Kitchen Gardening : छोटे निवेश में घर पर उगाएं टमाटर, मिर्च जैसी सब्जियां
किचन गार्डनिंग (Kitchen Gardening) की मदद से छोटे निवेश से भी अच्छे फायदे हासिल किए जा सकते हैं। सेहत के लिहाज से सबसे बड़ा फायदा ताजी और ऑर्गेनिक सब्जियां घर पर ही मिलना है। जानिए किचन गार्डन से जुड़े कुछ टिप्स
नई दिल्ली, 31 मई : बढ़ती महंगाई से त्रस्त जनता के लिए किचन गार्डनिंग (Kitchen Gardening) एक शानदार विकल्प बन सकता है। टमाटर जैसी सब्जियों के दाम जब आसमान छूने लगें तो खाने का जायका बरकरार रखना चैलेंजिंग हो जाता है। ऐसे में किचन गार्डन में टमाटर उगाने का विकल्प किफायती होने के साथ सेहत के लिए भी ठीक है। वनइंडिया हिंदी की इस रिपोर्ट में जानिए, किचन गार्डनिंग के दौरान किन छोटी बातों का ध्यान रखना चाहिए, जिससे कम लागत में सब्जियों की शानदार उपज हासिल की जा सके।

घर पर ही उगाएं सब्जियां
कुछ दिनों पहले टमाटर की कीमतों में उछाल की खबर सुर्खियों में रही थी। आलम ये था कि टमाटर 100 रुपये किलो से भी अधिक की दर से बेचे गए। सब्जियों की अप्रत्याशित कीमतों के कारण खाने की थाली का जायका बिगड़ने की आशंका होती है। इस समस्या का समाधान है किचन गार्डनिंग। दरअसल, बाजार की सप्लाई पर निर्भर होने के कारण टमाटर और मिर्च जैसी चीजों की कीमतें अक्सर रुलाती हैं। ऐसे में जेब ढीली करने से बचने के लिए खुद टमाटर, मिर्च और धनिया के अलावा कई और जैसी चीजें घर पर ही उगाई जा सकती हैं। इसके लिए मिट्टी से भरे कुछ गमले, धूप और थोड़ी मेहनत सबसे जरूरी चीजें हैं।
थोड़े पैसों का निवेश और मेहनत
घर की बालकनी में अक्सर धूप आती ही है। ऐसे में ये जगह सब्जियां उगाने की परफेक्ट चॉइस हो सकती है। बालकनी में सब्जियों के गमले रखे जा सकते हैं। यहां धूप, हवा और सिंचाई के पानी की समस्या भी नहीं होगी। बस जरूरत है थोड़ा समय देने की। थोड़े पैसों का निवेश और मेहनत करने के बाद आपके घर पर हरियाली तो रहेगी ही, साथ ही आप टमाटर, मिर्च, पालक और धनिया जैसी चीजें हर समय आपके पास अवेलेबल होंगी। मतलब बाजार की कीमतों और चीजों की गुणवत्ता की टेंशन खत्म।
इस तरह अच्छी मात्रा में उगाएं सब्जियां
किचन गार्डनिंग यानी घर में सब्जियों की खेती करते समय कोशिश करें कि सब्जियों के पौधों की रोपाई बड़े गमलों में की जाए। इससे जड़ों को अधिक फैलने का मौका मिलेगा। जड़ें फैलने के साथ-साथ पौधे भी मजबूत बनेंगे और बड़े पौधों में फल भी अच्छी मात्रा में उगाए जा सकेंगे। खुले खेत की तुलना में कम जगह और आसानी से होने वाली किचन गार्डनिंग में भी मौसम का ध्यान रखना जरूरी है। ऐसा इसलिए क्योंकि बेमौसम लगाई गई सब्जियों से फल हासिल करना मुश्किल होगा। कृषि के जानकारों की राय ले सकते हैं।
इंटरनेट की मदद से खेती
दूसरा विकल्प स्मार्ट फार्मिंग का भी है। यानी इंटनेट। अगर आप गूगल सर्च करने के शौकीन हैं तो इस ऑप्शन से भी आपको मदद मिल सकती है। किस मौसम में कैसी सब्जियां लगाएं, ये जानने के लिए कई मोबाइल ऐप्लिकेशन मौजूद हैं। इनकी मदद से आप टमाटर, मिर्च, धनिया, पुदिना और बैंगन जैसे पौधों को लगाने का सही समय जान सकते हैं। विशेषज्ञों की राय लेने का भी ऑप्शन मौजूद है, तो इनोवेटिव फार्मिंग या किसी नए पौधे की रोपाई भी ट्राई की जा सकती है।
अच्छी बीजों का चुनाव सबसे अहम
किसी भी फसल में बीजों की अहम भूमिका होती है। ऐसे में प्रयास करें कि जो भी सब्जी आप लगाना चाहते हैं, उसके बीज कृषि विशेषज्ञों की ओर से सुझाए गए हों। मतलब खेती के साथ थोड़ा विज्ञान जोड़ने पर फसल अच्छी हासिल की जा सकती है। अच्छी किस्म के बीजों की रोपाई से सब्जियों की शानदार उपज हासिल की जा सकती है।
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