देश को बीज नीति की जरूरत: जयराम रमेश

रमेश ने यहां संवाददाताओं से कहा, "हमारे पास एक बीज नीति होनी चाहिए और मैं सोचता हूं कि बीज उतने ही महत्वपूर्ण हैं जितने कि अंतरिक्ष और परमाणु रिएक्टर। हमारे पास 2004 से ही बीज अधिनयम लंबित पड़ा हुआ है। हमें अपने बीज उद्योग की ओर देखने की जरूरत है। मैं सार्वजनिक क्षेत्र के बीज उद्योग की मौलिक प्रधानता में विश्वास करता हूं।" रमेश ने कहा कि भारतीय कृषि क्षेत्र को निजी क्षेत्र के बीज उद्योग पर निर्भर नहीं रहना चाहिए।
रमेश ने कहा, "मैं मानता हूं कि कृषि क्षेत्र में जैव प्रौद्योगिकी के लिए सार्वजनिक क्षेत्र बहुत महत्वपूर्ण है। हम कृषि क्षेत्र में निजी क्षेत्र की जैव प्रौद्योगिकी पर निर्भर नहीं रह सकते। स्वास्थ्य और उद्योग क्षेत्र की जैव प्रौद्योगिकी की बात अलग है लेकिन कृषि क्षेत्र की जैव प्रौद्योगिकी सबसे अनूठी है।" रमेश के अनुसार यदि जीन परिवर्धित दोनों फसलें (बीटी बैंगन और बीटी कॉटन) सार्वजनिक क्षेत्र से आई होतीं तो वर्तमान विवाद पैदा नहीं हुआ होता।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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