिन संख्या गणित में अटक गए।
आगे क्या? तमिलनाडु का भविष्य और संभावित परिदृश्य
- सिनेरियो 1: VCK पत्र आज रात या सुबह पहुंचता है तो, 9 मई को 11 बजे शपथ Nehru Indoor Stadium में होगा। मुख्य मेहमान: राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, वामपंथी नेता, TVK कार्यकर्ता।
- सिनेरियो 2: VCK मांग मान नहीं जाता तो, राज्यपाल फ्लोर टेस्ट का सुझाव दे सकते हैं या राष्ट्रपति शासन की सिफारिश।
यह ड्रामा सिर्फ शपथ का नहीं, तमिलनाडु की 60 साल पुरानी द्रविड़ राजनीति के अंत का प्रतीक है। TVK की जीत युवा क्रांति थी, लेकिन गठबंधन की नाजुकता साबित कर रही है कि सिनेमा स्टार का जादू अकेला काफी नहीं, संख्या गणित भी जरूरी है।













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