टिड्डियों का हमला: हरियाणा में हाई अलर्ट, सुपरविजन टीमें गठित, जारी किए ये हेल्पलाइन नंबर
हिसार/रेवाड़ी। राजस्थान-मप्र समेत देश के कई राज्यों में हुए टिड्डी दल के हमले से हरियाणा के किसान भी चिंतित हैं। यहां भी कई जिलों में टिड्डियां देखी गई हैं, लेकिन अभी झुंड नहीं पहुंचे हैं। इस विपदा से निपटने की तैयारियां करते हुए हरियाणा सरकार ने हाई अलर्ट जारी कर दिया है। हिसार, भिवानी जैसे जिलों में कीटनाशक दवाइयों के भण्डार तैयार हैं। कृषि विभाग की शाखा द्वारा किसानों की मदद को हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं। प्रशासन ने किसान बंधु नामक हेल्पलाइन नंबर-01662-225713 बताया है। साथ ही कृषि विभाग के नोडल अधिकारी डॉ. अरुण कुमार (9215809009) की ओर से कहा गया है कि, हिसार के किसी गांव में टिड्डी दल के आने की सूचना मिले तो किसान तुरंत सूचना दें।

स्थिति पर नजर रखने के लिए सुपरविजन टीमें लगीं
टिड्डियों के संबंध में सभी उपमंडलों में आवश्यक प्रबंधों के लिए संबंधित एसडीएम को अपने-अपने उपमंडल के नोडल अधिकारी के लिए आदेश दे दिए गए हैं। राज्य में स्थिति पर नजर रखने के लिए सुपरविजन टीमें भी गठित की जा चुकी हैं। हरियाणा की मुख्य सचिव की केशनी आंनद अरोड़ा ने हाल ही आला अफसरों के साथ बैठक की थी। उसके अलावा हरियाणा की मुख्य सचिव केशनी आनंद अरोड़ा ने कृषि विभाग और जिला प्रशासन के अधिकारियों को राज्य में टिड्डी दल के हमले से निपटने के लिए पूर्व में ही सभी प्रकार की सावधानियां बरतने और व्यवस्था करने के निर्देश दिए।

कीटनाशक दवाओं के लिए स्टॉक उपलब्ध करवाए
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव संजीव कौशल ने बैठक में कहा कि पड़ोसी राज्यों पंजाब-राजस्थान में टिड्डी दल के हमले की रिपोर्ट आने के बाद हरियाणा को भी हाई अलर्ट पर रखा गया है। यहां टिड्डी दल के हमले को नियंत्रित करने के लिए हैफेड और हरियाणा भूमि सुधार और विकास निगम के माध्यम से कीटनाशकों अर्थात क्लोरपायरीफॉस-20% ईसी और क्लोरपायरीफॉस 50% ईसी का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध करवाया गया है। जरूरत पड़ने पर किसानों को इनके लिए संपर्क करने के लिए कहा जा रहा है।

टिड्डी चेतावनी संगठन के साथ नियमित संपर्क में
संजीव कौशल ने यह भी बताया कि, पड़ोसी राज्यों और कुछ अन्य राज्यों में टिड्डी दल ने फसलों पर हमला करने के बाद हरियाणा के 9 जिलों में जहां कीट हमले की आशंका है, जिसके चलते उन्हें हाई अलर्ट पर रखा है। किसी भी हमले से निपटने के लिए पहले से ही किसानों के वॉट्सएप ग्रुप चल रहे हैं। लोगों भी अपने खेतों में टिड्डी के बारे में सतर्क रहने के लिए कहा गया है। इतना ही नहीं, कृषि विभाग के अधिकारी टिड्डी दल की आगे बढ़ने की गति के बारे में आवश्यक जानकारी के लिए जोधपुर सेंट्रल इंस्टीट्यूट फॉर टिड्डी वॉर्निंग (टिड्डी चेतावनी संगठन) के साथ नियमित संपर्क में हैं।












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