“भारत की हर मिसाइल अचूक- हमारी एक भी निशाने पर नहीं लगी" Pakistani पत्रकार ने खोली आसिम मुनीर की धोती- Video
Opration Sindoor: पाकिस्तानी पत्रकार Moeed Pirzada ने मई 2025 में हुए भारत-पाकिस्तान जंग और ऑपरेशन सिंदूर को लेकर ऐसे बयान दिए हैं पाकिस्तान एक बार फिर बेनकाब हुआ है। एक वीडियो विश्लेषण में पीरजादा ने पाकिस्तान के आधिकारिक जीत वाले दावों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि भारत के अंदर कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ, जबकि भारतीय सेना ने पाकिस्तान के कई ठिकानों को बेहद सटीक तरीके से निशाना बनाया।
पाकिस्तान में साफ दिखे हमलों के निशान- पीरजादा
पीरजादा ने वीडियो में कहा कि "भारतीय सेना ने BrahMos जैसी एडवांस मिसाइलों का इस्तेमाल करते हुए पाकिस्तान के करीब 24 ठिकानों पर सटीक हमले किए थे। पाकिस्तान की तरफ से जवाबी कार्रवाई जरूर हुई, लेकिन भारतीय इलाके में कोई खास नुकसान नहीं पहुंचा। भारत द्वारा जारी की गई सैटेलाइट तस्वीरों में पाकिस्तानी सैन्य ढांचे पर हमलों के साफ सबूत दिखाई दिए, जबकि पाकिस्तान उसी तरह की पारदर्शिता नहीं दिखा सका।"

"48 घंटे और युद्ध चलता तो हालत और खराब होती"
मोईद पीरजादा ने यह भी दावा किया कि "अगर यह जंग 48 घंटे और चलती, तो पाकिस्तान एयर फोर्स के कई रनवे और एयरबेस गंभीर नुकसान झेल सकते थे।" उन्होंने कहा कि "पाकिस्तान एयरफोर्स पर उस समय बहुत ज्यादा दबाव था और लगातार हमलों की स्थिति में सिस्टम लगभग "क्राइसिस मोड" में पहुंच सकता था। उनके मुताबिक, भारत नहीं बल्कि पाकिस्तान ने अमेरिकी राजनयिक हस्तक्षेप के जरिए तुरंत सीजफायर की मांग की थी।
“भारत का हर मिसाइल अचूक था, हमारा एक भी मिसाइल निशाने पर नहीं पहुँचा, अमरीका ने बचा लिया, युद्ध 48 घंटे और चलता तो हम तबाह हो जाते”
~ मोइद पीरज़ादा, पाकिस्तानी पत्रकार
— ANUPAM MISHRA (@scribe9104) May 9, 2026
pic.twitter.com/bfGK0Si6nA
क्या था ऑपरेशन सिंदूर?
भारत ने 7 मई 2025 को ऑपरेशन सिंदूर लॉन्च किया था। यह कार्रवाई अप्रैल 2025 में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में की गई थी, जिसमें 26 नागरिकों की मौत हुई थी। भारत ने इस ऑपरेशन को पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में मौजूद आतंकी संगठनों के इंफ्रास्ट्रक्चर के खिलाफ एक टारगेटेड मिशन बताया था।
जैश और लश्कर के ठिकाने बने निशाना
भारतीय हमलों में कथित तौर पर Jaish-e-Mohammed और Lashkar-e-Taiba जैसे आतंकी संगठनों के ठिकानों को निशाना बनाया गया। शुरुआती एयरस्ट्राइक के बाद यह संघर्ष तेजी से मिसाइल, ड्रोन और भारी तोपखाने की लड़ाई में बदल गया।
पाकिस्तान ने शुरू किया 'बुनियान-उल-मरसूस'
जवाब में पाकिस्तान ने "बुनियान-उल-मरसूस" नाम का अपना ऑपरेशन शुरू किया। पाकिस्तानी अधिकारियों ने दावा किया कि उन्होंने भारतीय सैन्य ठिकानों पर हमला किया और कुछ भारतीय विमानों को भी गिराया। हालांकि न पाकिस्तान और न ही उसकी मदद कर रहा कोई भी देश उसके कथित सफल हमलों के सबूत नहीं दे सका। दूसरी तरफ भारत लगातार यह कहता रहा कि उसकी कार्रवाई सिर्फ आतंकी ढांचे तक सीमित थी और उसका उद्देश्य तनाव बढ़ाना नहीं था।
चार दिन बाद हुआ युद्धविराम
यह युद्ध कुल चार दिन तक चला और 10 मई 2025 को युद्धविराम पर खत्म हुआ। दोनों देशों ने अपनी-अपनी जीत का दावा किया। भारत ने कहा कि उसने आतंकी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचाया, जबकि पाकिस्तान ने दावा किया कि उसने भारतीय हमलों का मजबूती से जवाब दिया।
पाकिस्तान में सच बोलना आसान नहीं"
युद्ध खत्म होने के कई महीनों बाद मोईद पीरजादा के बयान सामने आए। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में जनता को "मिसलीडिंग नैरेटिव" यानी भ्रामक कहानी दिखाई जा रही है। उन्होंने भारतीय मिसाइल सिस्टम की सटीकता और पाकिस्तान की सुरक्षा व्यवस्था की कमजोरियों पर भी खुलकर बात की। पीरजादा के मुताबिक, पाकिस्तान में इस तरह की कमियों पर खुलकर बोलना आसान नहीं होता।
सोशल मीडिया पर छिड़ गई बहस
पत्रकार के इन बयानों के बाद सोशल मीडिया पर जमकर बहस शुरू हो गई। कुछ लोगों ने उन्हें सच्चाई बोलने वाली दुर्लभ आवाज बताया, जबकि आलोचकों ने उन पर पाकिस्तान का मनोबल गिराने का आरोप लगाया। भारत में उनके बयान को ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सेना की रणनीतिक बढ़त और तकनीकी क्षमता की पुष्टि के तौर पर देखा गया।
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